तिब्बत-नेपाल सीमा पर झील टूटने से 558 लोग लापता
चीन ने लेवल-4 अलर्ट जारी किया, राहत अभियान प्रभावित, भारी बारिश का खतरा
26 अगस्त को तिब्बत-नेपाल सीमा के गिरोंग काउंटी में बाढ़ आने के बाद 558 लोग लापता हैं। चीन ने लेवल-4 आपातकालीन अलर्ट जारी किया है और राहत बचाव अभियान जारी है, जिसमें सैटेलाइट और ड्रोन की मदद ली जा रही है।
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पीटीआई के मुताबिक। 26 अगस्त को तिब्बत-नेपाल सीमा के गिरोंग काउंटी में अचानक आई बाढ़ के बाद 558 लोग लापता हो गए हैं। चीन ने लेवल-4 आपातकालीन अलर्ट जारी कर दिया है और राहत बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह तक अवरोधक झील में लगभग 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था। लगातार बारिश के कारण अगले तीन दिनों में यह मात्रा 30 लाख घन मीटर तक पहुंचने की आशंका है।
चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की है और स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने छोचेन खोला और पुरेपु त्संगपो नदियों के संगम के पास बनी झील से उत्पन्न खतरे को लेकर निगरानी बढ़ाने को कहा है।
अधिकारियों को आशंका है कि झील टूटने पर पानी और मलबे का तेज बहाव निचले इलाकों की ओर आ सकता है, जिससे गिरोंग पोर्ट और आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान हो सकता है।
तिब्बत-नेपाल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान जारी
चीन ने तिब्बत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान के लिए सैटेलाइट और ड्रोन तैनात किए हैं। चीन राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र की आपातकालीन तस्वीरें लेने और पुरानी तस्वीरें जुटाने का काम शुरू किया है। अब तक संबंधित विभागों को आपदा से पहले की पांच और आपदा के बाद की 10 तस्वीरें उपलब्ध कराई गई हैं।
‘विंग लोंग’ ड्रोन के जरिए प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया जा रहा है और छोटे ड्रोन से 3डी मॉडल तैयार किया जा रहा है। इससे नियंत्रण केंद्र को प्रभावित क्षेत्र की स्थिति समझने और प्राथमिकता के आधार पर तलाशी वाले इलाकों को चिन्हित करने में मदद मिल रही है।
ड्रोन की मदद से घने जंगलों और कीचड़ में फंसे लापता लोगों की तलाश भी की जा रही है।
चीन के अनुसार, 26 अगस्त को गिरोंग पोर्ट में आई बाढ़ के बाद 558 लोग लापता हो गए थे। हालांकि, राहत और बचाव अभियान अवरोधक झील के खतरे के कारण प्रभावित हो रहा है।
सरकारी इंजीनियरिंग एवं बचाव कंपनी ‘चीन अन्नोंग’ की आठ सदस्यीय टीम संचार और खोज उपकरणों के साथ गिरोंग काउंटी पहुंची है। टीम नदी के ऊपरी हिस्से में बने अवरोध से संबंधित आंकड़े जुटाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या सरकार ने बचाव अभियान के लिए कोई विशेष तकनीक का उपयोग किया है?
- हां, बचाव अभियान के लिए सैटेलाइट और ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है।
- क्या अभियान में कोई समस्या आ रही है?
- हां, अवरोधक झील के खतरे के कारण राहत और बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है।
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