सीतापुर में आवारा कुत्तों ने दो राहगीरों को काटा
रात करीब 9 बजे कुत्तों के झुंड ने हमला किया, ग्रामीणों ने बचाया
सीतापुर के रामकोट थाना क्षेत्र में आवारा कुत्तों के झुंड ने दो राहगीरों को काटा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय ग्रामीणों ने कुत्तों को भगाकर उनकी जान बचाई और पशु चिकित्सा विभाग तथा प्रशासन से आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए कार्रवाई की मांग की है।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
सीतापुर के रामकोट थाना क्षेत्र में शनिवार रात आवारा कुत्तों के झुंड ने दो राहगीरों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। दोनों को हाथ-पैर में काटा गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने लाठी-डंडे से कुत्तों को भगाकर उनकी जान बचाई।
ग्राम बिशुनपुर निवासी इरफान और अनवर शनिवार रात काम खत्म कर घर लौट रहे थे। रात करीब 9 बजे वे गांव के बाहर सड़क से गुजर रहे थे, तभी आवारा कुत्तों के झुंड ने उनका पीछा किया। कुछ दूरी तक दौड़ाने के बाद कुत्तों ने दोनों को घेर लिया और हमला कर दिया। दोनों के हाथ-पैर में काटे जाने से वे लहूलुहान हो गए।
उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और लाठी-डंडे से कुत्तों को भगाया। इसके बाद घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके घावों की सफाई की और रेबीज रोधी इंजेक्शन लगाया।
स्थानीय लोगों के अनुसार गांव और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रात के समय सड़क से गुजरने वाले लोगों को इनके झुंड से खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए कार्रवाई की मांग की है।
दुकानदारों ने कचरे के ढेर के आसपास कुत्तों के जमावड़े की बात कही और पशु चिकित्सा विभाग तथा स्थानीय प्रशासन से अभियान चलाकर आवारा कुत्तों की धरपकड़ कराने की अपील की है। साथ ही बाजार में खुले में कचरा फेंकने पर रोक लगाने और नियमित सफाई कराने की भी मांग की गई है ताकि समस्या पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
कार्यकर्ता नंदलाल विद्रोही ने बताया कि आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत के अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कुत्तों की धरपकड़ या नसबंदी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- यह घटना कब हुई थी?
- यह घटना शनिवार रात करीब 9 बजे हुई जब दोनों राहगीर घर लौट रहे थे।
- आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने का क्या कारण है?
- दुकानदारों के अनुसार कचरे के ढेर के आसपास कुत्तों का जमावड़ा बढ़ रहा है।
- स्थानीय प्रशासन ने आवारा कुत्तों के लिए क्या कार्रवाई की है?
- अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, न तो धरपकड़ हुई है और न नसबंदी।
- आवारा कुत्तों के खतरे से बचाव के लिए क्या सुझाव दिए गए हैं?
- खुले में कचरा फेंकने पर रोक लगाना और नियमित सफाई कराना माँगी गई है।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद









Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.