खुले बिजली तार से करंट लगने से 10 वर्षीय किशोर की मौत
हरियाणा के बल्लभगढ़ में खेत की रखवाली करते समय करंट लगने से युवक की मौत, परिजन ने तीन लोगों के खिलाफ आवेदन दिया
हरियाणा के बल्लभगढ़ में खेत की रखवाली कर रहे 10 वर्षीय अमन को खुले बिजली तार से करंट लगने से मौत हो गई। पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ आवेदन दर्ज कर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने बिजली तारों की असुरक्षित व्यवस्था को लेकर विभाग से कार्रवाई की मांग की है।
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हरियाणा के बल्लभगढ़ में खेत की रखवाली कर रहे 10 वर्षीय अमन की बिजली के खुले तार से करंट लगने से मौत हो गई। परिजन और ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ आवेदन दर्ज किया है।
पीड़ित पक्ष की ओर से मामले में तीन लोगों के खिलाफ आवेदन दिया गया है। थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि करंट लगने के बाद किशोर अचेत होकर खेत के पानी में गिर पड़ा। परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए, जहां जांच के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की ओर से खेतों तक बिजली कनेक्शन तो दिया जाता है, लेकिन पोल और तारों की सुरक्षित व्यवस्था नहीं की जाती। कई जगह तार जमीन के सहारे बिछाए जाते हैं, जो जानलेवा साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के असुरक्षित तारों की जानकारी विभाग को पहले भी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस ने घटना के बाद फॉरेंसिक टीम को मौके पर भेजकर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम का नेतृत्व अपर पुलिस पदाधिकारी शैलेष कुमार कर रहे हैं।
करण की मां जितनी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है और वह बार-बार बेसुध हो जाती हैं। परिजन स्थानीय प्रशासन से लिखित आवेदन देकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने खेतों और घरों तक जमीन के सहारे बिछाए गए खुले बिजली तारों की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मृतक किशोर की पहचान क्या है?
- मृतक किशोर का नाम अमन था, जो खेत की रखवाली कर रहा था।
- घटना के बाद चिकित्सक ने क्या किया?
- मौत की पुष्टि के लिए चिकित्सक ने किशोर की जांच के बाद उसे मृत घोषित किया।
- ग्रामीणों ने बिजली विभाग को क्या शिकायत की है?
- ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पोल और तारों की सुरक्षित व्यवस्था नहीं की जाती।
- फॉरेंसिक टीम का नेतृत्व कौन कर रहा है?
- अपर पुलिस पदाधिकारी शैलेष कुमार फॉरेंसिक टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
- परिजन स्थानीय प्रशासन से क्या मांग कर रहे हैं?
- परिजन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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