बांसवाड़ा के त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में घट स्थापना 11 अक्टूबर को
मंदिर ट्रस्ट ने सुरक्षा, दर्शन और गरबा रास की तैयारियां पूरी कीं
बांसवाड़ा के त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में 11 अक्टूबर को घट स्थापना अभिजीत मुहूर्त में होगी और नवरात्रि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन गरबा रास का आयोजन होगा। मंदिर ट्रस्ट और पंचाल समाज ने सुरक्षा, दर्शन, पार्किंग, सफाई और भीड़ प्रबंधन समेत विभिन्न व्यवस्थाओं की योजना बनाई है। 19 अक्टूबर को अष्टमी पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम होंगे जिसमें स्थानीय समाज और श्रद्धालुओं की सहभागिता रहेगी।
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बांसवाड़ा। बांसवाड़ा के त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में अश्विन नवरात्रि महोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। मंदिर ट्रस्ट और पंचाल समाज की बैठक में सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था, पार्किंग, सफाई, विद्युत और गरबा रास सहित कई व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। घट स्थापना 11 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त में होगी।
मंदिर परिसर में नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन रात 8 से 12 बजे तक गरबा रास होगा। मां त्रिपुरा सुंदरी का नवरात्रि महोत्सव क्षेत्र की आस्था और परंपरा से जुड़ा प्रमुख आयोजन है, नटवर लाल पंचाल ने बताया।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक होंगे। सुबह 7 बजे और शाम 7 बजे आरती की व्यवस्था रहेगी। अष्टमी के दिन दर्शन सुबह 4 बजे शुरू होंगे और 5 बजे मंगला आरती होगी। प्रतिदिन दो चोखरों को आरती का लाभ दिया जाएगा।
मंदिर ट्रस्ट ने दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, पार्किंग, सफाई, विद्युत, पेयजल, यज्ञशाला, प्रसाद निर्माण, महाप्रसाद, भोजन, कूपन वितरण, निमंत्रण पत्रिका, प्रचार-प्रसार और श्रद्धालुओं के आवागमन तथा भीड़ प्रबंधन को लेकर विस्तृत योजना बनाई है।
पंचाल समाज चौदह चोखरा की बैठक में महिला शक्ति और श्रद्धालुओं को मंदिर तक लाने के लिए आवश्यकतानुसार वाहन व्यवस्था करने का आह्वान किया गया। 10 अक्टूबर अमावस्या की रात और 18 अक्टूबर सप्तमी की रात व्यवस्थाओं की अंतिम समीक्षा के लिए विशेष बैठकें होंगी।
19 अक्टूबर को अष्टमी पर विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। हवन के यजमान बनने के लिए बोली सुबह 9 से 10 बजे तक रखी गई है। इस आयोजन में पंचाल समाज के सभी चोखरों, महिला शक्ति, युवा वर्ग और स्थानीय श्रद्धालुओं की सहभागिता महत्वपूर्ण होगी।
बैठक की अध्यक्षता पंचाल समाज चौदह चोखरा अध्यक्ष धुलजी भाई पालोदा ने की। बैठक में स्थानीय अध्यक्ष, केंद्रीय पदाधिकारी, प्रतिनिधि एवं प्रकोष्ठ प्रभारी सहित कई पदाधिकारी और समाजजन उपस्थित रहे। वंदे मातरम् और इष्ट वंदना से बैठक की शुरुआत हुई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पंचाल समाज ने महिलाओं और श्रद्धालुओं के लिए क्या व्यवस्था की है?
- महिला शक्ति और श्रद्धालुओं को मंदिर तक ले जाने के लिए आवश्यकतानुसार वाहन व्यवस्था की जाएगी।
- अष्टमी पर हवन के यजमान बनने के लिए क्या प्रक्रिया है?
- हवन के यजमान बनने के लिए बोली सुबह 9 से 10 बजे तक रखी जाएगी।
- नवरात्रि महोत्सव के लिए मंदिर ट्रस्ट ने क्या तैयारियां की हैं?
- दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, पार्किंग, सफाई, विद्युत, पेयजल, यज्ञशाला, प्रसाद निर्माण और भीड़ प्रबंधन की विस्तृत योजना बनाई गई है।
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