धर्म / अध्यात्म 2 MIN READ

22 सितंबर को होगी परिवर्तिनी एकादशी, जानें पूजा विधि और महत्व

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 21 सितंबर की रात से शुरू होकर 22 सितंबर की रात तक रहेगी

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी 22 सितंबर को है, जिसे परिवर्तिनी एकादशी, जलझूलनी एकादशी और डोल ग्यारस के नाम से जाना जाता है। पंचांग के अनुसार यह तिथि 21 सितंबर की रात 8 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की रात 9:43 बजे तक रहेगी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और विशेष व्रत का विधान है।
AI सार

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर 2026 को होगी, जिसमें भगवान विष्णु की पूजा और विशेष व्रत किया जाता है। इस दिन डोल ग्यारस और जलझूलनी एकादशी का महोत्सव भी मनाया जाता है, जिसके दौरान धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार ठाकुर जी की झूलन और पूजा की जाती है। इसका व्रत करने से पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

परिवर्तिनी एकादशी पूजा और व्रत
परिवर्तिनी एकादशी पूजा और व्रत / सोशल मीडिया

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी 22 सितंबर को है, जिसे परिवर्तिनी एकादशी, जलझूलनी एकादशी और डोल ग्यारस के नाम से जाना जाता है। पंचांग के अनुसार यह तिथि 21 सितंबर की रात 8 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की रात 9:43 बजे तक रहेगी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और विशेष व्रत का विधान है।

परिवर्तिनी एकादशी को श्री गोविंददेवजी का झूलन महोत्सव मनाया जाता है। इस दिन ठाकुर जी को कई जगह परंपरा के अनुसार श्री शालिग्रामजी की डोली पर विराजमान कर मंदिर की परिक्रमा की जाती है। इसके बाद उनका पूजन होता है और पंचामृत दूध, दही, घी, मिश्री और शहद मिलाकर भोग लगाया जाता है।

श्रीकृष्ण के जन्म के बाद इसी दिन मां यशोदा ने बालकृष्ण का जलवा पूजन किया था और उन्हें गांव में घुमाया था। इसलिए इसे जलझूलनी और डोल ग्यारस के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन श्रीहरि ने करवट बदली थी, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है।

डोल ग्यारस और जलझूलनी एकादशी के व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन व्रत करने से दुखों का नाश होता है और व्रतधारी को सुख-समृद्धि मिलती है। गणपति के विसर्जन से पहले आने वाली इस एकादशी में गणेश जी का पूजन किया जाता है और उन्हें दूर्वा अर्पित की जाती है।

इस बार मंगलवार को एकादशी होने के कारण विष्णु जी और महालक्ष्मी का पूजन करें। शिवजी को जल अर्पित करें और मंगल ग्रह को प्रसन्न करने के लिए लाल गुलाल, लाल फूल और मसूर की दाल चढ़ाएं। शिवलिंग के पास दीपक जलाएं और तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं।

श्रीहरि की पूजा करें और उन्हें पंचामृत से स्नान कराएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत से जाने-अनजाने में किए गए पापों का क्षय होता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

पंचांग के अनुसार, भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 21 सितंबर 2026 की रात 8 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर 2026 की रात 9:43 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी लग जाएगी। इस वर्ष द्वादशी वाली एकादशी 22 सितंबर को होगी, इसलिए व्रत भी इसी दिन रखा जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

परिवर्तिनी एकादशी क्यों विशेष है?
इस व्रत से दुखों का नाश होता है और व्रतधारी को सुख-समृद्धि मिलती है।
जलझूलनी और डोल ग्यारस नाम क्यों पड़ा?
श्रीकृष्ण के जन्म के बाद मां यशोदा ने बालकृष्ण का जलवा पूजन किया और उन्हें गांव में घुमाया था।
गणपति पूजा का इस एकादशी से क्या संबंध है?
यह एकादशी गणपति विसर्जन से पहले आती है, इसलिए गणेश जी का पूजन और दूर्वा अर्पण किया जाता है।
परिवर्तिनी एकादशी का पंचामृत भोग कैसा होता है?
पंचामृत में दूध, दही, घी, मिश्री और शहद मिलाकर भोग लगाया जाता है।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 National ONGC को ओडिशा के समुद्र में 1450 मीटर गहराई पर गैस मिली
03 राजस्थान निहालगंज में जनरल स्टोर से 80 हजार रुपए चोरी
04 राजनीति केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सोशल मीडिया पर ट्रोल
Trust & Transparency

How this story was handled

Published21 सितंबर 2026, 21:57 IST IST
Last updated21 सितंबर 2026, 21:57 IST IST
Latest newsroom actionnews-desk (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under धर्म / अध्यात्म and aligned with that desk's editorial standards.
Key topic markers used in this story: धर्म-ज्योतिष.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from धर्म / अध्यात्म.

धर्म / अध्यात्म

25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी, 14 गांठों वाला अनंत सूत्र बांधें

धर्म / अध्यात्म

परिवर्तिनी एकादशी 2026: व्रत 22 सितंबर को रखा जाएगा

National

गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा देखने से लगता है झूठा कलंक

राज्य

मेरठ में इको फ्रेंडली गणेश मूर्तियों की बढ़ी मांग

25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी, 14 गांठों वाला अनंत सूत्र बांधें
धर्म / अध्यात्म
इससे जुड़ी ख़बरें

25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी, 14 गांठों वाला अनंत सूत्र बांधें

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 22 सितंबर 2026
परिवर्तिनी एकादशी 2026: व्रत 22 सितंबर को रखा जाएगा
धर्म / अध्यात्म
इससे जुड़ी ख़बरें

परिवर्तिनी एकादशी 2026: व्रत 22 सितंबर को रखा जाएगा

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 20 सितंबर 2026
गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा देखने से लगता है झूठा कलंक
National
इससे जुड़ी ख़बरें

गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा देखने से लगता है झूठा कलंक

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 14 सितंबर 2026
मेरठ में इको फ्रेंडली गणेश मूर्तियों की बढ़ी मांग
राज्य
इससे जुड़ी ख़बरें

मेरठ में इको फ्रेंडली गणेश मूर्तियों की बढ़ी मांग

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 10 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 National ONGC को ओडिशा के समुद्र में 1450 मीटर गहराई पर गैस मिली
03 राजस्थान निहालगंज में जनरल स्टोर से 80 हजार रुपए चोरी
04 राजनीति केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सोशल मीडिया पर ट्रोल

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.