इमरजेंसी में किशोर कुमार के गानों पर ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन ने लगाया बैन
अमित कुमार ने बताया कि दो घंटे में बैन लगा, गायक ने दिल्ली आने से किया इनकार
1975-77 की इमरजेंसी के दौरान किशोर कुमार के गानों को ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर सुनाने पर बैन लगा दिया गया था। उनके बेटे अमित कुमार के अनुसार, यह बैन दिल्ली से फोन आने के दो घंटे के भीतर लागू किया गया। इमरजेंसी खत्म होने के बाद उनके गाने पुनः प्रसारित होने लगे।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
1975 से 1977 के इमरजेंसी के दौरान हिंदी सिनेमा के महान गायक किशोर कुमार के गानों को सरकारी रेडियो और दूरदर्शन पर सुनाने पर रोक लगा दी गई थी। उनके बेटे अमित कुमार ने बताया कि इमरजेंसी लगने के बाद दिल्ली से आए फोन के दो घंटे के भीतर ही यह बैन लागू हो गया।
किशोर कुमार उस समय अपने करियर के चरम पर थे और उनकी आवाज़ की मांग बहुत अधिक थी। अमित कुमार ने कपिल शर्मा के शो में बताया कि मंत्रालय के एक अधिकारी ने उनसे संपर्क किया और दिल्ली आने के लिए कहा। अधिकारी ने टिकट भेजने की बात कही और अगले दिन के शो में शामिल होने को कहा।
किशोर कुमार ने इस प्रस्ताव को सीधे स्वीकार नहीं किया बल्कि बातचीत के लिए अधिकारी अपना कोई प्रतिनिधि भेजने की शर्त रखी। उन्होंने कहा कि अगर भगवान भी आकर कहें, तब भी वह इस तरह नहीं आ सकते। इस जवाब से अधिकारी नाराज हो गए।
अमित कुमार के अनुसार, इस बातचीत के लगभग दो घंटे के भीतर ही किशोर कुमार पर बैन लगा दिया गया। इसके बाद उनके गाने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर सुनाई देना बंद हो गए।
हालांकि, सरकारी माध्यमों से दूरी ने उनकी लोकप्रियता को कम नहीं किया। उनके चाहने वालों के बीच उनकी आवाज़ और गानों का जादू पहले की तरह कायम रहा। इमरजेंसी खत्म होने के बाद उनके गाने फिर से रेडियो और दूरदर्शन पर बजने लगे।
किशोर कुमार अपनी बेबाकी और अपने फैसलों पर कायम रहने के लिए भी जाने जाते थे। उनकी गायकी की शुरुआत संगीत निर्देशक खेमचंद प्रकाश ने फिल्म 'जिद्दी' (1948) में गाने का मौका देकर की थी। इसके बाद उन्होंने कई यादगार गीत दिए, जैसे 'एक लड़की भीगी भागी सी', 'मेरे सपनों की रानी', 'ये शाम मस्तानी', 'ओ मेरे दिल के चैन', 'हमें तुमसे प्यार कितना', 'पल पल दिल के पास' और 'जिंदगी एक सफर है सुहाना'।
उनकी आवाज़ का जादू आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है और उनके गाने प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- इमरजेंसी में किशोर कुमार के गानों पर बैन क्यों लगाया गया?
- उनकी बेबाकी और अपने फैसलों पर कायम रहने के कारण सरकारी अधिकारियों ने बैन लगाया।
- किशोर कुमार ने मंत्रालय के अधिकारी को क्या जवाब दिया था?
- उन्होंने कहा कि अगर भगवान भी आएं तो इस तरह के आदेश स्वीकार नहीं करेंगे।
- किशोर कुमार की गायकी की शुरुआत कैसे हुई?
- उन्होंने संगीत निर्देशक खेमचंद प्रकाश द्वारा फिल्म 'जिद्दी' (1948) में गाने का मौका मिला।
- क्या इमरजेंसी के दौरान बैन उनके लोकप्रियता पर असर पड़ा?
- नहीं, उनके चाहने वालों के बीच उनकी लोकप्रियता और आवाज़ का जादू बना रहा।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद








Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.