भाजपा नेता ने अस्पताल के रैंप पर दौड़ाई ई-स्कूटी
खरगापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षा नियमों की अनदेखी, बीएमओ ने जांच के आदेश दिए
टीकमगढ़ के खरगापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भाजपा मंडल महामंत्री प्रशांत शुक्ला के ड्राइवर ने गंभीर हालत में मरीज को लेकर अस्पताल के रैंप पर ई-स्कूटी चलाई। मामले की जानकारी मिलने पर बीएमओ ने जांच के आदेश दिए हैं। प्रशांत शुक्ला ने इस कार्रवाई को आपातकालीन स्थिति में मानवीय मदद बताया है।
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टीकमगढ़ के खरगापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भाजपा मंडल महामंत्री प्रशांत शुक्ला ने अस्पताल के रैंप पर ई-स्कूटी दौड़ाई। घटना 18 सितंबर की है, जो 19 सितंबर को अधिकारियों के संज्ञान में आई। बीएमओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
सुरक्षा गार्ड रवि ने बताया कि उन्होंने मुख्य द्वार पर वाहन को अंदर ले जाने से रोका था, लेकिन उनकी बात को अनसुना करते हुए ई-स्कूटी को सीधे अस्पताल परिसर के अंदर दाखिल कर दिया गया। वाहन चालक ने मरीजों की आवाजाही के लिए बने रैंप के जरिए पहले तल से ऊपरी तल तक स्कूटी चलाई।
भाजपा मंडल महामंत्री प्रशांत शुक्ला ने कहा कि उनके ड्राइवर गुड्डू यादव के घर से फोन आया था कि गुड्डू सीने के दर्द से तड़प रहा है। आनन-फानन में उसे स्कूटी पर बैठाकर अस्पताल लाया गया। उन्होंने बताया कि पीछे बैठे युवक की तबीयत खराब होने और उसे अस्पताल पहुंचाने की जल्दबाजी में रैंप पर वाहन ले जाने की बात कही है।
प्रशांत शुक्ला ने स्वीकार किया कि गलती हुई है, लेकिन यह मानवीय मदद के लिए किया गया। उन्होंने कहा, "उस समय मुझे कुछ सुनाई नहीं दिया, क्योंकि मुझे डर लग रहा था कि कहीं गुड्डू की जान न चली जाए।"
बीएमओ ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना की परिस्थितियां क्या थीं और अस्पताल की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ई-स्कूटी रैंप पर क्यों चलाई गई?
- गुड्डू यादव को सीने का दर्द था, उसे जल्दी अस्पताल पहुंचाने की जरूरत थी।
- प्रशांत शुक्ला की प्रतिक्रिया क्या रही?
- उन्होंने कहा कि यह गलती मानवीय मदद के लिए हुई और उन्हें डर था गुड्डू की जान को खतरा हो सकता है।
- घटना कब अधिकारियों के संज्ञान में आई?
- घटना 18 सितंबर को हुई, लेकिन 19 सितंबर को अधिकारियों को जानकारी मिली।
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