राजस्थान झुंझुनू 2 MIN READ

झुंझुनूं में शुरू हुई 24 कोसी परिक्रमा, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी

शेखावाटी के लोहार्गल धाम में पवित्र सूर्यकुंड से पदयात्रा की शुरुआत

झुंझुनूं के लोहार्गल धाम में शनिवार से 24 कोसी परिक्रमा शुरू हो गई है। यह धार्मिक आयोजन वर्षों पुरानी परंपरा के तहत मनाया जाता है और इसमें श्रद्धालु अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंच रहे हैं। भगवान श्री ठाकुरजी की पालकी की अगवानी के बाद साधु-संत सूर्यकुंड से पदयात्रा को रवाना करेंगे।
AI सार

झुंझुनूं के लोहार्गल धाम में 24 कोसी परिक्रमा शुरू हो गई है, जिसमें श्रद्धालु अरावली पर्वतमाला के कई धार्मिक स्थलों से होते हुए पदयात्रा कर रहे हैं। यह परिक्रमा भाद्रपद अमावस्या के दिन सूर्यकुंड में शाही स्नान और मेला के साथ पूर्ण होगी।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

झुंझुनूं के लोहार्गल धाम में 24 कोसी परिक्रमा
झुंझुनूं के लोहार्गल धाम में 24 कोसी परिक्रमा / प्रतीकात्मक चित्र · निहारिका टाइम्स

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

 झुंझुनूं के लोहार्गल धाम में शनिवार से 24 कोसी परिक्रमा शुरू हो गई है। यह धार्मिक आयोजन वर्षों पुरानी परंपरा के तहत मनाया जाता है और इसमें श्रद्धालु अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंच रहे हैं। भगवान श्री ठाकुरजी की पालकी की अगवानी के बाद साधु-संत सूर्यकुंड से पदयात्रा को रवाना करेंगे।

खंडेला के चारोड़ा धाम से भगवान श्री ठाकुरजी की मुख्य पालकी बाबा घनश्याम दास के सानिध्य में रवाना हुई। श्रद्धालु और साधु-संत पालकी के साथ धार्मिक यात्रा में शामिल हुए। यह पालकी शनिवार को लोहार्गल धाम पहुंचेगी, जहां परंपरागत रूप से उसका स्वागत किया जाएगा।

लोहार्गल से शुरू होने वाली परिक्रमा किरोड़ी, शाकंभरी, नागकुंड, टपकेश्वर, शोभावती और खोरीकुंड सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों से होकर गुजरती है। अरावली की पहाड़ियों के बीच श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए इन पवित्र स्थानों पर पहुंचते हैं। रास्ते में भजन-कीर्तन और धार्मिक जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।

लोहार्गल धाम की धार्मिक मान्यता महाभारत काल से जुड़ी है। चारोड़ा धाम के महंत बाबा घनश्याम दास के अनुसार, महाभारत युद्ध के बाद पांडव आत्मग्लानि से मुक्ति पाने के लिए विभिन्न तीर्थों की यात्रा कर रहे थे, इसी दौरान वे लोहार्गल पहुंचे। मान्यता है कि यहां सूर्यकुंड में स्नान करने के दौरान उनके लोहे के अस्त्र-शस्त्र गल गए। इसी घटना के कारण इस स्थान का नाम लोहार्गल पड़ा और इसे पापों से मुक्ति दिलाने वाला पवित्र तीर्थ माना जाने लगा।

अरावली पर्वतमाला की पहाड़ियों के बीच स्थित लोहार्गल प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था का अनोखा मेल है। यह क्षेत्र सात पवित्र जलधाराओं और अनेक प्राचीन तीर्थस्थलों से जुड़ा हुआ माना जाता है। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु सूर्यकुंड में स्नान करने के साथ आसपास के धार्मिक स्थलों के दर्शन भी करते हैं।

मान्यता के अनुसार, इस पवित्र क्षेत्र की परिक्रमा करने और कुंड में स्नान करने से व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है और धार्मिक दृष्टि से इसे विशेष फलदायी माना जाता है। 24 कोसी परिक्रमा शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ेगी।

इस धार्मिक आयोजन का मुख्य आकर्षण भाद्रपद अमावस्या के दिन होने वाला मेला और सूर्यकुंड का शाही स्नान रहेगा। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु लोहार्गल पहुंचेंगे। सूर्यकुंड में पवित्र स्नान के बाद श्रद्धालु परिक्रमा की धार्मिक परंपरा को पूर्ण करेंगे और भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करने की कामना करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

परिक्रमा के दौरान कौन-कौन से धार्मिक स्थल आते हैं?
परिक्रमा किरोड़ी, शाकंभरी, नागकुंड, टपकेश्वर, शोभावती और खोरीकुंड जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों से होकर गुजरती है।
लोहार्गल धाम की धार्मिक महत्वता क्या है?
मान्यता है कि महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने यहां सूर्यकुंड में स्नान करके अपने लोहे के अस्त्र-शस्त्र गलाए, इसलिए इसे पवित्र तीर्थ माना जाता है।
भाद्रपद अमावस्या के दिन क्या विशेष होता है?
इस दिन मेला लगता है और सूर्यकुंड का शाही स्नान होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
परिक्रमा में श्रद्धालुओं की संख्या कैसे रहती है?
परिक्रमा शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती है।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 राजनीति गौरीपुर-खेकड़ा हाईवे की मरम्मत पूरी, पुल निर्माण जल्द शुरू
03 क्राइम गुवाहाटी में महिला का सिर फ्रिज में मिला, पति मुख्य संदिग्ध
04 स्वास्थ्य पाली में जातरुओं से भरी पिकअप पलटी, 9 गंभीर घायल
Trust & Transparency

How this story was handled

Published5 सितंबर 2026, 17:23 IST IST
Last updated5 सितंबर 2026, 17:23 IST IST
Latest newsroom actionnewsdesk-bot (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under राजस्थान and aligned with that desk's editorial standards.
Key topic markers used in this story: झुंझुनूं.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from राजस्थान.

राजस्थान

झुंझुनूं में दिव्यांग मतदाताओं ने 85.73 प्रतिशत मतदान किया

राजस्थान

बाकरा पहाड़ी पर शिवलिंग स्थापना को लेकर ग्रामीणों का धरना जारी

झुंझुनूं में दिव्यांग मतदाताओं ने 85.73 प्रतिशत मतदान किया
राजस्थान
इससे जुड़ी ख़बरें

झुंझुनूं में दिव्यांग मतदाताओं ने 85.73 प्रतिशत मतदान किया

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 9 सितंबर 2026
बाकरा पहाड़ी पर शिवलिंग स्थापना को लेकर ग्रामीणों का धरना जारी
राजस्थान
इससे जुड़ी ख़बरें

बाकरा पहाड़ी पर शिवलिंग स्थापना को लेकर ग्रामीणों का धरना जारी

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क• 6 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 टेक्नोलॉजी Infinix Hot 70 Pro 5G भारत में लॉन्च, कीमत 22,999 रुपये से शुरू
02 राजनीति गौरीपुर-खेकड़ा हाईवे की मरम्मत पूरी, पुल निर्माण जल्द शुरू
03 क्राइम गुवाहाटी में महिला का सिर फ्रिज में मिला, पति मुख्य संदिग्ध
04 स्वास्थ्य पाली में जातरुओं से भरी पिकअप पलटी, 9 गंभीर घायल

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.