तीन घंटे में 3500 किलो मेहंदी प्रसाद वितरित, भीड़ से ट्रैफिक जाम
जयपुर के मोतीडूंगरी मंदिर में सिंजारा पर्व पर मेहंदी प्रसाद के लिए भारी भीड़ उमड़ी
जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में सिंजारा पर्व के दौरान तीन घंटे में 3500 किलो मेहंदी प्रसाद वितरित किया गया, जिससे शहर के मुख्य मार्गों पर डेढ़ घंटे से अधिक समय तक ट्रैफिक जाम लगा रहा। मंदिर प्रशासन ने भीड़ नियंत्रित करने के लिए समय से पहले प्रसाद वितरण शुरू किया और पुलिस के साथ काम किया। बीते दिन गौरा तीज के अवसर पर महिला श्रद्धालुओं ने माता पार्वती की पूजा-अर्चना की।
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जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में सिंजारा पर्व के दौरान सोशल मीडिया रील्स के चलते तीन घंटे में 3500 किलो मेहंदी प्रसाद वितरित हो गया। भीड़ इतनी अधिक थी कि शहर के मुख्य मार्गों पर डेढ़ घंटे से अधिक समय तक ट्रैफिक जाम लगा रहा।
मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के दिन सिंजारा उत्सव मनाया जाता है, जिसमें कई कुंटल मेहंदी चढ़ाई जाती है। सोशल मीडिया पर वायरल रील्स में दावा किया गया कि यहां की मेहंदी लगाने से कुंवारे लड़के-लड़कियों की शादी हो जाती है। इस मान्यता के कारण दिल्ली, चंडीगढ़, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से श्रद्धालु यहां पहुंचे।
भीड़ इतनी बढ़ गई कि मेहंदी प्रसाद वितरण का कार्यक्रम शाम 7 बजे से शुरू होना था, लेकिन मंदिर प्रशासन ने इसे शाम 5 बजे शुरू कर दिया। शाम 7 बजे के करीब मेहंदी खत्म होने की घोषणा की गई और लोगों से घर लौटने की अपील की गई।
भीड़ के कारण शहर के मुख्य मार्गों पर डेढ़ घंटे से अधिक समय तक भीषण ट्रैफिक जाम लगा रहा। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और पूरे दिन धार्मिक वातावरण बना रहा।
गौरा तीज के अवसर पर महिला श्रद्धालुओं ने माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित कर अपने सुहाग की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। इसके बाद सामूहिक आरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। आरती के बाद महिलाओं ने बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर विधि-विधान से अपना व्रत पूर्ण किया।
मंदिर प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के साथ मिलकर प्रयास किए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सिंजारा पर्व क्या है और क्यों मनाया जाता है?
- सिंजारा पर्व गणेश चतुर्थी के दिन मनाया जाता है, जिसमें मेहंदी चढ़ाकर शुभकामनाएं दी जाती हैं।
- मेहंदी लगाने की क्या मान्यता है?
- सोशल मीडिया पर यह माना जाता है कि मोतीडूंगरी मंदिर की मेहंदी लगाने से कुंवारे लड़के-लड़कियों की शादी जल्दी हो जाती है।
- भीड़ पर अलर्ट कैसे दिया गया था?
- मंदिर प्रशासन ने भीड़ बढ़ने पर मेहंदी प्रसाद वितरण समय को दो घंटा पहले कर दिया।
- गौरा तीज के दौरान क्या धार्मिक आयोजन हुए?
- महिलाओं ने माता पार्वती को सुहाग सामग्री अर्पित की और सामूहिक आरती में भाग लिया।
- भीड़ नियंत्रण के लिए क्या कदम उठाए गए?
- पुलिस के साथ मिलकर मंदिर प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए प्रयास किए।
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