कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भाजपा पर निशाना साधा, मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर विवाद
2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े मामले में कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी ने सियासी तापमान बढ़ाया
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर विपक्षी आवाज दबाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार मिलन प्रधान को कोर्ट में पेश किया जाएगा और यह कार्रवाई गैर-जमानती वारंट के तहत चुनाव आयोग के निर्देशानुसार की गई है।
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पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर तीखा हमला किया है। पुलिस ने बताया कि उन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गिरफ्तारी और आरोप
पुलिस ने कहा कि यह गिरफ्तारी गैर-जमानती वारंट के तहत चलाए गए विशेष अभियान का हिस्सा है। संबंधित मामलों में उन्हें फरार आरोपी के रूप में चार्जशीट भी पेश की जा चुकी है। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई कानून के अनुरूप और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत की गई है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह डरी हुई है और बढ़त हासिल करने के लिए सही या गलत हर तरीका अपना रही है। उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।" उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस देश में इसी तरह का लोकतंत्र काम कर रहा है।
चुनावी माहौल और आगे की स्थिति
नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को वोट डाले जाने हैं और नामांकन वापसी का दौर चल रहा है। कांग्रेस के महासचिव ने कहा कि उन्होंने प्रधान और उनके रिश्तेदारों से बात की है और दावा किया कि उम्मीदवार अपना नामांकन वापस नहीं लेगा। चुनाव के दौरान वारंट तामील कराना कानून का स्थापित नियम है। अब देखना होगा कि कोर्ट से मिलन प्रधान को जमानत मिलती है या चुनावी समीकरण प्रभावित होते हैं।
प्रधान को शुक्रवार को 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण-विरोधी आंदोलन से जुड़े एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया
एक वरिष्ठ नेता
जब कांग्रेस नेता गिरफ्तारी के बारे में पूछताछ करने पुलिस था गए, तो उन्हें बताया गया कि कोई वास्तविक मामला नहीं है और प्रधान को अस्थायी रूप से हिरासत में रखा गया है
वेणुगोपाल
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- गिरफ्तारी गैर-जमानती वारंट के तहत क्यों की गई?
- यह गिरफ्तारी एक पुराने मामले से जुड़ी है जिसमें मिलन प्रधान फरार आरोपी हैं। पुलिस ने इसे कानून और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत किया है।
- अब क्या होगा अगर मिलन प्रधान को कोर्ट से जमानत मिलती है?
- अगर जमानत मिलती है तो उनका नामांकन कायम रह सकता है और चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
- कांग्रेस महासचिव ने नामांकन वापस न लेने की बात क्यों कही?
- उन्होंने उम्मीदवारों और उनके परिवार से चर्चा के बाद यह दावा किया है कि वे चुनाव में बने रहना चाहते हैं।
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