हूती हमलों में 13 नागरिक घायल, पाकिस्तान ने सऊदी मदद से इनकार किया
सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद मक्का में पहली बार इमरजेंसी अलर्ट जारी
हूती विद्रोहियों के हमलों में कम से कम 13 नागरिक घायल हुए हैं और सऊदी सिविल डिफेंस ने खतरे के टलने की जानकारी दी है। पाकिस्तान ने सऊदी अरब की मदद करने से इनकार किया है, जबकि सऊदी अरब ने इजराइल से खुफिया सहायता मांगी है। यमन संघर्ष के कारण लाल सागर और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर नियंत्रण बढ़ने से वैश्विक व्यापार और भारत की महंगाई पर असर पड़ सकता है।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मलकी ने बताया कि हूती विद्रोहियों के हमलों में कम से कम 13 आम नागरिक घायल हुए हैं। सऊदी सिविल डिफेंस ने नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म के अलर्ट की पुष्टि की और बाद में खतरे के टलने की जानकारी दी।
हूती विद्रोहियों ने यमन के लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है, जिससे सऊदी अरब की सुरक्षा और व्यापार पर संकट बढ़ गया है। मक्का में पहली बार मिसाइल अटैक का इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया, जो इस क्षेत्र में तनाव की गंभीरता को दर्शाता है।
पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि उसकी सेना सऊदी अरब की जमीन की रक्षा के लिए तैनात की जा सकती है, लेकिन वह किसी दूसरे देश की जमीन पर युद्ध में शामिल नहीं होगी। इसके बावजूद सऊदी अरब ने इजराइल से खुफिया मदद मांगी है, जबकि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं।
तीनों देशों के बीच सामूहिक सुरक्षा सहयोग को लेकर समझौता 'मुस्लिम नाटो' की दिशा में एक अहम कदम माना गया था, जिसमें सैन्य मदद, हथियारों की संयुक्त खरीद और रक्षा तकनीक साझा करने की बात शामिल है। इसके अलावा पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच सामूहिक आत्मरक्षा की अलग संधि भी है।
यमन में करीब 12 साल से जारी संघर्ष में सऊदी अरब यमन सरकार का समर्थन करता है, जबकि हूतियों को ईरान का समर्थन प्राप्त है। हूतियों के कब्जे से लाल सागर के समुद्री रास्ते पर उनका दबदबा बढ़ा है, जो एशिया और यूरोप के बीच समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है।
बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को अगर रास्ता बंद हुआ तो उन्हें अफ्रीका के दक्षिणी छोर से केप ऑफ गुड होप के रास्ते जाना पड़ेगा, जिससे दूरी और समय दोनों बढ़ेंगे। इससे तेल और अन्य आयातित वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हो सकती है, जिसका असर भारत की महंगाई पर भी पड़ेगा।
अमेरिकी सेना ने ईरान के पास समुद्री इलाके में एक ड्रोन जहाज को कब्जे में लेने की कोशिश कर रही दो ईरानी नावों को कड़ाई से जवाब दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने सीजफायर बचाने और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए ओमान के साथ बातचीत की है।
स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार गाज़ा में इज़राइली हमलों में सात लोगों की मौत हुई है, जबकि इज़राइली सेना ने हमास के एक कमांडर की मौत की पुष्टि की है।
यमन में विस्थापित लोगों और आश्रय देने वाले समुदायों की मदद के लिए आपातकालीन कोष से 9 मिलियन अमेरिकी डॉलर आवंटित किए गए हैं।
सऊदी सिविल डिफेंस ने बताया कि नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म ने अलर्ट जारी किया था, लेकिन खतरा टल गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हूती विद्रोहियों का यमन पर क्या कब्जा है?
- हूती विद्रोहियों ने यमन के लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
- सामूहिक सुरक्षा सहयोग का क्या महत्त्व है?
- तीनों देशों के बीच सामूहिक सुरक्षा सहयोग को 'मुस्लिम नाटो' की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया है, जिसमें सैन्य मदद, हथियारों की संयुक्त खरीद और रक्षा तकनीक साझा करना शामिल है।
- यमन संघर्ष से वैश्विक व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
- हूती कब्जे से लाल सागर के समुद्री रास्ते पर दबदबा बढ़ा है, जिससे व्यापार प्रभावित होगा और जहाजों को लंबा मार्ग अपनाना पड़ेगा, जिससे तेल और अन्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।
- अमेरिकी सेना ने हाल ही में क्या कार्रवाई की है?
- अमेरिकी सेना ने ईरानी नावों द्वारा एक ड्रोन जहाज को कब्जे में लेने की कोशिश का कड़ा जवाब दिया है और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए ओमान के साथ बातचीत कर रही है।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद




Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.