विद्युत आपूर्ति और सरकारी योजनाओं में अनियमितता को लेकर ज्ञापन
विद्युत कटौती, जातीय जनगणना और धार्मिक स्थलों की योजनाओं में शिकायतें सामने आईं
बुलंदशहर में विद्युत कटौती और सरकारी योजनाओं में अनियमितता को लेकर विभिन्न संगठनों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे हैं। किसानों, छात्रों और स्थानीय जनता को इन समस्याओं से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, जातीय जनगणना और धार्मिक स्थलों के विकास से जुड़ी शिकायतों पर भी जांच की मांग की गई है।
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बुलंदशहर। बुलंदशहर में लगातार हो रही विद्युत कटौती और सरकारी योजनाओं में अनियमितता को लेकर विभिन्न संगठनों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इन समस्याओं से किसानों, छात्रों और स्थानीय जनता को परेशानी हो रही है।
विद्युत आपूर्ति में दिक्कतें
भारत निर्माण संगठन रक्षक कार्यकर्ताओं ने एसडीओ संदीप चौहान को आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें विद्युत आपूर्ति सुचारू करने की मांग की गई। नारायण सिंह ने बताया कि रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति नहीं की जा रही है, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं, किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं और बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र में कुछ हाई वोल्टेज की लाइनों के तार ढीले होकर नीचे लटक रहे हैं, जिन्हें चिन्हित कर ठीक कराया जाना चाहिए ताकि कोई अप्रिय हादसा न हो। एसडीओ ने शीघ्र ही समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
लेखपालों की मांग
लेखपाल संघ की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा गया है। मनीष कुमार यादव ने कहा कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने में लेखपाल की अहम भूमिका है।
जातीय जनगणना और कांग्रेस का पक्ष
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सरवर आलम के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया। सरवर आलम ने कहा कि सामाजिक न्याय और पिछड़ों की भागीदारी सुनिश्चित करना कांग्रेस का संकल्प है। शाहिद सिद्दीकी ने बताया कि कांग्रेस पिछड़े, दलित, आदिवासी और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रही है। ज्ञापन में जातीय जनगणना वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से कराने की मांग की गई ताकि पिछड़े वर्गों को उनकी आबादी के अनुपात में अधिकार और प्रतिनिधित्व मिल सके।
धार्मिक स्थलों की योजनाओं में अनियमितता
जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव ने पूर्व मंत्री और कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की को ज्ञापन सौंपकर आदिवासियों के धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए स्वीकृत योजनाओं में अनियमितता की जांच कराने की मांग की। शिकायतकर्ता ने कहा कि सरकार के मार्गदर्शन में योजनाएं संचालित हैं, लेकिन कई योजनाओं की गुणवत्ता में गंभीर अनियमितता बरती जा रही है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कई स्थानों पर धरातल पर कार्य कराए बिना ही राशि की निकासी कर ली गई है। एक ही राजस्व ग्राम में एक ही सरना स्थल होने के बावजूद विभागीय मिलीभगत से अलग-अलग योजनाओं के नाम पर दो-तीन बार राशि निकासी की गई। ग्रामसभा में योजना की जानकारी दिए बिना मुखिया, पंचायत सचिव समेत अन्य लोगों के हस्ताक्षर कराकर राशि निकासी की जा रही है। बालूमाथ प्रखंड के शेरेगाड़ा और बालू गांव में कराई गई योजनाओं में भी अनियमितता की जांच की मांग की गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- विद्युत कटौती से किस-किसे परेशानी हो रही है?
- विद्युत कटौती से किसानों की फसलें और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
- हाई वोल्टेज लाइन की समस्या क्या है?
- कुछ हाई वोल्टेज लाइनों के तार ढीले होकर नीचे लटक रहे हैं, जो हादसे का खतरा बढ़ाते हैं।
- लेखपालों की भूमिका सरकारी योजनाओं में क्या है?
- लेखपाल जनता तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
- कांग्रेस जातीय जनगणना पर क्या मांग कर रही है?
- कांग्रेस जनगणना को वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से कराने पर जोर देती है ताकि पिछड़े वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिले।
- धार्मिक स्थलों की योजनाओं में क्या अनियमितताएं मिली हैं?
- कुछ योजनाओं में बिना कार्य कराए राशि निकासी और विभागीय मिलीभगत से एक से अधिक बार राशि निकासी की गई है।
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