इटवा में भक्तिमय माहौल के बीच गणेशोत्सव का भव्य समापन
श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों और जयकारों के साथ गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया
इटवा के नगर पंचायत अमिला में पांच दिवसीय 14वें श्री गणेशोत्सव का समापन पूजा-अर्चना और हवन के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने गणपति प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा में भाग लिया और हनुमान चालीसा का पाठ किया। आयोजकों एवं पुजारियों की उपस्थिति में भक्तिमय कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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इटवा। इटवा के नगर पंचायत अमिला के मध्य चौक पर शुक्रवार देर शाम पांच दिवसीय 14वें श्री गणेशोत्सव का भव्य समापन हुआ। सैकड़ों श्रद्धालु गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ विसर्जन यात्रा में शामिल हुए और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा।
गणेश चतुर्थी से शुरू हुए इस उत्सव में कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तिमय माहौल में गाए जा रहे गीत, जयकारे, आरती और भजन-कीर्तन से मंदिर परिसर सराबोर था।
मंदिर के मुख्य पुजारी राजेश उपाध्याय ने सभी भक्तों का तिलक लगाकर स्वागत किया और आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम के आयोजक प्रमोद शर्मा के साथ ठाकुर प्रसाद शर्मा, जयकृष्ण उपाध्याय, विनय कुमार मिश्र, वेद नारायण मिश्र, आनंद मिश्रा, मोतीलाल विश्वकर्मा, कैलाश जायसवाल, गिरधर गुप्ता, राकेश श्रीवास्तव एवं सत्यजीत राय, दिनेश कुमार सहित श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ और आरती की गई, इसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
समापन अवसर पर पुजारी चंद्रसेन पांडेय ने विधि-विधान से भगवान गणेश का पूजन-अर्चन और हवन कराया। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ गणेश प्रतिमा की विसर्जन यात्रा निकाली गई। श्रद्धालु अबीर-गुलाल उड़ाते हुए भक्ति गीतों पर झूमते और नाचते-गाते हुए यात्रा में शामिल थे।
जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर भगवान गणेश को विदाई दी। विसर्जन यात्रा में शुभम, आशीष, अभय, दीपक, सुनील, बबलू, रिंकू, चिक्की, मोनू, अनुप, धर्मेंद्र, मंटू, योगेश, बंटी, रामू, श्यामू, कल्लू, बिरजू, झुनझुन और सिप्पू समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- समापन कार्यक्रम में किन प्रमुख आयोजकों की उपस्थिति थी?
- प्रमोद शर्मा के साथ ठाकुर प्रसाद शर्मा, जयकृष्ण उपाध्याय, विनय कुमार मिश्र और अन्य श्रद्धालु मौजूद थे।
- गणेश प्रतिमा के विसर्जन के समय किन गतिविधियों का आयोजन हुआ?
- विधि-विधान से पूजन-अर्चन, हवन के बाद गाजे-बाजे के साथ विसर्जन यात्रा निकाली गई।
- श्रद्धालुओं ने विसर्जन यात्रा में कैसे भाग लिया?
- उन्होंने अबीर-गुलाल उड़ाए, भक्ति गीतों पर झूमते और नाचते-गाते हुए यात्रा पूरी की।
- पूजा-अर्चना और उत्सव के दौरान भक्तों की संख्या कैसी रही?
- कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणेश प्रतिमाओं के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आए।
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