सिरोही में चार दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस में IT प्रोफेशनल्स सीख रहे मन प्रबंधन
तकनीक के साथ इंसान की समझ और संस्कारों को भी सशक्त बनाने पर जोर
सिरोही में ब्रह्माकुमारीज के ग्लोबल ऑडिटोरियम में चार दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस में 400 से अधिक आईटी पेशेवर मन प्रबंधन और आत्मसशक्तिकरण के विषय पर प्रशिक्षण ले रहे हैं। सम्मेलन में तकनीकी विकास के साथ इंसान की समझ और संस्कारों की अहमियत पर जोर दिया गया है।
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सिरोही। सिरोही के मनमोहिनीवन स्थित ब्रह्माकुमारीज के ग्लोबल ऑडिटोरियम में चार दिन की नेशनल कॉन्फ्रेंस चल रही है। इसमें 400 से ज्यादा आईटी क्षेत्र के प्रोफेशनल्स 'मन प्रबंधन' और 'इम्पॉवरिंग द सेल्फ' विषय पर सीख रहे हैं। सम्मेलन में बताया गया कि तकनीक जितनी तेजी से बढ़े, इंसान की समझ और संस्कार उससे भी जरूरी हैं।
बीके करुणा भाई ने कहा कि आज पूरी दुनिया तकनीक की मदद से तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन तकनीक को दिशा देने वाला इंसान खुद कितना सशक्त है, यह ज्यादा जरूरी है। बीके आशा दीदी ने बताया कि हर इंसान की आत्मा के अंदर शांति, प्रेम, शक्ति, ज्ञान, पवित्रता और खुशी जैसे गुण मौजूद हैं, जो हालात और गलत संस्कारों की वजह से दब जाते हैं।
बीके वर्षा दीदी ने राजयोग ध्यान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इससे कुछ समय के लिए खुद को बाहरी कामों से अलग कर परमात्मा को याद करना मन को नई ऊर्जा देता है। बीके विधात्री बहन ने बताया कि आईटी क्षेत्र में काम करने वाले प्रोफेशनल्स लंबे समय तक स्क्रीन, ईमेल, मीटिंग और लगातार बदलती जानकारियों से जुड़े रहते हैं, जिससे मानसिक थकान होती है।
बीके दिलीप भाई ने कहा कि तकनीक ने इंसान की जिंदगी में बड़े बदलाव किए हैं, लेकिन मानसिक थकान का हल सिर्फ आराम करना नहीं, बल्कि मन को सही तरह की ऊर्जा देना भी है। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक आने वाले समय में और ज्यादा असर डालेंगी, लेकिन तकनीक जितनी ताकतवर होगी, उसे इस्तेमाल करने वाले इंसान के संस्कार और समझ उतने ही जरूरी होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सिरोही में किस विषय पर नेशनल कॉन्फ्रेंस हो रही है?
- नेशनल कॉन्फ्रेंस में 'मन प्रबंधन' और 'इम्पॉवरिंग द सेल्फ' विषयों पर चर्चा हो रही है।
- कितने आईटी प्रोफेशनल्स इस कॉन्फ्रेंस में भाग ले रहे हैं?
- इसमें 400 से ज्यादा आईटी क्षेत्र के प्रोफेशनल्स शामिल हैं।
- आईटी क्षेत्र में काम करने वाले पेशेवर किन मानसिक चुनौतियों का सामना करते हैं?
- वे लंबे समय तक स्क्रीन, ईमेल, मीटिंग और बदलती जानकारियों से जुड़े रहते हैं, जिससे मानसिक थकान होती है।
- तकनीक और इंसान के संस्कारों के बीच क्या संबंध बताया गया है?
- तकनीक जितनी ताकतवर होगी, उसे सही दिशा देने वाले इंसान के संस्कार और समझ उतने ही जरूरी होंगे।
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