डूंगरपुर में आठवीं बार भाजपा ने नगरपरिषद बोर्ड बनाया
सुशीला गुप्ता और आशा पाटीदार को सभापति पद पर जीत मिली
डूंगरपुर नगरपरिषद में भाजपा ने लगातार आठवीं बार बोर्ड बनाने में सफलता प्राप्त की है और सुशीला गुप्ता को तीसरी बार महिला सभापति चुना गया है। इस बार सभापति का पद अनारक्षित था और सुशीला गुप्ता को 25 मत मिले, जबकि कांग्रेस के भरत नागदा को 12 मत प्राप्त हुए।
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डूंगरपुर। डूंगरपुर नगरपरिषद में भाजपा ने लगातार आठवीं बार बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की है। इस बार सुशीला गुप्ता को सभापति चुना गया, जो निकाय की कमान संभालने वाली तीसरी महिला हैं।
डूंगरपुर नगरपरिषद में भाजपा के 24 पार्षदों और एक निर्दलीय पार्षद ने सुबह करीब साढ़े दस बजे मतदान किया। बीएपी के तीन पार्षदों के मतदान के लिए दो बजे तक इंतजार किया गया, लेकिन वे नहीं पहुंचे। इसके बाद रिटर्निंग अधिकारी ने परिणाम घोषित किया।
भाजपा की सुशीला गुप्ता को 25 मत प्राप्त हुए जबकि कांग्रेस के भरत नागदा को 12 मत मिले। इसी तरह सागवाड़ा नगरपरिषद के 35 वार्डों में से भाजपा की आशा पाटीदार को 23 और कांग्रेस की भूमिका पंचाल को आठ मत मिले। आशा पाटीदार को विजयी घोषित किया गया।
नगरपरिषद डूंगरपुर में यह आठवीं बार है जब भाजपा बोर्ड बनाने में सफल रही है। साथ ही यह तीसरा मौका है जब निकाय की कमान महिला को मिली है। खास बात यह है कि इस बार सभापति का पद अनारक्षित ओपन के लिए रिजर्व था और सुशीला गुप्ता को मौका मिला है।
डूंगरपुर नगरपरिषद में 2015 से 2020 तक केके गुप्ता सभापति रहे, जो अब अपनी पत्नी सुशीला गुप्ता को यह पद सौंप चुके हैं। सुशीला गुप्ता ने पहले भी 2000 से 2005 और 2010 से 2015 तक निकाय की मुखिया के रूप में कार्य किया है।
केके गुप्ता ने अपने कार्यकाल में स्वच्छता सहित कई विकास कार्य किए, जो जनता के बीच चर्चित रहे। वे वर्तमान में स्वच्छता के प्रदेश ब्रांड एंबेसडर हैं। उनके कारण इस बार उनकी पत्नी को भाजपा से टिकट मिलने के बाद जनता का समर्थन मिला।
नगरपरिषद के उपसभापति और नगरपालिका के उपाध्यक्ष के चुनाव मंगलवार को होंगे।
डूंगरपुर नगरपरिषद के पिछले सभापतियों में 1990-95 में शंकर सिंह सौलंकी, 1995-2000 में गुरुप्रसाद पटेल, 2005-2010 में शंकर सिंह सौलंकी, 2021-2026 में अमृत कलासुआ शामिल हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सुशीला गुप्ता की राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?
- सुशीला गुप्ता ने पहले 2000-2005 और 2010-2015 तक निकाय की मुखिया के रूप में कार्य किया है।
- केके गुप्ता का नगरपरिषद में क्या योगदान रहा है?
- केके गुप्ता ने स्वच्छता सहित कई विकास कार्य किए और वर्तमान में वे स्वच्छता के प्रदेश ब्रांड एंबेसडर हैं।
- इस बार भाजपा के वोटिंग में क्या खास रहा?
- बीएपी के तीन पार्षद मतदान के लिए दो बजे तक नहीं पहुंचे, जिसके बाद रिटर्निंग अधिकारी ने परिणाम घोषित किया।
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