राजस्थान के ज़िलों की 6 खबरें — जैसलमेर: जैसलमेर नगरपरिषद में सभापति चुनाव को लेकर कड़ा पहरा
जोधपुर: जोधपुर से 14 हजार श्रद्धालु पैदल रामदेवरा के लिए निकले | अजमेर: अजमेर में फर्नीचर व्यवसायी ने पत्नी-बेटी के साथ जहर खाकर सुसाइड किया | बाड़मेर: बाड़मेर में मायलावास-रेलवे स्टेशन सड़क निर्माण शुरू नहीं | बीकानेर: राजस्थान में 472 सरकारी स्कूलों के कायाकल्प के लिए 401 करोड़ की मंजूरी | अलवर: अ
राजस्थान के जैसलमेर नगरपरिषद में सभापति चुनाव को लेकर भाजपा ने अपने 27 पार्षदों को बाड़ेबंदी में रखा है, जबकि कांग्रेस को बोर्ड बनाने के लिए 5 और वोटों की जरूरत है। इसके लिए भाजपा ने चुनाव सुरक्षा कड़ी कर दी है और सभी पार्षदों के मोबाइल फोन जमा करवा लिए हैं ताकि बाहरी संपर्क रोका जा सके। कांग्रेस भी अंतिम समय तक निर्दलीय पार्षदों के जरिए वोटरों को जोड़ने की कोशिश में है।
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राजस्थान। राजस्थान के अलग-अलग ज़िलों से ताज़ा खबरें एक जगह — जैसलमेर: जैसलमेर नगरपरिषद में सभापति चुनाव को लेकर कड़ा पहरा; जोधपुर: जोधपुर से 14 हजार श्रद्धालु पैदल रामदेवरा के लिए निकले; अजमेर: अजमेर में फर्नीचर व्यवसायी ने पत्नी-बेटी के साथ जहर खाकर सुसाइड किया; बाड़मेर: बाड़मेर में मायलावास-रेलवे स्टेशन सड़क निर्माण शुरू नहीं; बीकानेर: राजस्थान में 472 सरकारी स्कूलों के कायाकल्प के लिए 401 करोड़ की मंजूरी; अलवर: अलवर जिला परिषद की लिपिक भर्ती में दस्तावेज सत्यापन में अनियमितता.
जैसलमेर: जैसलमेर नगरपरिषद में सभापति चुनाव को लेकर कड़ा पहरा
जैसलमेर नगरपरिषद के सभापति चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच समीकरण उलझे हुए हैं। भाजपा ने अपने 27 पार्षदों को बाड़ेबंदी में रखकर सुरक्षा कड़ी कर दी है, जबकि कांग्रेस को अभी भी 5 वोटों की जरूरत है।
जैसलमेर नगरपरिषद में कुल 45 वार्ड हैं, जिसमें बोर्ड बनाने के लिए 23 पार्षदों का समर्थन आवश्यक है। भाजपा के पक्ष में 25 पार्षद जीत चुके हैं और 2 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भी भाजपा को प्राप्त है, जिससे कुल संख्या 27 हो जाती है जो बहुमत से 4 अधिक है।
कांग्रेस के पास 18 पार्षद हैं और उसे बोर्ड बनाने के लिए 5 और वोटों की जरूरत है। कांग्रेस की ओर से निर्मल पुरोहित मैदान में हैं, जो जादुई आंकड़े से पांच कदम दूर हैं।
भाजपा खेमे के विजय कुमार के सामने चुनौती है कि वे अपने 27 पार्षदों को मतदान के दिन तक एकजुट और सुरक्षित रखें। इसके लिए भाजपा ने कड़ा सुरक्षा घेरा तैयार किया है। सभी पार्षदों के मोबाइल फोन जमा करवा लिए गए हैं ताकि कोई बाहरी संपर्क न हो सके। परिजनों से बात करने के लिए भी केवल वरिष्ठ नेताओं के फोन का इस्तेमाल हो रहा है।
भाजपा ने हाल ही में सभी 27 पार्षदों का सामूहिक फोटो शूट जारी कर अपनी एकजुटता का संदेश दिया है। दूसरी ओर, कांग्रेस की बाड़ेबंदी पूरी तरह गोपनीय है और अभी तक बाड़े से कोई तस्वीर या वीडियो बाहर नहीं आया है।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि पांच वोटों का अंतर पाटना मुश्किल है और बड़ी तोड़-फोड़ की संभावना कम है। इसके बावजूद कांग्रेस रणनीतिकार अंतिम समय तक निर्दलीयों और असंतुष्टों के जरिए उलटफेर की संभावनाओं को तलाश रहे हैं। अब सारा दारोमदार मतदान के दिन क्रॉस वोटिंग पर टिका है।
जोधपुर: जोधपुर से 14 हजार श्रद्धालु पैदल रामदेवरा के लिए निकले
सांसी समाज की 27 वर्षों से जोधपुर से रामदेवरा तक अनवरत पदयात्रा शनिवार को पोकरण पहुंची। इस यात्रा में करीब 14 हजार युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल थे। पदयात्रा के दौरान गगनभेदी जयकारों और भजनों से पूरा कस्बा भक्तिमय हो गया।
पदयात्रा की शुरुआत जोधपुर स्थित गणेश मंदिर में बाबा रामदेव के दर्शन के साथ हुई। इसके बाद 15 दिन तक बाबा रामदेव पंडाल में भजन-सत्संग का आयोजन होता है। इसके बाद गुरु बालीनाथ मंदिर, मसूरिया से नौ दिवसीय पदयात्रा शुरू होती है।
इस वर्ष यात्रा संघ अध्यक्ष किशन मौचकिया और मुरली पोपावत के मार्गदर्शन में संचालित हो रही है। जत्थे के साथ जल सेवा, भजन मंडली और सुरक्षा-वाहन सेवा की पुख्ता व्यवस्था की गई है।
पिछले 27 वर्षों से निरंतर जारी यह पदयात्रा समाज की एकता, सेवा और युवाओं को संस्कारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन चुकी है। लोकमान्यता के अनुसार सांसी समाज आज भी भादवा सुदी नवमी को पैदल रामदेवरा पहुंचकर समाधि के दर्शन करता है।
अजमेर: अजमेर में फर्नीचर व्यवसायी ने पत्नी-बेटी के साथ जहर खाकर सुसाइड किया
अजमेर के गढ़ी मालियान में फर्नीचर व्यवसायी अशोक शर्मा ने पत्नी इंद्रा और बेटी दीक्षा के साथ जहर खाकर आत्महत्या कर ली। घटना शनिवार देर रात हुई, जब उनका बेटा गौरव दूसरे कमरे में सो रहा था।
अशोक शर्मा ने जहर खाने से पहले अपने भांजे निर्मल की पत्नी को फोन कर अलविदा कहा था। एएसआई संजय कुमार ने बताया, "व्यवसायी ने फुलेरा (जयपुर) में रहने वाले भांजे निर्मल को रात करीब आठ बजे फोन किया था।" निर्मल ने तुरंत अशोक के पड़ोसी गुरुदत्त को फोन कर घर जाने को कहा।
पड़ोसी जब घर पहुंचे तो अशोक, उनकी पत्नी और बेटी ने जहर पी लिया था। गुरुदत्त और अन्य पड़ोसी तीनों को जेएलएन हॉस्पिटल लेकर गए। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि जहर की अधिक मात्रा पीने से उनकी कुछ देर में मौत हो गई।
मां-बाप और बहन के सुसाइड की खबर सुनकर बेटा गौरव सदमे में आकर बेहोश हो गया। गौरव जयपुर की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। आसपास के लोगों ने बताया कि अशोक शर्मा पर लाखों का कर्ज था, जिससे वह परेशान था।
सामूहिक सुसाइड की सूचना पर कई बड़े पुलिस अधिकारी भी व्यवसायी के घर पहुंचे। थानाप्रभारी ओमप्रकाश ने कहा कि घटना के कारणों का पता लगाना अभी जल्दबाजी होगी। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
बाड़मेर: बाड़मेर में मायलावास-रेलवे स्टेशन सड़क निर्माण शुरू नहीं
मायलावास चौराहा से मोकलसर रेलवे स्टेशन तक करीब 1.5 किलोमीटर सड़क पिछले 20 वर्षों से बदहाल है। फरवरी में 2.27 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत होने के बाद भी सात माह से निर्माण शुरू नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों को रोजाना गड्ढों और पानी से गुजरना पड़ता है।
सड़क का डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं। गत रात हुई बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने से सड़क तालाब में तब्दील हो गई। रेलवे स्टेशन जाने वाले राहगीरों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ा, जिससे महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और रेल यात्रियों को परेशानी हुई।
गहरे गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालक अचानक दिशा बदलते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। बारिश के दौरान पानी भरने से गड्ढों की गहराई दिखाई नहीं देती। सड़क किनारे कीचड़ फैलने से पैदल राहगीरों के फिसलने का खतरा भी रहता है। कई बार दोपहिया वाहन पानी में बंद हो जाते हैं।
मायलावास, मोकलसर और आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में लोग ट्रेन पकड़ने के लिए इसी मार्ग से स्टेशन पहुंचते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से बदहाल सड़क के स्थायी समाधान की उम्मीद थी, लेकिन देरी से परेशानी बनी हुई है। उन्होंने मांग की है कि निर्माण शुरू होने तक सड़क के गड्ढे भरवाकर पानी निकासी की अस्थायी व्यवस्था की जाए।
बीकानेर: राजस्थान में 472 सरकारी स्कूलों के कायाकल्प के लिए 401 करोड़ की मंजूरी
राजस्थान सरकार ने पंचायत चुनाव से पहले 472 सरकारी स्कूलों के कायाकल्प के लिए 401 करोड़ 3 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। यह राशि नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत भवन निर्माण, स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशाला, फर्नीचर, बिजली और पेयजल सुविधाओं के लिए निर्धारित की गई है।
गत वर्ष झालावाड़ में स्कूल भवन गिरने से सात बच्चों की मां की मौत के बाद हाईकोर्ट की सख्ती के बाद यह स्वीकृति मिली है। प्रदेश के 41 जिलों में सरकारी स्कूल भवनों का तकनीकी सर्वे कराया गया, जिसके आधार पर तीन साल की कार्ययोजना बनाई गई है।
स्वीकृत विद्यालयों में दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें उदयपुर, बांसवाड़ा, झालावाड़, बारां, जयपुर, अलवर और खैरथल-तिजारा के कई क्षेत्र शामिल हैं।
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक 12,500 करोड़ रुपए खर्च कर सरकारी स्कूलों को सुरक्षित, आधुनिक और डिजिटल बनाने की योजना तैयार की है। विद्यालयों की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है।
अलवर: अलवर जिला परिषद की लिपिक भर्ती में दस्तावेज सत्यापन में अनियमितता
अलवर जिला परिषद की लिपिक भर्ती-2022 में दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता सामने आई है। आरोप है कि सत्यापन पत्र पर व्याख्याता सुषमा यादव और नीरज यादव के फर्जी हस्ताक्षर किए गए। इस मामले की जांच के लिए एसीबी जयपुर ने कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी है।
शम्मी जैन को 19 अक्टूबर को जैसलमेर जिला परिषद में लिपिक पद पर नियुक्त किया गया था। 21 अक्टूबर को उन्होंने फतेहगढ़ में विकास अधिकारी के समक्ष अपने मूल दस्तावेज वापस लिए। उसी दिन अलवर में उनके दस्तावेजों का सत्यापन दिखाया गया।
इस सत्यापन पत्र में व्याख्याता सुषमा यादव और नीरज यादव के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। अतिरिक्त कलेक्टर शहर बीना महावर की जांच में पता चला कि दोनों व्याख्याताओं ने अपने हस्ताक्षर अपने नहीं माने। एक की उस दिन ड्यूटी नहीं थी, जबकि दूसरे की ड्यूटी अन्य दल में थी।
शम्मी जैन ने अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर जैसलमेर और अलवर दोनों जिला परिषदों में बोनस अंकों का लाभ भी लिया। इस मामले में एसीबी जयपुर को शिकायत मिली थी, जिसके बाद मुख्यालय ने अलवर कलेक्टर से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सभापति चुनाव में भाजपा ने बाड़ेबंदी क्यों की है?
- भाजपा ने अपने 27 पार्षदों को एकजुट और सुरक्षित रखने के लिए बाड़ेबंदी की है ताकि मतदान के दिन क्रॉस वोटिंग न हो सके।
- जोधपुर से रामदेवरा तक पदयात्रा कितने दिनों तक चलती है?
- पदयात्रा नौ दिनों तक चलती है और इसके बाद भजन-सत्संग के आयोजन होते हैं।
- अजमेर में सामूहिक सुसाइड के पीछे क्या माना जा रहा है?
- व्यवसायी अशोक शर्मा पर लाखों का कर्ज था, जिससे वह काफी परेशान था, जो सुसाइड का मुख्य कारण हो सकता है।
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