हवाई किराया दोगुना, FMCG कंपनियां दाम स्थिर रखेंगी
त्योहारी सीजन में हवाई यात्रा महंगी, FMCG उत्पादों के दाम फिलहाल नहीं बढ़ेंगे
त्योहारी सीजन से पहले घरेलू हवाई किराया दोगुना से अधिक बढ़ गया है, क्योंकि विमान कंपनियों ने उड़ानों की क्षमता 5.6% घटाई है। वहीं, FMCG कंपनियां कच्चे माल की बढ़ी लागत के बावजूद उत्पादों के दाम स्थिर रखने की कोशिश कर रही हैं और फिलहाल दिवाली तक कीमतों में बड़े बदलाव की संभावना कम है।
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त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले हवाई किराया दोगुना से ज्यादा बढ़ गया है। विमान कंपनियों ने सितंबर में घरेलू उड़ानों की क्षमता 5.6% घटा दी है, जिससे टिकटों की कीमतें आसमान छू रही हैं। वहीं, FMCG कंपनियां कच्चे माल की बढ़ी लागत के बावजूद अपने उत्पादों के दाम स्थिर रखने की कोशिश कर रही हैं।
गोयल ने बताया कि इंडिगो, एयर इंडिया सहित कई विमानन कंपनियों ने 50% से 100% तक किराया बढ़ा दिया है। इंडिगो ने शिशुओं के लिए शुल्क 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया है, जबकि शिशु को सीट नहीं मिलती। इंडिगो ने अपनी सीटें 4.5% और एयर इंडिया ने 8.8% घटाई हैं। दोनों कंपनियों का 90% से ज्यादा मार्केट पर कब्जा है।
CTI ने नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर विमान कंपनियों की मनमानी पर नकेल कसने और हवाई किरायों में कटौती के लिए दबाव डालने की मांग की है। गोयल ने कहा कि त्योहारी सीजन में आम आदमी की सुविधा का ख्याल रखा जाना चाहिए।
वहीं, FMCG क्षेत्र के निदेशक हेमंत मलिक ने बताया कि कच्चे माल की बढ़ी कीमतों के बावजूद कंपनियां त्योहारी सीजन के दौरान दाम स्थिर रखने की कोशिश कर रही हैं। मलिक ने कहा, "हम कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश कर रहे हैं। कच्चे माल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा कंपनियां खर्च को काबू में रखने और अपने उत्पादों से जुड़े दूसरे कदम उठाकर खुद संभाल रही हैं।"
उन्होंने संकेत दिया कि तीसरी या चौथी तिमाही में कीमतों में बदलाव हो सकता है, लेकिन फिलहाल ज्यादातर कंपनियों ने दाम केवल 3 से 5 फीसदी तक ही बढ़ाए हैं।
अधिकारी मयंक शाह ने कहा कि ज्यादातर FMCG कंपनियां कम से कम दिवाली तक अपने उत्पादों के दाम स्थिर रख सकती हैं। उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन के कारण कंपनियां दाम बढ़ाकर खरीदारी की रफ्तार को धीमा करने के बजाय मौजूदा मांग को बनाए रखना चाहेंगी।
मलिक ने बताया कि खाद्य तेल, कॉफी, कोको और पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले कच्चे तेल से जुड़े उत्पादों की कीमतें भी बढ़ी हैं। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी तनाव और वैश्विक बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता से कंपनियों की लागत बढ़ी है।
डाबर इंडिया के मुख्य वित्त अधिकारी अंकुश जैन ने कहा कि बढ़ी लागत का कुछ असर कम करने के लिए पिछले कुछ महीनों में चुनिंदा उत्पादों के दाम बढ़ाए गए हैं। उन्होंने बताया कि बाजार में प्रतिस्पर्धा और अच्छी मांग को ध्यान में रखा गया है।
शाह ने कहा कि फिलहाल कंपनियों की प्राथमिकता दाम बढ़ाने के बजाय बिक्री की मात्रा बढ़ाना है। हालांकि, अगर लागत का दबाव बना रहता है तो वित्त वर्ष के बाद के महीनों में दाम पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है।
CTI की रिसर्च में सामने आया है कि कुछ दिनों पहले जो हवाई टिकटें सस्ती थीं, वही टिकटें अब दोगुने से ज्यादा दाम पर बेची जा रही हैं.
बृजेश गोयल, चेयरमैन, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री
एविएशन डेटा एजेंसी OAG के अनुसार, कंपनियों ने सितंबर में ही घरेलू क्षमता 5.6% घटा दी है.
बृजेश गोयल, चेयरमैन, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हवाई किराया क्यों दोगुना हो गया है?
- विमान कंपनियों ने घरेलू उड़ानों की क्षमता घटा दी है, जिससे टिकट की मांग बढ़ी और कीमतें बढ़ीं।
- FMCG कंपनियां दाम स्थिर क्यों रख रही हैं?
- कंपनियां कच्चे माल की बढ़ी कीमतें खर्च में नियंत्रण और अन्य कदमों से संभालने की कोशिश कर रही हैं।
- क्या त्योहारी सीजन में दाम बढ़ सकते हैं?
- तीसरी या चौथी तिमाही में कीमतों में बदलाव संभव है, लेकिन फिलहाल ज्यादातर कंपनियां दाम सीमित वृद्धि पर रोक रही हैं।
- सरकार ने हवाई किराये पर क्या कार्रवाई की है?
- सीटीआई ने नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र लिखकर किराये कम करने का दबाव बनाया है।
- FMCG कंपनियों की वर्तमान प्राथमिकता क्या है?
- वे बिक्री मात्रा बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही हैं, दाम बढ़ाने के बजाय।
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