लखनऊ कोर्ट ने सिपाही प्रशांत को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया
आठ साल पुराने मामले में फैसला 21 सितंबर को सुनाया जाएगा, पत्नी ने जताई नाराजगी
लखनऊ कोर्ट ने सिपाही प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया जबकि दूसरे आरोपी संदीप कुमार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। यह मामला 29 सितंबर 2018 को हुए एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की मौत से जुड़ा है, और अंतिम फैसला 21 सितंबर को सुनाया जाएगा।
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मामले में दूसरे आरोपी संदीप कुमार को बरी कर दिया गया। कोर्ट का अंतिम फैसला 21 सितंबर को सुनाया जाएगा।
29 सितंबर 2018 को लखनऊ में एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या हुई थी। पुलिस के मुताबिक कार नहीं रुकी और टक्कर की स्थिति बनी, तब प्रशांत चौधरी ने गोली चला दी जो विवेक को लगी।
घटना के बाद विवेक की सहकर्मी सना खान की शिकायत पर गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। दोनों सिपाहियों को गिरफ्तार कर निलंबित कर दिया गया। न्यायिक प्रक्रिया में गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अंतिम बहस 6 अगस्त को पूरी हुई थी।
कोर्ट ने गुरुवार को अपने फैसले में प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया, जबकि संदीप कुमार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी ने इस फैसले पर नाराजगी जताई और इसे घटिया बताया।
कल्पना ने दूसरे आरोपी संदीप कुमार को बरी किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "उम्मीद थी कि उन्हें न्याय मिलेगा, लेकिन जो फैसला आया है वह अन्यायपूर्ण है। फांसी न होती तो कम से कम आजीवन कारावास की सजा होनी चाहिए थी।" उन्होंने यह भी कहा, "अब वह अपने बच्चों को क्या जवाब देंगी।" परिवार लंबे समय से इस मामले में न्याय का इंतजार कर रहा था, लेकिन कोर्ट के फैसले से निराशा हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन आईजी रेंज सुजीत पांडे की अगुवाई में विशेष जांच टीम ने जांच की थी। एसआईटी की जांच के बाद दोनों सिपाहियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वर्तमान में प्रशांत चौधरी लखनऊ जेल में बंद है, जबकि संदीप कुमार को जमानत मिल चुकी है।
कोर्ट का फैसला यह तय करेगा कि दोनों आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर न्यायालय का क्या निष्कर्ष है। विवेक तिवारी हत्याकांड के फैसले पर पीड़ित परिवार और मामले से जुड़े लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।
आज सुबह से कोर्ट के फैसले पर निगाहें थीं
कल्पना तिवारी, विवेक तिवारी की पत्नी
प्रशांत चौधरी ट्रेंड सिपाही था
कल्पना तिवारी, विवेक तिवारी की पत्नी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- यह हत्या कब हुई थी?
- हत्या 29 सितंबर 2018 को लखनऊ में हुई थी।
- मुकदमा किस थाने में दर्ज किया गया था?
- मुकदमा गोमतीनगर थाने में विवेक तिवारी की सहकर्मी सना खान की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
- जांच किसने की थी?
- तत्कालीन आईजी रेंज सुजीत पांडे की अगुवाई में विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच की थी।
- परिवार का फैसले पर क्या रुख है?
- विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने फैसले को घटिया और अन्यायपूर्ण बताया है।
- दूसरे आरोपी संदीप कुमार की वर्तमान स्थिति क्या है?
- संदीप कुमार को जमानत मिल चुकी है और वह जेल में नहीं है।
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