20 सितंबर 2026 का पंचांग: नवमी तिथि, सूर्य उदय-ास्त समय
भाद्रपद शुक्ल नवमी, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, सौभाग्य योग और राहुकाल की जानकारी
20 सितंबर 2026 को भाद्रपद मास की शुक्ल नवमी तिथि शाम 5:51 बजे तक रहेगी, सूर्य का उदय सुबह 6:08 बजे और अस्त शाम 6:20 बजे होगा। इस दिन राहुकाल शाम 4:49 बजे से 6:20 बजे तक रहेगा, इसलिए इस समय शुभ कार्य टालने की सलाह दी गई है। शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:34 से 5:21 बजे तक और अभिजित मुहूर्त 11:50 से 12:39 बजे तक रहेगा।
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20 सितंबर 2026 रविवार को भाद्रपद मास की शुक्ल नवमी तिथि शाम 5:51 बजे तक रहेगी। इस दिन सूर्य का उदय सुबह 6:08 बजे और सूर्यास्त शाम 6:20 बजे होगा। पंचांग के अनुसार पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 21 सितंबर की सुबह 4:34 बजे तक रहेगा, उसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र शुरू होगा।
पंचांग के अनुसार आज कौलव करण, सौभाग्य योग और पश्चिम का दिशाशूल रहेगा। चंद्रमा धनु राशि में स्थित है। दिनमान 12 घंटे 12 मिनट 2 सेकंड और रात्रिमान 11 घंटे 48 मिनट 27 सेकंड रहेगा। चंद्रमा का उदय दोपहर 2:34 बजे और चन्द्रास्त 21 सितंबर की रात 12:42 बजे होगा।
आज का राहुकाल शाम 4:49 बजे से 6:20 बजे तक रहेगा, इसलिए ज्योतिष सलाह के अनुसार इस समय शुभ कार्य टालना चाहिए। रविवार व्रत और सूर्य पूजा का दिन है, जिसमें सूर्य देव के मंत्रों का जाप और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ लाभकारी माना जाता है। पूजा के बाद सूर्य से जुड़ी वस्तुओं का दान करने से सूर्य दोष दूर होता है।
शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:34 बजे से 5:21 बजे तक, अभिजित मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:39 बजे तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2:16 बजे से 3:05 बजे तक रहेगा। अमृत काल रात 11:12 बजे से 21 सितंबर की रात 12:59 बजे तक रहेगा।
द्रिक ऋतु के अनुसार शरद ऋतु चल रही है, जबकि वैदिक ऋतु के अनुसार वर्षा ऋतु है। सूर्य कन्या राशि में स्थित होकर उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं।
21 सितंबर की सुबह 4:34 बजे से उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, सिद्ध योग, जीवनम अर्ध जीवन, होमाहुति और कुम्भ चक्र दक्षिण में रहेगा। आज के दिन सौभाग्य योग दोपहर 3:23 बजे तक रहेगा, इसके बाद तैतिल करण पूरी रात रहेगा।
पिछले महीने 3 सितंबर 2026 का पंचांग प्रकाशित हो चुका है, जिसमें शुभ मुहूर्त और राहुकाल की जानकारी दी गई थी। इस बार का पंचांग नई ज्योतिषीय स्थितियों के अनुसार तैयार किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पंचांग में दिशा शूल क्या होता है?
- दिशा शूल पंचांग में दिन की दिशाओं में होने वाली ग्रह स्थितियों को दर्शाता है जो अशुभ मानी जाती हैं।
- राहुकाल में कार्य टालने का कारण क्या है?
- राहुकाल को ज्योतिष में अशुभ समय माना जाता है इसलिए शुभ कार्य टालने की सलाह दी जाती है।
- रविवार व्रत और सूर्य पूजा का महत्व क्या है?
- रविवार व्रत सूर्योदय से जुड़े हैं और सूर्य देव के मंत्रों का जाप करने से मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक लाभ होता है।
- चंद्रमा की राशि और उसका पंचांग में क्या महत्व है?
- चंद्रमा की राशि मनोभाव और दैनिक प्रभाव निर्धारित करती है, और इसका उदय-चंद्रास्त समय भी पंचांग में दिया जाता है।
- अमृत काल किस प्रकार शुभ माना जाता है?
- अमृत काल को सबसे शुभ समय माना जाता है जब कोई भी कार्य करना लाभकारी होता है।
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