मौसम लाटघाट 4 MIN READ

गंगा का जलस्तर बढ़ा, लाटघाट में बाढ़ का खतरा बढ़ा

प्रशासन सतर्क, प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी, संपर्क मार्ग डूबे

लाटघाट में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। तहसीलदार रामनारायण वर्मा ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी कर रहा है। प्रभावित इलाकों में खाद्य सामग्री और दवाओं की व्यवस्था की गई है।
AI सार

लाटघाट में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। प्रशासन ने स्थिति पर निगरानी रखते हुए प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री की व्यवस्था की है और बाढ़ कंट्रोल रूम सक्रिय किया है।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

लाटघाट में बाढ़ प्रभावित इलाके का दृश्य
लाटघाट में बाढ़ प्रभावित इलाके का दृश्य / सोशल मीडिया

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

 लाटघाट में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। तहसीलदार रामनारायण वर्मा ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी कर रहा है। प्रभावित इलाकों में खाद्य सामग्री और दवाओं की व्यवस्था की गई है।

गंगा के बढ़ते जलस्तर से जिले के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। खेतों में पानी भरने के बाद अब कई गांवों की ओर भी बाढ़ का पानी बढ़ने लगा है। रेवतीपुर, जमानियां, भांवरकोल और सैदपुर क्षेत्र में कई संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। करीब 500 बीघा फसल जलमग्न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

धान, मक्का और सब्जियों की फसलें पानी में डूब गई हैं। रेवतीपुर-मां कामाख्या धाम, पकड़ी-रेवतीपुर बाईपास और रेवतीपुर-रामपुर मार्ग पानी में डूबने से आवागमन प्रभावित है। हसनपुरा और बीरऊपुर के संपर्क मार्ग भी पानी में समा गए हैं। टोंगा और नगदीलपुर के बाहर भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। रेवतीपुर की कई गलियों में पानी घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

बाढ़ में फंसे परिवार को नाव से निकाला गया। जमानियां क्षेत्र में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद प्रशासन ने तटवर्ती गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है। भगीरथपुर गांव के गंगबरार क्षेत्र में बने अस्थायी घर में रामप्रवेश चौधरी पत्नी, बेटी और करीब दस मवेशियों के साथ बाढ़ के पानी में घिर गए थे। सूचना मिलने पर प्रधान प्रतिनिधि राकेश कुमार सिंह ने लेखपाल को जानकारी दी। इसके बाद नाव से पहुंचकर परिवार, मवेशियों, खाने का सामान और चारपाई समेत जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

तहसील प्रशासन ने बाढ़ कंट्रोल रूम शुरू किया है। बाढ़ से संबंधित सहायता के लिए 05497-252074 पर संपर्क किया जा सकता है। धर्मपुर-फिरोजपुर गांव पानी से घिर गया है। ग्रामीण धर्मपुरा पुलिया से आवागमन कर रहे हैं, लेकिन पुलिया के ऊपर करीब दो फीट पानी बह रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गंगा का पानी गांव और सिवान की ओर फैलना शुरू हो गया है। भागड़ नाले से कथार, धर्मपुर, फिरोजपुर और शेरपुर के आसपास के घरों तक पानी पहुंच रहा है।

चरी, बाजार, मिर्च और तिल की फसलें डूबने से नुकसान हो रहा है। मुबारकपुर बस्ती की ओर भी गंगा का पानी बढ़ रहा है। बस्ती के रविंद्र मल्लाह के अनुसार पानी करीब 50 मीटर तक बस्ती की ओर बढ़ चुका है। सैदपुर क्षेत्र के पटना के साथ खरौना, हथौड़ा, शादीभादी, औड़िहार, जौहरगंज, सैदपुर, फुलवारी खुर्द, फुलवारी कला, देवचंदपुर, चकेरी और रामपुर मांझा समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इन गांवों की करीब 150 बीघा खेती प्रभावित हुई है और लगभग 200 से 250 किसान प्रभावित बताए जा रहे हैं।

बूढ़ीपुर में नहर और ताल का पानी मुख्य मार्ग पर भर जाने से आवागमन बाधित है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दस वर्षों से हर बार ऐसी स्थिति बनती है और पानी से होकर आवागमन करना पड़ता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

बलुआ घाट पर बैरिकेडिंग की गई है। जमानियां नगर के बलुआ घाट पर गंगा के तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर पालिका ने एहतियाती कदम उठाए हैं। घाट के किनारे नारियल की रस्सी और बल्लियों से बैरिकेडिंग कर लाल झंडी लगाई गई है। श्रद्धालुओं और नागरिकों से बैरिकेडिंग पार नहीं करने तथा गहरे पानी में नहीं उतरने की अपील की गई है।

बाढ़ प्रभावित गांवों का जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नरवा घाट पर नाव और लाइफ जैकेट की पर्याप्त व्यवस्था करने तथा सीढ़ियों के नीचे बांस की जाली लगाने के निर्देश दिए, ताकि लोग तेज बहाव में न जा सकें। इसके बाद बिरऊपुर और हसनपुरा में ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं।

गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार शाम पांच बजे गंगा 63.390 मीटर पर पहुंच गई। जलस्तर में प्रत्येक दो घंटे में करीब एक सेंटीमीटर की वृद्धि का क्रम जारी है। आपदा विशेषज्ञ अशोक राय के अनुसार वर्तमान में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। वर्ष 2025 में गंगा का उच्चतम जलस्तर 64.690 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि उच्च बाढ़ स्तर 65.220 मीटर निर्धारित है। जिले में बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और सभी बाढ़ चौकियों और राहत केंद्र सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुंचाई जा रही है।

ईओ संतोष कुमार ने बताया कि घाट पर नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। तहसीलदार रामनारायण वर्मा ने कहा, "प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी है।" जिलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री, आवश्यक दवाएं और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की गई है। संजीव कुमार राय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में टीम लगाकर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कितने किसानों की खेती प्रभावित हुई है?
लगभग 200 से 250 किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं।
किस प्रकार की फसलें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं?
धान, मक्का, सब्जियों, चरी, बाजार, मिर्च और तिल की फसलें पानी में डूब गई हैं।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 क्राइम हरियाणा और जम्मू में रिश्वत लेते अधिकारी गिरफ्तार
02 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
03 राजस्थान निहालगंज में जनरल स्टोर से 80 हजार रुपए चोरी
04 शिक्षा तमिलनाडु सरकार ने किसानों-शिक्षकों पर दर्ज केस वापस लेने का एलान किया
Trust & Transparency

How this story was handled

Published3 सितंबर 2026, 10:50 IST IST
Last updated3 सितंबर 2026, 10:51 IST IST
Latest newsroom actionnewsdesk-bot (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under मौसम and aligned with that desk's editorial standards.
Key topic markers used in this story: मौसम.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from मौसम.

मौसम

राजस्थान में मानसूनी हवाओं की वापसी, अगले पांच दिन शुष्क रहेंगे

मौसम

19 सितंबर से छत्तीसगढ़ में मानसून फिर से सक्रिय होगा

शिक्षा

बिहार में बाढ़ से 28 लाख प्रभावित, 120 स्कूल बंद

Recommended Stories

More from मौसम
राजस्थान में मानसूनी हवाओं की वापसी, अगले पांच दिन शुष्क रहेंगे
मौसम
इससे जुड़ी ख़बरें

राजस्थान में मानसूनी हवाओं की वापसी, अगले पांच दिन शुष्क रहेंगे

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 20 सितंबर 2026
19 सितंबर से छत्तीसगढ़ में मानसून फिर से सक्रिय होगा
मौसम
इससे जुड़ी ख़बरें

19 सितंबर से छत्तीसगढ़ में मानसून फिर से सक्रिय होगा

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 17 सितंबर 2026
बिहार में बाढ़ से 28 लाख प्रभावित, 120 स्कूल बंद
शिक्षा
इससे जुड़ी ख़बरें

बिहार में बाढ़ से 28 लाख प्रभावित, 120 स्कूल बंद

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 5 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 क्राइम हरियाणा और जम्मू में रिश्वत लेते अधिकारी गिरफ्तार
02 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
03 राजस्थान निहालगंज में जनरल स्टोर से 80 हजार रुपए चोरी
04 शिक्षा तमिलनाडु सरकार ने किसानों-शिक्षकों पर दर्ज केस वापस लेने का एलान किया

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.