ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कलेक्टर-एसपी को फटकारा, मामले का निराकरण करने को कहा
गुना में संवेदनशील मामले में अधिकारियों की गैरहाजिरी पर नाराजगी जताई
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुना में कलेक्टर और महिला पुलिस अधीक्षक की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताते हुए उनसे मामले का गंभीरता से निराकरण करने को कहा। यह नाराजगी आदिवासी नेता मोहन बारेला के भाई ताराचंद की मौत और उसके प्रशासनिक रवैये को लेकर उभरी। सिंधिया ने अधिकारियों को ड्यूटी पर गाड़ी में न बैठने और जिम्मेदारी से कार्य करने के निर्देश दिए।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुना में कलेक्टर और एसपी की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को गाड़ी में बैठने से मना करते हुए मामले का गंभीरता से निराकरण करने के निर्देश दिए। यह घटना 18 सितंबर को हुई।
गुना के एक आदिवासी गांव में बीजेपी मंडल अध्यक्ष मोहन बारेला के छोटे भाई ताराचंद की मौत को लेकर सिंधिया ने प्रशासनिक अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई। मोहन बारेला ने बताया कि उनकी हत्या हुई है, लेकिन मामले को सामान्य दुर्घटना के रूप में दर्ज किया गया है। इस पर सिंधिया ने कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और महिला पुलिस अधीक्षक हितिका वासल को फटकार लगाई।
सिंधिया ने अधिकारियों से कहा कि वे गाड़ी में न बैठें क्योंकि वे अपनी ड्यूटी पर हैं। उन्होंने अधिकारियों को मामले को गंभीरता से लेने और न्याय दिलाने के निर्देश दिए। वीडियो में सिंधिया गाड़ी में बैठे हैं और आसपास खड़े लोग उन्हें शिकायतें और ज्ञापन दे रहे हैं। एक व्यक्ति ने हाथ जोड़कर निवेदन किया कि इस बार सड़क समय से पहले बन जाए, नहीं तो वोट नहीं देंगे। सिंधिया ने जवाब दिया कि यह भाषा उनके साथ कभी उपयोग न करें और उन्होंने काम करने की जिम्मेदारी ली।
इससे पहले शुक्रवार को सर्किट हाउस में जनसुनवाई के दौरान भी सिंधिया का पारा तब चढ़ गया जब मोहन बारेला के परिजन की बात सुनने के लिए मौके पर जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं थे। पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे चार लोग घायल हुए। सिंधिया की नाराजगी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ताराचंद की मौत किस मामले से जुड़ी है?
- मोहन बारेला का कहना है कि ताराचंद की हत्या हुई है, लेकिन इसे सामान्य दुर्घटना के रूप में दर्ज किया गया।
- जनसुनवाई के दौरान क्या हुआ था?
- जनसुनवाई में जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं थे, जिससे सिंधिया नाराज हुए और पुलिस ने मामला गंभीरता से नहीं लिया, इसके कारण चार लोग घायल हुए।
- सिंधिया ने जनता से क्या कहा प्रतिक्रिया में?
- एक व्यक्ति ने समय से पहले सड़क बनने की मांग की, इस पर सिंधिया ने कहा कि इस भाषा का उपयोग उनके साथ न करें और उन्होंने काम की जिम्मेदारी ली है।
- यह घटना कब हुई थी?
- यह घटना 18 सितंबर को गुना में हुई थी।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद







Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.