जोधपुर में मेयर चुनाव से पहले 7 निर्दलीय पार्षद भाजपा में शामिल
पुनर्मतदान में वार्ड-50 से भाजपा प्रत्याशी हेमाराम चौधरी विजयी, भाजपा के पास अब बहुमत
जोधपुर नगर निगम के वार्ड-50 में पुनर्मतदान के बाद भाजपा के हेमाराम चौधरी ने चुनाव जीता है और मेयर चुनाव से पहले सात निर्दलीय पार्षद भाजपा में शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही भाजपा के पास निगम में कुल 52 पार्षदों का बहुमत हो गया है।
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जोधपुर। जोधपुर नगर निगम के वार्ड-50 में पुनर्मतदान के बाद भाजपा के हेमाराम चौधरी 1,725 मतों से विजयी रहे। मेयर चुनाव से पहले सात निर्दलीय पार्षद भाजपा में शामिल हो गए हैं, जिससे पार्टी के पास कुल 52 पार्षदों का बहुमत हो गया है।
नगर निगम जोधपुर के वार्ड-50 के बूथ-338 पर 16 सितंबर को पुनर्मतदान हुआ था, जिसमें 72.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह मूल मतदान से 3.41 प्रतिशत अधिक था। ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ी के कारण मूल मतदान की मतगणना नहीं हो पाई थी। पुनर्मतदान के दौरान पांच-छह फर्जी मतदाताओं को पकड़ लिया गया। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के बीच मतदान संपन्न हुआ।
मतगणना में भाजपा के प्रत्याशी हेमाराम चौधरी 1,725 मत लेकर 83 मतों के अंतर से विजयी रहे। कांग्रेस के प्रत्याशी युवराज को 1,642 मत प्राप्त हुए। निर्दलीय प्रत्याशी रिंकू मेवाड़ा को 540, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के दीपक जांगिड़ को 155 तथा निर्दलीय देशराज सिंह को 113 मत मिले। 82 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना।
पुनर्मतदान के परिणाम के बाद जोधपुर नगर निगम की सभी 100 सीटों पर स्थिति स्पष्ट हो गई है। भाजपा के 45 पार्षद पहले से जीत चुके थे। मेयर चुनाव से पहले सात निर्दलीय पार्षदों को भाजपा में शामिल किया गया, जिनमें चार भाजपा समर्थित और तीन कांग्रेस समर्थित थे। भाजपा के पास अब कुल 52 पार्षदों का बहुमत है।
भाजपा में शामिल हुए पार्षदों में वार्ड 5 से विशाल सांखला, वार्ड 19 से दिनेश शर्मा, वार्ड 20 से चेतन गहलोत, वार्ड 47 से मोहन राम चौधरी, वार्ड 48 से दुर्गा मेवाड़ा, वार्ड 78 से निर्मला नायक और वार्ड 81 से स्वरूप सिंह शामिल हैं। प्रदेश महामंत्री एवं संभाग प्रभारी भूपेंद्र सैनी और जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल के नेतृत्व में सातों को भाजपा में शामिल कराया गया।
सभी नए सदस्य संगठन के निर्णय के साथ रहने को तैयार हैं।
मेयर पद को लेकर सभी पार्षदों से चर्चा की गई है। इस पर मिली राय की रिपोर्ट मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को भेजी गई है। संगठन जो भी उम्मीदवार बनाएगा, सभी उसका समर्थन करेंगे। शनिवार को मेयर पद के दावेदार नामांकन पेश करेंगे।
निर्दलीयों को साधने में भाजपा की रणनीति सफल रही। मतदान और मतगणना के बाद पार्टी पदाधिकारियों ने लगातार संपर्क बनाए रखा। कांग्रेस के लिए बोर्ड बनाने को लेकर संकट बढ़ गया है क्योंकि सात में से तीन पार्षद कांग्रेस समर्थित थे।
सभी निर्दलीय पार्षदों को पार्टी की सदस्यता दिलाने में भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल समेत केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, दोनों विधायक, नारायण सिंह देवल और ओंकार सिंह लखावत समेत अन्य पदाधिकारियों को काफी सहयोग रहा
भूपेंद्र सैनी, प्रदेश महामंत्री एवं संभाग प्रभारी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पुनर्मतदान क्यों किया गया था?
- मूल मतदान में ईवीएम की तकनीकी गड़बड़ी के कारण मतगणना नहीं हो पाई थी।
- निर्दलीय पार्षदों के भाजपा में शामिल होने का क्या प्रभाव पड़ा?
- इससे भाजपा को पार्षदों का बहुमत मिला और कांग्रेस के लिए संकट बढ़ गया।
- मेयर पद को लेकर क्या कार्रवाई हो रही है?
- सभी पार्षदों से चर्चा के बाद राय मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष को भेजी गई है।
- भाजपा में शामिल हुए निर्दलीय पार्षद कौन-कौन से वार्ड से हैं?
- वार्ड 5, 19, 20, 47, 48, 78 और 81 के पार्षद भाजपा में शामिल हुए।
- पुनर्मतदान के दौरान कोई खोट पकड़ा गया?
- पुनर्मतदान के दौरान पाँच-छह फर्जी मतदाताओं को पकड़ लिया गया।
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