हिमाचल में अगले दो दिन मौसम रहेगा साफ, फिर बारिश की संभावना
28 सितंबर से चक्रवात सक्रिय होने से मानसून को लेकर अनिश्चितता
हिमाचल प्रदेश में अगले दो दिन मौसम साफ रहेगा लेकिन 28 सितंबर से एक चक्रवात के कारण बारिश की संभावना है। मानसून सीजन में राज्य में सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है और तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक बना हुआ है। अगले सप्ताह भी सामान्य से कम बारिश की संभावना बनी हुई है।
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हिमाचल प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले अगले दो दिन मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 28 सितंबर से एक चक्रवात सक्रिय होने के कारण मानसून की स्थिति को लेकर विशेषज्ञ अनिश्चित हैं। इसके बाद राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।
प्रदेश में अभी भी औसत अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 2.1 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। कई शहरों में यह तापमान सामान्य से लगभग 4 डिग्री तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। केलांग में तापमान 21.2 डिग्री, कल्पा में 24.6 डिग्री और धर्मशाला में 30 डिग्री सेल्सियस है, जो सामान्य से क्रमशः 3.2, 3.3 और 3 डिग्री अधिक है। अगले 48 घंटे के दौरान ज्यादातर शहरों का तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। दो दिन बाद बारिश के साथ दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश हुई है। अगले एक सप्ताह भी सामान्य से कम बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बताया कि मैदानी क्षेत्रों में धूप खिलने से तापमान बढ़ सकता है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह-शाम ठंडक महसूस हो रही है। बीते दिनों हुई बारिश और बर्फबारी के बाद मौसम सुहावना हो गया है। शिमला में अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि ऊना में अधिकतम 34 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस है।
मौसम विभाग ने बताया कि मानसून की वापसी की रेखा पटियाला और गुरदासपुर से होकर गुजर रही है। पंजाब और चंडीगढ़ में अगले 2 से 3 दिन में मानसून की वापसी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। पंजाब में इस बार मानसून 1 जुलाई को पहुंचा था और करीब 82 दिन रहने के बाद इसकी वापसी शुरू हुई है। इस सीजन में पंजाब में सामान्य से 36 फीसदी कम बारिश हुई है। 1 जून से अब तक 267.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 419.2 मिमी होती है।
पंजाब में उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जिससे नमी कम हो रही है। बंगाल की खाड़ी के पास बन रहा डीप डिप्रेशन मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां बनाए रखेगा। 22 सितंबर के पूर्वानुमान में पंजाब के लिए 22 से 28 सितंबर तक कोई चेतावनी नहीं है।
बिजली की मांग पंजाब में 12,334 मेगावाट रही, जबकि राज्य ने 5,229 मेगावाट बिजली पैदा की और ग्रिड से 7,106 मेगावाट बिजली ली गई। तय शेड्यूल 6,672 मेगावाट था, यानी शेड्यूल से 434 मेगावाट अधिक बिजली लेनी पड़ी। भाखड़ा बांध का जलस्तर 1,643.44 फीट रहा, जिसमें 13,891 क्यूसेक पानी आया और 27,617 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हिमाचल प्रदेश में किन इलाकों में तापमान अधिक है?
- केलांग, कल्पा और धर्मशाला में तापमान सामान्य से अधिक है।
- पंजाब में मानसून की वापसी कब शुरू हुई?
- पंजाब में मानसून वापसी करीब 82 दिन बाद शुरू हुई है।
- पंजाब में बिजली की मांग और उत्पादन कैसा रहा?
- पंजाब ने 5,229 मेगावाट बिजली पैदा की, लेकिन 12,334 मेगावाट की मांग थी।
- मौसम विभाग के अनुसार मौसम में आने वाले बदलाव क्या हैं?
- दो दिन बाद बारिश के साथ दिन के तापमान में गिरावट आएगी।
- भाखड़ा बांध का जलस्तर और पानी का प्रवाह कैसा है?
- जलस्तर 1,643.44 फीट और पानी का आने व निकलने का प्रवाह क्रमशः 13,891 एवं 27,617 क्यूसेक है।
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