पश्चिमी राजस्थान में कुरजां का मौसम शुरू, खेतोलाई तालाब पर दिखे पहले झुंड
मंगोलिया से उड़कर आए ये पक्षी खेतों में भोजन करते और शाम को तालाब लौटते हैं
पश्चिमी राजस्थान में प्रवासी पक्षी कुरजां का मौसम शुरू हो गया है और 2 सितंबर को पोकरण के खेतोलाई तालाब पर पहला झुंड देखा गया। ये पक्षी मंगोलिया और मध्य एशिया से उड़कर इस क्षेत्र में आते हैं और आने वाले दिनों में इनके झुंडों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
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जैसलमेर। पश्चिमी राजस्थान में प्रवासी पक्षियों का मौसम शुरू हो गया है। 2 सितंबर को पोकरण के खेतोलाई तालाब पर पहली बार कुरजां पक्षी नजर आए। ये पक्षी मंगोलिया और मध्य एशिया से हजारों किलोमीटर उड़कर इस इलाके में आते हैं।
कुरजां के अलग-अलग प्रवासी समूह सितंबर की शुरुआत से पोकरण-जैसलमेर इलाके में दिखने लगते हैं। ये पक्षी अपनी यात्रा के दौरान कई देशों और मुश्किल रास्तों को पार करते हैं। आने वाले दिनों में इनके झुंडों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
भारत पहुंचने के बाद कुरजां दिन में खेतों और खुले इलाकों में भोजन की तलाश करती हैं। शाम को ये सुरक्षित तालाबों और जलाशयों के पास लौट आती हैं। इनका सफेद-धूसर शरीर, लंबी गर्दन और उड़ने का खास तरीका लोगों को आकर्षित करता है। आने वाले हफ्तों में तालाबों के पास इनके बड़े झुंड दिखने की संभावना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कुरजां पक्षी शाम को कहाँ रहते हैं?
- शाम को ये पक्षी सुरक्षित तालाबों और जलाशयों के पास लौट आते हैं।
- आने वाले समय में कुरजां पक्षियों की संख्या कैसी रहेगी?
- आने वाले दिनों में कुरजां पक्षियों के झुंडों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
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