सिरोही में दिन में भारी वाहनों पर 7 से 9 बजे तक प्रतिबंध
राष्ट्रीय राजमार्ग-168 के सिरोही-रेवदर-मंडार खंड में यातायात नियम लागू
सिरोही जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-168 के सिरोही से मंडार तक के मार्ग पर सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह कदम बढ़ती दुर्घटनाओं और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने उठाया है, जबकि रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक वाहनों को आवाजाही की अनुमति रहेगी।
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सिरोही। सिरोही जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-168 के सिरोही से मंडार तक के खंड में सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक भारी और वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने यातायात व्यवस्था और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किया है।
आदेश के अनुसार टोल संग्रह बंद होने के बाद इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे जनसुरक्षा और सड़क सुरक्षा के लिहाज से दिन के समय भारी वाहनों पर रोक लगाई गई है। मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 115 और राजस्थान मोटरयान नियम, 1990 की धारा 8.1 के तहत यह प्रतिबंध लागू किया गया है। पुलिस और यातायात विभाग को आदेश की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2013 से अब तक इस हाईवे पर 925 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 590 से ज्यादा मौतें हुई हैं। इससे पहले इस मार्ग पर करोंटी, सिंदरथ और मंडार के पास स्टेट टोल संचालित था, जिसे करीब दो साल पहले हाईकोर्ट के आदेश पर हटाया गया। टोल हटने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी, जिससे अनादरा, रेवदर और मंडार जैसे कस्बों में यातायात दबाव और जाम की समस्या उत्पन्न हुई। ग्रामीण लंबे समय से बाइपास की मांग कर रहे हैं।
कलेक्टर तोमर ने बताया कि सिरोही से मंडार तक करीब 72 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को फोरलेन करने का प्रस्ताव है। एनएचएआई ने सिरोही और रेवदर खंड में जमीन अधिग्रहण के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी किया है, लेकिन फोरलेन निर्माण का काम अभी शुरू नहीं हुआ है।
प्रतिबंध लागू होने के बाद गुरुवार को मंडार बोर्ड पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ गया। गुजरात की ओर से बड़ी संख्या में ट्रक और अन्य भारी वाहन मंडार सीमा तक पहुंच गए, लेकिन आगे जाने की अनुमति नहीं मिलने से सड़क किनारे लंबी कतारें लग गईं। वाहन चालकों को प्रतिबंध की जानकारी मंडार बोर्ड पर ही मिली, जिससे उन्हें वाहन रोककर इंतजार करना पड़ा।
मंडार बोर्ड पर दिनभर पुलिस जाब्ता तैनात रहा और गुजरात की ओर से आने वाले वाहन चालकों को प्रतिबंध की जानकारी दी गई। एसडीएम राजन लोहिया ने भी मंडार बोर्ड पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पुलिस अधिकारियों को प्रतिबंध की सख्ती से पालना कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात सुचारू रखने और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग की जानकारी देने के भी निर्देश दिए। प्रशासन गुजरात पुलिस का सहयोग भी ले रहा है।
आदेश के अनुसार भारी वाणिज्यिक वाहनों को रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक इस मार्ग पर आवाजाही की अनुमति रहेगी। एसडीएम की मौजूदगी में पुलिस प्रशासन ने गुजरात की ओर से मंडार बोर्ड की तरफ आने वाले भारी वाहनों को मंडार में प्रवेश देने के बजाय आबूरोड की ओर डायवर्ट किया, जिससे आबादी क्षेत्र में भारी वाहनों का दबाव कम करने का प्रयास किया गया। वाहन चालकों को प्रशासन की ओर से तय व्यवस्था का पालन करना होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भारी वाहनों पर लगने वाला प्रतिबंध क्यों लागू किया गया?
- प्रतिबंध जनसुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगाया गया है।
- क्या इस प्रतिबंध के बाद भी भारी वाहन इस मार्ग पर रात में चल सकते हैं?
- हाँ, रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक भारी वाहनों को आवाजाही की अनुमति है।
- फोरलेन निर्माण का क्या हाल है?
- एनएचएआई ने जमीन अधिग्रहण के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है, लेकिन निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ।
- प्रतिबंध लागू होने पर मंडार बोर्ड पर क्या स्थिति रही?
- गुजरात से आने वाले भारी वाहनों की कतारें लगीं और उन्हें वहां रोककर वैकल्पिक मार्ग पर भेजा गया।
- पुलिस और प्रशासन ने प्रतिबंध के पालन के लिए क्या कदम उठाए?
- मंडार बोर्ड पर पुलिस जाब्ता तैनात किया गया और एसडीएम ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
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