राजस्थान के ज़िलों की 5 खबरें — जैसलमेर: जैसलमेर में भादवा मेले में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन
जालोर: जालोर में अमृता देवी बिश्नोई सहित 363 शहीदों को याद किया | डीग: डीग नगर परिषद उपसभापति पद के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में | फलोदी: फलोदी के बरजासर मंदिर में 14 सितंबर को जागरण और महाप्रसादी | भरतपुर: भरतपुर के बाजारों में कचौरी, जलेबी और चाट का स्वाद
राजस्थान के जैसलमेर में भादवा मेले के दौरान सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई, जिसमें लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और संगीत प्रस्तुत किए। जालोर में अमृता देवी बिश्नोई सहित 363 शहीदों को याद कर श्रद्धांजलि दी गई, जबकि डीग नगर परिषद उपसभापति पद के लिए तीन प्रत्याशियों ने नामांकन किया। फलोदी के बरजासर मंदिर में 14 सितंबर को जागरण और महाप्रसादी का आयोजन होगा।
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राजस्थान। राजस्थान के अलग-अलग ज़िलों से ताज़ा खबरें एक जगह — जैसलमेर: जैसलमेर में भादवा मेले में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन; जालोर: जालोर में अमृता देवी बिश्नोई सहित 363 शहीदों को याद किया; डीग: डीग नगर परिषद उपसभापति पद के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में; फलोदी: फलोदी के बरजासर मंदिर में 14 सितंबर को जागरण और महाप्रसादी; भरतपुर: भरतपुर के बाजारों में कचौरी, जलेबी और चाट का स्वाद.
जैसलमेर: जैसलमेर में भादवा मेले में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन
जैसलमेर के भादवा मेले में सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और संगीत प्रस्तुत कर मेले में आए श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया। सहायक मेला अधिकारी मनवीर सिंह बेनीवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शिरकत की।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना और भजनों से हुई। कलाकारों ने रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में लोक नृत्य और संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे दर्शक राजस्थान की लोक संस्कृति से रूबरू हुए। सांस्कृतिक संध्या में बाबा रामदेव का घोड़लिया नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
प्रस्तुतियों के दौरान तालियों की गड़गड़ाहट से रंगमंच परिसर गूंज उठा और बड़ी संख्या में मेलार्थी एवं स्थानीय लोग देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। भादवा मेले के धार्मिक माहौल के बीच यह सांस्कृतिक संध्या श्रद्धालुओं को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का अवसर बनी।
जालोर: जालोर में अमृता देवी बिश्नोई सहित 363 शहीदों को याद किया
जालोर के डुंगरी और आरवा में अमृता देवी बिश्नोई सहित 363 शहीदों को याद कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में बिश्नोई समाज के लोग, महिलाएं और पर्यावरण प्रेमी बड़ी संख्या में शामिल हुए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का संकल्प लिया।
साल 1730 में खेजड़ली में अमृता देवी बिश्नोई और उनके साथ 363 लोगों ने खेजड़ी पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान दी थी। यह बलिदान प्रकृति संरक्षण का एक अनोखा उदाहरण माना जाता है।
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने मंगलगीत और भजन गाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से माहौल भक्तिमय हो गया। समाज के लोगों ने पारंपरिक कपड़े पहनकर अपनी संस्कृति को जीवंत किया।
पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी महिलाओं ने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और वन्यजीवों की रक्षा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेजड़ली मेला सिर्फ धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने और पर्यावरण बचाने का अहम जरिया है।
यह घटना हमें सिखाती है कि पेड़-पौधे सिर्फ प्रकृति की सुंदरता नहीं, बल्कि जीवन का आधार भी हैं। कार्यक्रम में दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को नमन किया गया।
डीग: डीग नगर परिषद उपसभापति पद के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में
डीग नगर परिषद में उपसभापति पद के लिए मंगलवार को नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई। इस पद के लिए भाजपा के गौरव सोनी और राहुल लवानिया के साथ निर्दलीय प्रदीप शर्मा ने भी नामांकन पत्र दाखिल किए हैं।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रत्याशियों के पास नाम वापस लेने का मौका है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, नाम वापसी सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगी। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक उपसभापति पद के लिए मतदान होगा।
इस मतदान में नगर परिषद के चुने हुए पार्षद हिस्सा लेंगे। मतदान खत्म होने के बाद वोटों की गिनती की जाएगी और उपसभापति पद के लिए चुने गए प्रत्याशी का नाम घोषित किया जाएगा।
उपसभापति पद के चुनाव को लेकर पार्षदों के बीच दिनभर राजनीतिक हलचल तेज रहने की उम्मीद है। सभी की निगाहें दोपहर 2 बजे तक होने वाली नाम वापसी और उसके बाद होने वाले मतदान पर लगी हैं। शाम को चुनाव परिणाम आने के बाद डीग नगर परिषद को नया उपसभापति मिल जाएगा।
फलोदी: फलोदी के बरजासर मंदिर में 14 सितंबर को जागरण और महाप्रसादी
फलोदी के बरजासर स्थित श्री लिखमीदास भोमियाजी मंदिर में 14 सितंबर को जागरण और महाप्रसादी का आयोजन होगा। क्षेत्र के ग्रामीणों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन कमेटी मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रही है।
क्षेत्रवासियों में श्री लिखमीदास भोमियाजी महाराज के प्रति गहरी आस्था है। लोग मानते हैं कि भोमियाजी महाराज के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर दुआ पूरी होती है। इसी विश्वास के कारण भादवे महीने में दूर-दराज के गांवों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर पहुंचते हैं।
जागरण में क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु भी शामिल होंगे। भजनों और जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय होगा। जागरण के बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीण भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग कर रहे हैं।
सतपाल सिंह देणोक ने बताया, "श्री लिखमीदास भोमियाजी महाराज के प्रति क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था है।" उन्होंने यह भी कहा कि 14 सितंबर को होने वाले जागरण और महाप्रसादी की तैयारियां जारी हैं। उन्होंने सभी ग्रामवासियों और श्रद्धालुओं से आयोजन में सहयोग करने और ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
भरतपुर: भरतपुर के बाजारों में कचौरी, जलेबी और चाट का स्वाद
भरतपुर के बाजारों में सुबह से ही कचौरी और जलेबी की दुकानों पर भीड़ रहती है। मसालेदार कचौरी के साथ आलू की सब्जी और चटनी का स्वाद नाश्ते को खास बनाता है। स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों यहां के स्ट्रीट फूड का स्वाद लेना पसंद करते हैं।
भरतपुर के स्ट्रीट फूड में समोसा, पकौड़ी और चाट भी लोकप्रिय हैं। आलू टिक्की, गोलगप्पे और विभिन्न चटनियों से तैयार चाट का स्वाद युवाओं से लेकर परिवारों तक को आकर्षित करता है। बाजार में दोस्तों और परिवार के साथ चाट का आनंद लेना यहां की खान-पान संस्कृति का हिस्सा बन चुका है।
भरतपुर की खास मिठाइयों में कलाकंद और रबड़ी प्रमुख हैं। दूध से बनी ये मिठाइयां अपनी नरम बनावट और गाढ़े स्वाद के कारण पसंद की जाती हैं। त्योहारों और शादी-विवाह के अवसरों पर इनकी मांग बढ़ जाती है।
सर्दियों में गजक, खजला और नानखटाई जैसे पारंपरिक व्यंजन बाजारों में खूब बिकते हैं। ठंड के मौसम में ये पकवान लोगों को खास आकर्षित करते हैं। इसके साथ ही गर्मागर्म पकौड़े और अन्य देसी व्यंजन भी स्ट्रीट फूड का हिस्सा हैं।
भरतपुर के बाजारों में मिलने वाले ये व्यंजन स्थानीय स्वाद और ब्रज क्षेत्र की परंपराओं की झलक देते हैं। स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों इन्हें पसंद करते हैं, जिससे भरतपुर की यात्रा में खान-पान का अनुभव भी यादगार बनता है।
शहर की गलियों और बाजारों में मसालेदार और चटपटा स्वाद यहां के खान-पान की पहचान है। कचौरी, जलेबी, चाट और पारंपरिक मिठाइयों में भरतपुर की स्थानीय संस्कृति साफ झलकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भादवा मेले की सांस्कृतिक संध्या में कौन-कौन से लोक कलाकार शामिल हुए?
- प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और संगीत प्रस्तुत कर मेले में आए श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया।
- जालोर में अमृता देवी बिश्नोई को याद करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- इसमें पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया और आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दिया गया।
- डीग नगर परिषद उपसभापति चुनाव की प्रक्रिया क्या होगी?
- नाम वापसी सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगी, इसके बाद दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा और शाम को परिणाम घोषित किया जाएगा।
- फालोदी के बरजासर मंदिर में जागरण और महाप्रसादी के लिए कितने श्रद्धालुओं की उम्मीद है?
- अधिकारियों का अनुमान है कि क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में भाग लेंगे।
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