नैनीताल में अधिवक्ताओं के लिए पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की मांग
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने उत्तराखंड सरकार से कैशलेस चिकित्सा बीमा योजना लागू करने का आग्रह किया
नैनीताल हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने प्रदेश के अधिवक्ताओं के लिए पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने मेडिकल आधार पर भूतल आवास आवंटन के लिए गंभीर बीमारियों की सूची में सुधार और अस्पताल के दवा काउंटर पर टोकन मशीनों व फार्मासिस्टों की संख्या बढ़ाने का भी आग्रह किया है।
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नैनीताल। नैनीताल में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने प्रदेश के अधिवक्ताओं के लिए पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की मांग की है। एसोसिएशन ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है और अन्य राज्यों की तर्ज पर उत्तराखंड में भी यह योजना लागू करने की अपील की है।
अधिवक्ताओं के पास आय के सीमित स्रोत होते हैं, इसलिए स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें इलाज के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बार एसोसिएशन ने जल्द ही इस सुविधा के लिए प्रदेश के सभी बार पदाधिकारियों के साथ बैठक कर निर्णय लेने की बात कही है।
प्रतिनिधिमंडल ने मेडिकल आधार पर भूतल आवास आवंटन के लिए निर्धारित सात बीमारियों की सूची की समीक्षा कर घुटने सहित अन्य गंभीर बीमारियों को इसमें शामिल करने का आग्रह किया है। इससे ऐसे कर्मचारियों को सुविधा मिल सकेगी, जिनके माता-पिता को चलने-फिरने में परेशानी है और वे ऊपरी मंजिल पर रहने को मजबूर हैं।
यूनियन ने अस्पताल के दवा काउंटर पर टोकन मशीनों की संख्या बढ़ाने और फार्मासिस्टों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। कर्मचारियों की कमी के कारण फार्मासिस्टों पर काम का दबाव बढ़ गया है, जिससे मरीजों को दवा लेने में परेशानी होती है।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इन मुद्दों समेत कई अन्य विषयों पर काम किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल में महामंत्री संदीप कुमार सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से अधिवक्ताओं को क्या लाभ होगा?
- यह सुविधा अधिवक्ताओं को इलाज के दौरान आर्थिक बोज़ कम करने में मदद करेगी।
- बीमारियों की सूची में किन बीमारियों को शामिल करने की मांग की गई?
- घुटने सहित अन्य गंभीर बीमारियों को भी सूची में जोड़ने का आग्रह किया गया है।
- अस्पताल में दवा वितरण की कौन-कौन सी समस्याएं हैं?
- फार्मासिस्टों की कमी के कारण दवा देने में देरी और मुश्किलें आ रही हैं।
- बार एसोसिएशन ने आगे क्या कदम उठाने की योजना बनाई है?
- प्रदेश के सभी बार पदाधिकारियों के साथ बैठक कर इस सुविधा पर निर्णय लेंगे।
- अस्पताल प्रबंधन ने शिकायतों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
- प्रबंधन ने कहा कि वह चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए काम कर रहा है।
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