आलूदा-पापड़दा मार्ग की सड़क बदहाल, पेचवर्क काम रुका
25 किलोमीटर लंबा मार्ग गड्ढों से भरा, हादसों में मौत और घायल
दौसा जिले के आलूदा से पापड़दा तक 25 किलोमीटर लंबा मार्ग खराब स्थिति में है और पेचवर्क का काम कई महीने से रुका हुआ है। इस सड़क की खराब हालत के कारण हादसे हो चुके हैं और स्थानीय लोग सड़क की गुणवत्ता जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विभाग ने मरम्मत के लिए कार्रवाई शुरू की है लेकिन बरसात के कारण काम फिलहाल रुका है।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
दौसा। दौसा जिले के आलूदा से पापड़दा तक करीब 25 किलोमीटर लंबा मार्ग खराब हालत में है। वर्ष 2018 में 7.72 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत इस सड़क का पेचवर्क टेंडर पूरा होने के बाद भी कई महीने से काम शुरू नहीं हो पाया है।
यह मार्ग पहले तीन मीटर चौड़ा था, जिसे बढ़ाकर सात मीटर किया गया है। रोजाना लगभग दो हजार वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं, जो ग्रामीणों, कर्मचारियों और यात्रियों के लिए मुख्य जरिया है। बरसात के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।
सड़क की घटिया गुणवत्ता के कारण हाल ही में पापड़दा निवासी संतोष मीणा की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर जयपुर में इलाज करा रहे हैं। खेड़ा निवासी सीताराम मीणा की पत्नी भी बाइक से गिरकर चोटिल हो चुकी हैं।
बीगावास मोड़ से पापड़दा, खवारावजी और घरणवास जाने वाले मार्ग भी खस्ताहाल हैं। पापड़दा स्टैंड और हापावास चौराहे के बीच करीब 100 मीटर का टुकड़ा पिछले 30 वर्षों से अधूरा पड़ा है, जहां बरसात में जलभराव हो जाता है।
यह सड़क खवारावजी महल, मोरोली बालाजी, पपलाज माता मंदिर और मोरोली बांध जैसे प्रमुख स्थलों को जोड़ती है। खराब सड़क के कारण पर्यटक वैकल्पिक रास्ते चुन रहे हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन और व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसकी उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सड़क की मरम्मत को लेकर विभाग की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है। बरसात के मौसम के कारण फिलहाल कार्य रोका गया है। मौसम अनुकूल होते ही पेचवर्क का काम शुरू करा दिया जाएगा।
फूलचंद मीणा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी दौसा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- यह सड़क किन प्रमुख स्थलों को जोड़ती है?
- यह सड़क खवारावजी महल, मोरोली बालाजी, पपलाज माता मंदिर और मोरोली बांध जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटक स्थलों से जुड़ी है, जो स्थानीय पर्यटन को प्रभावित करता है।
- गड्ढों में पानी भरने से क्या समस्या होती है?
- बरसात के बाद पानी भर जाने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
- पर्यटक परिवहन पर खराब सड़क का क्या प्रभाव पड़ा है?
- खराब सड़क के कारण पर्यटक वैकल्पिक रास्ते अपनाने लगे हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन और व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं।
- स्थानीय लोगों की मरम्मत को लेकर क्या मांगें हैं?
- ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांच और दोषी अधिकारियों तथा ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद



Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.