सीजेपी ने आदिवासी स्कूलों की जांच के लिए अभियान शुरू किया
महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में आदिवासी बच्चों की मौत के बाद स्कूलों की स्थिति पर ध्यान
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने नागपुर में 'आदिवासी स्कूल ठीक करो' अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य आदिवासी इलाकों के स्कूलों की जांच कर उनकी सुविधाओं और बच्चों की पढ़ाई की स्थिति का पता लगाना है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में आदिवासी बच्चों की मौत की घटनाओं के बाद सरकार से इन स्कूलों की स्थिति सुधारने की मांग की गई है।
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कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने नागपुर में 'आदिवासी स्कूल ठीक करो' अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत आदिवासी इलाकों के स्कूलों की जांच कर उनकी सुविधाओं और बच्चों की पढ़ाई के हालात का पता लगाया जाएगा।
दीपके ने बताया कि महाराष्ट्र में पिछले दो साल में 590 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की मौत हुई है। मध्य प्रदेश के बालाघाट में तीन महीने में 30 से अधिक बच्चों की मौतें हुई हैं। उन्होंने कहा कि देश को आजाद हुए 80 साल हो गए, लेकिन आदिवासी बच्चों के स्कूलों में कोई विकास नहीं हुआ है। अलग-अलग सरकारों ने आदिवासियों को नजरअंदाज किया है।
सीजेपी ने पहले 'स्कूल ठीक करो' अभियान चलाया था, जिसमें महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के स्कूलों की दुर्दशा को उजागर किया गया। अब आदिवासी इलाकों के स्कूलों के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है।
दीपके ने अपील की है कि सरकारें आदिवासी स्कूलों पर काम करें और उनकी स्थिति सुधारें। उन्होंने कहा कि यदि यह आंकड़ा मुंबई से आता तो पूरे देश में तहलका मच जाता, लेकिन आदिवासी बच्चों की मौतों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
यह अभियान आदिवासी इलाकों के स्कूलों की स्थिति का जायजा लेकर बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए काम करेगा। गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, झारखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिसा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में आदिवासी आबादी अधिक है, जहां बच्चों की मौतें हुई हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- आदिवासी स्कूल ठीक करो अभियान का उद्देश्य क्या है?
- इस अभियान का उद्देश्य आदिवासी इलाकों के स्कूलों की सुविधाओं और बच्चों की पढ़ाई की स्थिति का मूल्यांकन करना है।
- महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बच्चों की मौतों का कारण क्या बताया गया है?
- लेख में विशिष्ट कारण नहीं बताए गए, लेकिन बच्चों की मौतों को स्कूल और शिक्षा व्यवस्था की खराब स्थिति से जोड़ा गया है।
- सीजेपी ने पहले कौन सा अभियान चलाया था?
- सीजेपी ने पहले 'स्कूल ठीक करो' अभियान चलाकर महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में स्कूलों की दुर्दशा पर ध्यान आकर्षित किया था।
- आदिवासी बच्चों की मौतों पर सरकारों की प्रतिक्रिया क्या है?
- अभिजीत दीपके ने कहा कि आदिवासी बच्चों की मौतों को नजरअंदाज किया जा रहा है और अलग-अलग सरकारें आदिवासी शिक्षा को उपेक्षित कर रही हैं।
- कौन-कौन से राज्यों में आदिवासी आबादी अधिक है और अभियान चलाया जा रहा है?
- गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिसा और छत्तीसगढ़ में आदिवासी आबादी अधिक है जहां इस अभियान का फोकस है।
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