यूपी में नीट यूजी राउंड 1 की काउंसलिंग रद्द, फिर से च्वाइस भरें
पहले चरण की काउंसलिंग निरस्त, 22 सितंबर को सीट आवंटन होगा
उत्तर प्रदेश में नीट यूजी 2026 की पहली राउंड की काउंसलिंग रद्द कर दी गई है और अभ्यर्थियों को 18 से 21 सितंबर तक पुनः च्वाइस भरनी होगी। यह प्रक्रिया सरकारी और निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों की स्टेट कोटे की सीटों पर लागू होगी, वहीं सीट आवंटन का नया समय 23 से 26 सितंबर के बीच रहेगा। लॉकिंग आवश्यक है और प्रवेश प्रक्रिया अलग-अलग कॉलेजों में अलग होगी।
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उत्तर प्रदेश में नीट यूजी 2026 के तहत पहले चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग रद्द कर दी गई है। इससे पहले जो अभ्यर्थी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में सीट पा चुके थे, उन्हें फिर से च्वाइस भरनी होगी। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार च्वाइस भरने की प्रक्रिया 18 सितंबर शाम 5 बजे से शुरू हो गई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के 16 सितंबर के आदेश के बाद चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय ने पहले चरण की काउंसलिंग का संशोधित शेड्यूल जारी किया है। इसके तहत ऑनलाइन च्वाइस भरने की प्रक्रिया 18 सितंबर शाम 5 बजे से शुरू होकर 21 सितंबर शाम 5 बजे तक चलेगी। अभ्यर्थी 23 से 26 सितंबर के बीच आवंटन पत्र डाउनलोड कर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
यह नया शेड्यूल प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों, संस्थानों और मेडिकल विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस व बीडीएस कोर्सेज की स्टेट कोटे की सीटों पर लागू होगा। महानिदेशालय ने स्पष्ट किया है कि सात सितंबर को हुए पहले चरण के सीट आवंटन को अमान्य माना जाएगा। आवंटन पाने वाले अभ्यर्थियों को संशोधित प्रथम चरण की काउंसलिंग में निर्धारित अवधि में फिर से च्वाइस भरनी और लॉक करनी होगी।
च्वाइस फिलिंग मेरिट सूची के आधार पर होगी। अभ्यर्थियों के लिए च्वाइस लॉक करना अनिवार्य है, अन्यथा वे स्वतः ही आवंटन प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। लॉक करने के बाद च्वाइस में कोई संशोधन नहीं किया जा सकेगा।
राजकीय कॉलेजों में सीट मिलने पर एडमिशन प्रक्रिया सीधे कॉलेज में पूरी होगी, जबकि निजी कॉलेजों में प्रवेश शासन द्वारा निर्धारित नोडल सेंटर पर कराया जाएगा।
सिक्योरिटी राशि ट्यूशन फीस में एडजस्ट नहीं होगी। भुगतान के लिए अभ्यर्थी को अपने बैंक खाते का उपयोग करना होगा क्योंकि काउंसलिंग समाप्ति के बाद अनावंटित और प्रवेश ले चुके अभ्यर्थियों की सुरक्षा राशि इसी खाते में वापस की जाएगी।
पहले राउंड में सीट मिलने के बाद प्रवेश न लेने पर 'फ्री एग्जिट' की सुविधा मिलेगी, जिससे अभ्यर्थी की धरोहर राशि वापस कर दी जाएगी। ऐसे अभ्यर्थी द्वितीय या तृतीय चक्र की काउंसलिंग में फिर से भाग ले सकते हैं।
यह काउंसलिंग उत्तर प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में 85 प्रतिशत एमबीबीएस और बीडीएस सीटों के लिए आयोजित की जाती है। सभी पात्र अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर च्वाइस फिलिंग पूरी करनी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्यों पहली चरण की काउंसलिंग रद्द की गई?
- इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के बाद संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है।
- च्वाइस लॉक करने का क्या महत्व है?
- च्वाइस लॉक नहीं करने पर अभ्यर्थी स्वतः आवंटन प्रक्रिया से बाहर हो जाएगा।
- सिक्योरिटी राशि का भुगतान और वापसी कैसे होगी?
- सिक्योरिटी राशि ट्यूशन फीस में एडजस्ट नहीं होगी और वापसी बैंक खाते में की जाएगी।
- राजकीय और निजी कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया कैसे होगी?
- राजकीय कॉलेज में सीधे कॉलेज में, निजी कॉलेज में शासन निर्धारित नोडल सेंटर से।
- फ्री एग्जिट सुविधा क्या है?
- पहले चरण में सीट लेने के बाद प्रवेश न लेने पर धरोहर राशि वापस की जाएगी।
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