मनोज जरांगे ने 20 दिन की भूख हड़ताल खत्म की, सरकार को 3 महीने का समय दिया
मराठा एक्टिविस्ट ने मांगों पर कार्रवाई के लिए समयसीमा मांगी, मुंबई मार्च रोका
मराठा एक्टिविस्ट मनोज जरांगे ने 20 दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी है और महाराष्ट्र सरकार को अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए तीन महीने का समय दिया है। सरकार ने 13 में से 12 मांगों पर कार्रवाई की है और जरांगे ने कहा है कि अगर हैदराबाद जीआर तथा सतारा-कोल्हापुर गजट के संशोधन में समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो वे पुनः आंदोलन करेंगे।
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हालांकि। मराठा एक्टिविस्ट मनोज जरांगे ने 20 दिन से जारी भूख हड़ताल गुरुवार को खत्म कर दी। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को अपनी मांगों पर विचार के लिए तीन महीने का समय दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार ने 13 में से 12 मांगों पर कार्रवाई की है।
जरांगे की तबीयत और अस्पताल में भर्ती
जरांगे की तबीयत बिगड़ने पर जिला सर्जन सतीश कुमार सोलंके मेडिकल टीम के साथ पाटोदा पहुंचे। डॉक्टरों ने बताया कि उनका ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर काफी कम हो गया था, साथ ही उन्हें डिहाइड्रेशन भी था। जिला सर्जन ने जरांगे से इलाज कराने का आग्रह किया और आगे की यात्रा करने के बजाय अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी। शिवाजी महाराज के अनुरोध पर उन्होंने सलाइन ली।
मांगें और सरकार से बातचीत
जरांगे ने हैदराबाद गजट जीआर में संशोधन, सतारा और कोल्हापुर गजट को आधिकारिक मान्यता देने की मांग की है। उन्होंने सरकार से इन मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन मांगा है। महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधिमंडल में मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील, दादा भुसे, एमएलसी प्रसाद लाड, विधायक सुरेश धस और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने जरांगे को आंदोलन स्थगित करने और तीन प्रतिनिधि नियुक्त करने को कहा, जो सरकारी काम की प्रगति पर नजर रख सकें।
आंदोलन जारी रहने का संकेत
जरांगे ने कहा कि सरकार ने कुछ मांगें पूरी की हैं, लेकिन आंदोलन वापस तभी होगा जब मुख्यमंत्री हैदराबाद जीआर और सतारा-कोल्हापुर गजट में संशोधन को समयबद्ध तरीके से लागू करने का आश्वासन देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार अगले तीन महीने में आश्वासन से पीछे हटती है तो वह फिर से मुंबई में आंदोलन करेंगे। उन्होंने अपने काफिले के साथ चल रहे मराठा प्रदर्शनकारियों से गांव लौटने की अपील की।
सरकार ने मराठा प्रदर्शनकारियों की 13 में से 12 कानूनी रूप से वैध मांगों पर कार्रवाई की है।
देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री
सतारा और कोल्हापुर गजट पर एडवोकेट जनरल की लिखित राय मिलने के बाद कार्रवाई में करीब 3-4 महीने लग सकते हैं।
राधाकृष्ण विखे पाटील, मंत्री
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सरकार ने जरांगे की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
- सरकार ने 13 में से 12 कानूनी रूप से वैध मांगों पर कार्रवाई की है और प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन स्थगित करने और प्रगति पर नजर रखने के लिए तीन प्रतिनिधि नियुक्त करने को कहा।
- आगे क्या होगा अगर सरकार तीन महीने में आश्वासन पूरा नहीं करती?
- जरांगे ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार तीन महीने में समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन पूरा नहीं करती, तो वह फिर से मुंबई में आंदोलन करेंगे।
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