आजमगढ़ में स्वाइन फ्लू के चार मरीज मिले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
मंडलीय अस्पताल में पांच बेड का आइसोलेशन वार्ड आरक्षित, संक्रमण से बचाव को लेकर जांच जारी
आजमगढ़ में स्वाइन फ्लू के चार मरीज मिले हैं, जिनमें एक बच्ची, एक महिला, एक पुरुष और एक बुजुर्ग शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण रोकने के लिए मंडलीय अस्पताल में पांच बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया है और गांवों में जांच अभियान चला रहा है।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
मोहान। आजमगढ़ जिले में स्वाइन फ्लू के चार मरीजों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण को रोकने के लिए मंडलीय अस्पताल में पांच बेड का आइसोलेशन वार्ड आरक्षित किया है और गांवों में जांच अभियान चलाया जा रहा है।
स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों में एक साल की बच्ची, 36 साल की महिला, 45 साल का पुरुष और 64 साल का बुजुर्ग शामिल हैं। जांच रिपोर्ट में दो मरीज शहर के और दो ग्रामीण क्षेत्र के पाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हसनगंज क्षेत्र के अहमदपुर बादे गांव में शुक्रवार को पहुंचकर संक्रमित के घर के आसपास 50 घरों में सर्दी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षणों की जांच की। टीम ने ग्रामीणों को संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक करते हुए सर्दी, जुकाम या बुखार होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाकर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी।
मंडलीय अस्पताल में पांच बेड का आइसोलेशन वार्ड आरक्षित किया गया है, जहां मरीजों को भर्ती करने और इलाज की सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा लालगंज स्वास्थ्य अस्पताल में सात, करमा में तीन और अहरौला में चार बेड स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए तैयार किए गए हैं।
चक्रपानपुर मेडिकल कॉलेज के सुपर फैसिलिटी अस्पताल की तीसरी मंजिल पर भी एच1एन1 वायरस के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है, जहां 50 जांच किट और जरूरी दवाइयां उपलब्ध हैं। डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी 24 घंटे लगाई गई है। नोडल अधिकारी डॉ. अतुल श्रीवास्तव रोजाना मॉनीटरिंग कर रहे हैं ताकि आपात स्थिति में मरीजों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमण से बचाव के लिए कागजी तैयारियां पूरी की गई हैं, लेकिन अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ और बिना मास्क के आने वाले लोगों के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना हजारों मरीज बुखार, खांसी और जुकाम की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
अधीक्षक डॉ. नितिन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंचकर जांच कर रही है। सतीश चंद्र कनौजिया ने बताया कि स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए मंडलीय अस्पताल में पांच बेड का आइसोलेशन वार्ड आरक्षित किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
- स्वास्थ्य विभाग ने आइसोलेशन वार्ड बनाए हैं, गांवों में जांच अभियान चलाया है और लोगों को बचाव के लिए जागरूक किया है।
- स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए नागरिकों को क्या करना चाहिए?
- यदि सर्दी, जुकाम या बुखार हो तो तुरंत स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाकर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद




Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.