कच्चा तेल 108 डॉलर पर, यूएस बॉन्ड यील्ड 5% के पार
फेड के ब्याज दर फैसले और कच्चे तेल की कीमतों से बाजार में अनिश्चितता
अमेरिका की 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 5% से ऊपर पहुंच गई है और ब्रेंट क्रूड तेल का भाव 108 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है। अमेरिका के फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले का असर भारतीय शेयर बाजार और तेल की कीमतों पर भी पड़ने की संभावना है।
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कच्चा तेल। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत संभलकर हुई, लेकिन फिलहाल कोई बड़ा सकारात्मक संकेत नहीं दिख रहा है। बाजार की चाल पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का असर रहेगा।
सुबह 7 बजे निफ्टी करीब 4 अंक नीचे 23,220 के आसपास था। मंगलवार को बाजार मजबूती के साथ खुला था, लेकिन दिन बढ़ने पर निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में आ गए। आईटी सेक्टर हरे निशान में रहा, जबकि कई अन्य सेक्टरों में बिकवाली देखी गई।
अमेरिकी बाजारों में मंगलवार का सत्र भी निवेशकों के लिए राहत वाला नहीं रहा। Dow Jones, S&P 500 और Nasdaq तीनों गिरावट के साथ बंद हुए, जो आज एशियाई और भारतीय बाजारों की धारणा पर असर डाल सकते हैं।
एशियाई बाजारों में बुधवार को मिला-जुला रुख रहा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में करीब 0.30 फीसदी की तेजी रही और ताइवान के बाजार में मजबूती दिखी। वहीं, जापान का निक्कई करीब 0.15 फीसदी नीचे रहा। Hang Seng और Shanghai Composite भी हल्की गिरावट में कारोबार करते दिखे।
अमेरिका की 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 5 फीसदी के स्तर को पार कर गई है, जो लंबे समय बाद देखने को मिला है। इससे निवेशकों का ध्यान शेयरों के साथ बॉन्ड मार्केट की ओर भी जा सकता है।
ब्रेंट क्रूड की कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। भारत के लिए महंगा तेल खास महत्व रखता है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल की कीमतों में लंबे समय तक मजबूती रहने पर महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है।
आज बाजार की नजर फेड के ब्याज दर फैसले के साथ-साथ बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की चाल पर भी रहेगी। बाजार में 25 बेसिस पॉइंट की दर बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। फेड के फैसले का असर न केवल अमेरिकी बाजार पर, बल्कि दुनियाभर के शेयर बाजारों, बॉन्ड और करेंसी मार्केट पर भी पड़ सकता है। इसलिए भारतीय निवेशक भी इस फैसले से जुड़े संकेतों पर नजर रखेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का भारत पर क्या असर होगा?
- महंगा तेल भारत की महंगाई बढ़ा सकता है और कंपनियों की लागत पर दबाव डाल सकता है।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले से भारतीय बाजार पर क्या प्रभाव होगा?
- फेड के फैसले का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों, बॉन्ड और करेंसी मार्केट पर पड़ सकता है।
- अमेरिकी 10 साल की ट्रेजरी यील्ड में यह बदलाव क्या दर्शाता है?
- 5% से ऊपर यील्ड लंबे समय बाद आया है, जिससे निवेशक शेयरों के साथ बॉन्ड मार्केट पर भी ध्यान देंगे।
- एशियाई बाजारों की मौजूदा स्थिति क्या है?
- दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजारों में मजबूती दिखी है, जबकि जापान, हांगकांग और शंघाई में हल्की गिरावट रही।
- मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार का क्या हाल रहा?
- बाजार ने मजबूती के साथ खुला लेकिन मुनाफावसूली से सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में आए।
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