ऋषि पंचमी व्रत का पारण 16 सितंबर को करें, जानें सही विधि
ऋषि पंचमी व्रत का पारण 16 सितंबर को सुबह 8:59 बजे तक करें। पूजा के बाद सात्विक भोजन से व्रत खोलना शुभ माना जाता है। जानें पूरी विधि।
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ऋषि पंचमी व्रत का पारण 16 सितंबर को सुबह 8:59 बजे तक करें। पूजा के बाद सात्विक भोजन से व्रत खोलना शुभ माना जाता है। जानें पूरी विधि।
ऋषि पंचमी पर सप्तऋषियों को याद कर शुद्ध विचार और अच्छे कर्म की प्रार्थना करें। इस पर्व पर शुभकामना संदेश भेजकर पर्व की खुशियाँ साझा करें।
15 सितंबर 2026 को ऋषि पंचमी का व्रत भाद्रपद शुक्ल पंचमी तिथि पर होगा। महिलाओं के लिए यह व्रत पापों से मुक्ति और सप्तऋषि की पूजा का विशेष महत्व रखता है।
साल 2026 में ऋषि पंचमी 15 सितंबर को और गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी। जानिए दोनों पर्वों के पूजा और व्रत के शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व।
15 सितंबर को मंगलवार व्रत के साथ ऋषि पंचमी की पूजा होगी। पंचांग के अनुसार सप्तऋषि और हनुमानजी की पूजा का शुभ योग, मंगल ग्रह की शांति के उपाय भी जानें।
14 सितंबर 2026 को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक साथ मनाई जाएंगी। महिलाएं निर्जला व्रत रखेंगी और दोपहर में गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त रहेगा।
भादो अमावस्या पर मंडोर भैरूजी मंदिर में 3500 किलो फूलों से सजावट हुई, मंदिरों और घरों में दान-पुण्य का दौर चला, दोपहर में प्रसादी भी वितरित हुई।