शाहपुर में भव्य पालकी शोभा यात्रा निकाली गई
शाहपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भव्य पालकी शोभा यात्रा निकाली गई जिसमें आकर्षक झांकियां और युवा श्रद्धालुओं का नृत्य शामिल था।
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शाहपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भव्य पालकी शोभा यात्रा निकाली गई जिसमें आकर्षक झांकियां और युवा श्रद्धालुओं का नृत्य शामिल था।
पादरू कस्बे से प्रजापत श्रीयादेवी संस्था की 15वीं रामदेवरा पैदल यात्रा भाटा रोड स्थित कबीर आश्रम से शुरू हुई। श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव के जयकारों के साथ क्षेत्र की खुशहाली की काम
डीडवाना के लादड़िया गांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दो दिवसीय महोत्सव हुआ। रात्रि में भजन संध्या, झांकियां और मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई।
खंडवा में 12 बजे भादो की आधी रात को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों में पूजा-अर्चना और शोभायात्रा निकाली गई।
जयपुर में 4 सितंबर 2026 को 15 साल बाद जन्माष्टमी रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि के संयोग से मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया शुभ मुहूर्त।
सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हर्षोल्लास से मनाई गई। मंदिरों में झांकियां सजीं, मध्यरात्रि में जयकारे गूंजे और भजन संध्या हुई।
डीडवाना में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता, भजन संध्या और जागरण का आयोजन होगा। मंदिरों में विशेष पूजा और प्रसाद वितरण भी होगा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूछरी का लौठा में मुकुट मुखारविंद व श्रीनाथजी मंदिर में पूजा की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
चूरू के श्रीराम मंदिर में शुक्रवार को शाम पांच बजे से रात 12.30 बजे तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य महोत्सव मनाया जाएगा। मंदिर में विशेष सजावट और झांकियां सजाई गई हैं।
जालंधर के स्कूलों में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव बच्चों और शिक्षकों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ मनाया गया। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026 पर घर में बांसुरी, गाय की प्रतिमा, श्री यंत्र, तुलसी पौधा और देसी घी लाना शुभ होता है। जानिए इन वस्तुओं का महत्व और पूजा विधि।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस बार 4 सितंबर को मनाई जाएगी। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 4 सितंबर की भोर 2:25 बजे से शुरू होकर 5 सितंबर रात 12:13 बजे तक रहेगी। जानें पूजा विधि और उत्स