चूरू की 2 खबरें: चूरू में महिला सुरक्षा केंद्र ने दो साल से अलग पति-पत्नी को फिर से जोड़ा
कांग्रेस ने निकाय चुनाव के बाद पुलिस-प्रशासन पर दबाव का आरोप लगाया
चूरू के महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र ने दो साल से अलग रह रहे पति-पत्नी को समझाकर फिर से साथ रहने के लिए राजी कराया है। वहीं, जिला कांग्रेस कमेटी ने निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस पार्षदों पर पुलिस-प्रशासन द्वारा दबाव और धमकाने का आरोप लगाया है और सुरक्षित माहौल की मांग की है।
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चूरू। चूरू ज़िले की ताज़ा खबरें एक जगह — चूरू में महिला सुरक्षा केंद्र ने दो साल से अलग पति-पत्नी को फिर से जोड़ा; कांग्रेस ने निकाय चुनाव के बाद पुलिस-प्रशासन पर दबाव का आरोप लगाया.
चूरू में महिला सुरक्षा केंद्र ने दो साल से अलग पति-पत्नी को फिर से जोड़ा
चूरू के महिला थाना के महिला सुरक्षा और सलाह केंद्र ने दो साल से अलग रह रहे पति-पत्नी को फिर से साथ रहने के लिए राजी कर लिया है। 7 सितंबर को महिला ने अपने पति के खिलाफ झगड़े की शिकायत केंद्र में दी थी। परामर्शदाताओं ने दोनों को बुलाकर समझाया और वे साथ रहने को तैयार हो गए।
काजल की शादी तीन साल पहले तारानगर के भलाउ ताल निवासी विशाल से हुई थी। शादी के एक साल बाद दोनों के बीच मनमुटाव शुरू हो गया और झगड़े बढ़ने पर काजल अपने पीहर आ गई। वहां उसका एक दो साल का बेटा है। काजल पिछले दो साल से अपने पीहर में रह रही थी।
परिवार ने दोनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। 7 सितंबर को काजल महिला थाना के महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र पहुंची और परामर्शदाता कामिनी व सुमित्रा को पति के साथ मनमुटाव का प्रार्थना पत्र दिया। परामर्शदाताओं ने दोनों को साथ रहने के लिए समझाया।
विशाल हनुमानगढ़ के गांव नथवाणिया में कबाड़ी का काम करता है। अब दोनों पति-पत्नी बच्चे सहित नथवाणिया गांव में एक साथ रहेंगे। महिला थानाधिकारी कुसुमलता के नेतृत्व में स्टाफ ने इस परिवार को फिर से बसा दिया है।
कांग्रेस ने निकाय चुनाव के बाद पुलिस-प्रशासन पर दबाव का आरोप लगाया
चूरू में जिला कांग्रेस कमेटी ने निकाय चुनाव में जीते कांग्रेस पार्षदों पर पुलिस और प्रशासन के दबाव, डराने-धमकाने और प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर पार्षदों को सुरक्षित माहौल देने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
जिला कांग्रेस कमेटी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि यदि चुनावी प्रक्रिया और जनादेश को प्रभावित करने की कोई कोशिश होती है तो कांग्रेस संवैधानिक तरीके से इसका विरोध करेगी।
पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिस-प्रशासन को किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता के रूप में नहीं, बल्कि निष्पक्ष संवैधानिक संस्था के रूप में काम करना चाहिए। इस दौरान राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव रियाजत खान, जिला कांग्रेस प्रवक्ता रामेश्वर प्रजापति, जिला प्रवक्ता जमील चौहान, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष शेर खान मलकान सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- महिला सुरक्षा केंद्र ने पति-पत्नी को कैसे सुलझाया?
- परामर्शदाताओं ने दोनों को बुलाकर उनके बीच मनमुटाव के कारण समझाया और उनके साथ रहने के लिए राजी किया।
- कांग्रेस ने पुलिस-प्रशासन को किन बातों के लिए जिम्मेदार ठहराया?
- कांग्रेस ने जीते हुए पार्षदों पर दबाव, डराने-धमकाने और प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया है।
- कांग्रेस ने अपनी शिकायत किसे दी है और क्या माँगा है?
- कांग्रेस पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर पार्षदों के लिए सुरक्षित माहौल और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
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