डूंगरपुर में 14 लाख की बैंक चोरी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
चोरी के तीन आरोपियों को पुलिस ने गुजरात में छह किलोमीटर पीछा कर पकड़ा
डूंगरपुर के चीतरी थाना पुलिस ने आरबीएल फिनसर्व बैंक शाखा में हुई 14 लाख 23 हजार रुपए की चोरी का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने रेकी कर बैंक में घुसकर नकदी चुराई थी, जिनमें से एक आरोपी अभी फरार है। मामले में राजस्थान और गुजरात में कई चोरी के मामले भी दर्ज हैं।
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डूंगरपुर। डूंगरपुर के चीतरी थाने की पुलिस ने गलियाकोट स्थित आरबीएल फिनसर्व बैंक शाखा में हुई 14 लाख 23 हजार 217 रुपए की चोरी का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में अंतरराज्यीय चोर गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, 6 सितंबर की रात करीब 11 बजे बैंक के ब्रांच मैनेजर राजेश कुमार सैनी, कैशियर राजेंद्र मेघवाल और कर्मचारी सुरेश कुमार सैनी ने तीन दिन की नकदी का हिसाब किया था। यह रकम बैंक के लॉकर में रखी गई थी। अगली सुबह जब बैंक खोला गया, तो लॉकर, अलमारी और दराज खुले मिले। जांच में पता चला कि आरोपियों ने पहले बैंक की रेकी की थी।
रात में वे सीढ़ियों के नीचे लगी जाली तोड़कर बिल्डिंग में घुसे और बैंक के पीछे के दरवाजे की कुंडी भी तोड़ दी। बैंक में रखी चाबियों से उन्होंने लॉकर खोला और नकदी लेकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही चीतरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा किए और आरोपियों के संभावित रास्तों के फुटेज भी खंगाले।
साइबर सेल की तकनीकी मदद से संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाया गया। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के गुजरात में होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने गुजरात के अलग-अलग शहरों और गांवों में ठेकेदार और मजदूर बनकर पांच दिन तक डेरा डाला। पुलिस ने जंगल में करीब छह किलोमीटर पीछा करने के बाद मुख्य आरोपी जीवा उर्फ जीवतराम कुआं को पकड़ लिया।
पुलिस ने इस गिरोह के दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी मुकेश पुत्र चुन्नीलाल डामोर, निवासी मालाखोलड़ा, थाना कुआं अभी फरार है। आरोपियों ने पूछताछ में चोरी करना स्वीकार किया। गिरोह में शामिल आरोपियों ने चोरी से पहले रेकी करने और वारदात के बाद आरोपियों को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने में सहयोग किया।
मुख्य आरोपी के खिलाफ राजस्थान और गुजरात में चोरी के कई मामले दर्ज हैं। इनमें थाना कुआं में तीन, धंबोला में एक और चीतरी थाने में तीन मामले शामिल हैं। इनमें वर्ष 2024, 2025 और 2026 के चोरी के मामले हैं।
कार्रवाई थाना प्रभारी रमेश मीणा के नेतृत्व में एएसआई रमणलाल, हेड कांस्टेबल अरविंद कुमार, वीरेंद्र सिंह, लोकेन्द्र सिंह, गजेन्द्र सिंह सहित पुलिसकर्मियों और डूंगरपुर साइबर सेल की टीम ने की। अधिकारियों के निर्देशन में सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और तकनीकी व पारंपरिक पुलिसिंग के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पुलिस ने आरोपियों को कैसे पकड़ा?
- पुलिस ने साइबर सेल की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाया और गुजराती शहरों में डेरा डालकर मुख्य आरोपी को पकड़ा।
- चोरी के दौरान बैंक के कौन-कौन से हिस्से खुले पाए गए थे?
- चोरी के दौरान बैंक का लॉकर, अलमारी और दराज सभी खुले पाए गए थे।
- आरोपियों ने चोरी के लिए क्या तैयारी की थी?
- आरोपियों ने चोरी से पहले बैंक की रेकी की और बैंक में प्रवेश के लिए जाली तोड़ी तथा दरवाजे की कुंडी भी।
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