भारत ने अमेरिकी जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम खरीदने का समझौता किया
मई 2026 में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने को-प्रोडक्शन की संभावनाओं का जिक्र किया
भारत ने अमेरिकी जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम की खरीद के लिए लेटर ऑफ ऑफर एंड एक्सेप्टेंस पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सौदे को अमेरिका और भारत के रक्षा संबंधों में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ेगा।
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भारत ने अमेरिकी जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम की खरीद के लिए लेटर ऑफ ऑफर एंड एक्सेप्टेंस पर हस्ताक्षर किए हैं। मई 2026 में शांगरी-ला डायलॉग में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस सौदे को दोनों देशों के रक्षा संबंधों में बड़ा कदम बताया था।
जैवलिन मिसाइल की विशेषताएं
जैवलिन एक पोर्टेबल गाइडेड मिसाइल सिस्टम है, जिसका सामान्य परिचालन दायरा लगभग 65 मीटर से 4 किलोमीटर तक है। इसे दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों, टैंकों और मजबूत ठिकानों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी फायर-एंड-फॉरगेट तकनीक के कारण ऑपरेटर को मिसाइल दागने के बाद लक्ष्य पर लगातार नजर रखने की जरूरत नहीं होती। यह मिसाइल अमेरिकी सेना, मरीन कॉर्प्स और कई अन्य देशों की सेनाओं में इस्तेमाल होती है।
भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों में बढ़ोतरी
इससे भविष्य में दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ेगा।
यह अमेरिका-भारत रक्षा संबंधों में एक बड़ा कदम है और इससे मिलकर उत्पादन की संभावनाओं के रास्ते खुलते हैं।
पीट हेगसेथ, अमेरिकी रक्षा मंत्री
भारत का जैवलिन खरीदने का फैसला दोनों देशों के रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा।
सर्जियो गोर, अमेरिकी राजदूत
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भारत ने कौन सा मिसाइल सिस्टम खरीदा है?
- भारत ने अमेरिकी जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम खरीदा है।
- जैवलिन मिसाइल की विशेष विशेषता क्या है?
- जैवलिन मिसाइल की फायर-एंड-फॉरगेट तकनीक है, जिसके कारण ऑपरेटर को गोली चलाने के बाद लक्ष्य पर नजर रखने की जरूरत नहीं होती।
- यह सौदा भारत और अमेरिका के संबंधों को कैसे प्रभावित करता है?
- यह सौदा भारत और अमेरिका के रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा और मिलकर उत्पादन की संभावनाओं के रास्ते खोलेगा।
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