अमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र में आने की अनुमति दी
ट्रंप ने ईरान पर बड़े हमले का संकेत दिया, यात्रा प्रतिबंधों में छूट
अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरानी प्रतिनिधिमंडल को शामिल होने की अनुमति दी है, हालांकि यात्रा प्रतिबंध जारी रहेंगे और प्रतिनिधिमंडल छोटा होगा। इस बीच, क्षेत्रीय तनाव और आर्थिक प्रभाव के बीच बातचीत जारी है और चीन ने संयम रखने की मांग की है।
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वॉशिंगटन। अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरानी प्रतिनिधिमंडल को शामिल होने की अनुमति दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है और बातचीत भी चल रही है। अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि यात्रा प्रतिबंध लागू रहेंगे, लेकिन प्रतिनिधिमंडल छोटा होगा।
प्रतिनिधिमंडल की अनुमति और प्रतिबंध
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के मेज़बान देश के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए ईरानी प्रतिनिधिमंडल को महासभा की बैठक में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, यात्रा प्रतिबंध लागू रहेंगे और प्रतिनिधिमंडल पिछले साल की तुलना में छोटा होगा। वीजा पाने वालों में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हैं।
अमेरिका ने पहले भी न्यूयॉर्क में ईरानी अधिकारियों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे उनकी यात्रा मुख्य रूप से संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, ईरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत के आवास और जॉन एफ कैनेडी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक सीमित रही है। सुरक्षा, आतंकवाद और विदेश नीति के आधार पर वीजा देने से इनकार किया जा सकता है। मौजूदा अमेरिकी नीति के तहत लग्जरी और अन्य सामान खरीदने पर भी रोक जारी रहेगी।
ट्रंप का सैन्य कदम और क्षेत्रीय स्थिति
उन्होंने इंटरव्यू में कहा, "मुझे एक बड़ा फैसला लेना है। क्या मैं अंदर जाकर उन्हें पूरी तरह खत्म कर दूं या नहीं? यह एक बड़ा फैसला है। मैं कुछ भी कर सकता हूं।"
ट्रंप अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। इन देशों पर संघर्ष का सीधा सुरक्षा और आर्थिक असर पड़ रहा है, इसलिए उनकी राय ट्रंप के अगले कदम में महत्वपूर्ण होगी।
संघर्ष का सबसे बड़ा आर्थिक संकेत होर्मुज जलडमरूमध्य से मिल रहा है, जहां जहाजों की आवाजाही में भारी कमी आई है। 17 सितंबर को ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 104.82 डॉलर प्रति बैरल रहा, जबकि अमेरिकी WTI लगभग 101.91 डॉलर था। सऊदी तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं और होर्मुज में कम होती जहाज आवाजाही बाजार की चिंता बनाए रखी हैं।
चीन ने भी इस संकट में अपनी राजनयिक भूमिका तेज कर दी है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत की और ईरान के विदेश मंत्री से चर्चा की। बीजिंग ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत फिर शुरू करने की अपील की है। चीन ने ईरान से यमन के हूती विद्रोहियों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने को कहा है, ताकि लाल सागर और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों पर दबाव कम किया जा सके।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल के लिए यात्रा प्रतिबंध लागू रहेंगे.
विभाग के प्रवक्ता, अमेरिकी विदेश विभाग प्रवक्ता
वह ईरान के खिलाफ फिर से बड़े पैमाने पर हमला करने या नहीं करने को लेकर अहम फैसला लेने वाले हैं।
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ईरानी प्रतिनिधिमंडल का छोटा आकार क्यों रखा गया है?
- प्रतिनिधिमंडल का आकार छोटा रखने का उद्देश्य अमेरिकी यात्रा प्रतिबंधों के कारण उनकी आवाजाही को सीमित करना है।
- ट्रंप के अगले कदमों पर क्षेत्रीय देशों की भूमिका क्या होगी?
- ट्रंप की आगामी न्यूजर्सी यात्रा में सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के नेताओं से मुलाकात होगी, जिनकी राय उनके अगले फैसलों को प्रभावित कर सकती है।
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