हनुमानगढ़ में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलन में शिक्षकों ने उठाए मुद्दे
सम्मेलन में थर्ड ग्रेड शिक्षकों के स्थानांतरण व पदोन्नति पर चर्चा हुई
हनुमानगढ़ में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलन में थर्ड ग्रेड शिक्षकों के स्थानांतरण और पदोन्नति के मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए। सम्मेलन में प्रधानाचार्यों ने विद्यालय प्रबंधन और शैक्षिक नवाचारों पर विचार-विमर्श किया, जबकि शिक्षक संघों ने सरकार से आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ में शुक्रवार को जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलन हुआ, जिसमें मंत्री कांवराराम बामणिया ने बड़ी संख्या में प्रधानाचार्यों के विद्यालय प्रबंधन और शैक्षिक नवाचारों पर विचार विमर्श की जानकारी दी। सम्मेलन में थर्ड ग्रेड शिक्षकों के स्थानांतरण और पदोन्नति के मुद्दे प्रमुख रहे।
राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत का यह सम्मेलन लोहा मंडी रोड स्थित एएस लाइब्रेरी में आयोजित हुआ। जयपुर जिलाध्यक्ष अरविन्द कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में संगठन के मुख्य संरक्षक पं. गिरिराज शर्मा और प्रदेश महामंत्री तेजकरण मुंडोतिया मुख्य अतिथि रहे।
सम्मेलन में शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। थर्ड ग्रेड शिक्षकों के स्थानांतरण और पदोन्नति का मामला प्रमुखता से उठा, जिस पर पदाधिकारियों ने सरकार से आवश्यक कार्रवाई की मांग की। शिक्षक हितों के अन्य विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
जिला उपाध्यक्ष विकास शर्मा, प्रदेश सचिव कालूराम दरिया, जिला महामंत्री नरेंद्र कुमार समेत सैकड़ों शिक्षक सम्मेलन में मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष भैरूलाल मेघवाल ने कहा, "संगठन की ताकत शिक्षकों की एकजुटता है।" मंत्री कांवराराम बामणिया ने बताया, "सम्मेलन में बड़ी संख्या में प्रधानाचार्यों ने विद्यालय प्रबंधन व शैक्षिक नवाचारों पर विचार विमर्श किया।"
वक्ताओं ने कहा, "शिक्षक की भूमिका अब केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं है।" पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने और शिक्षक हितों के मुद्दे प्रभावी ढंग से उठाने पर जोर दिया।
शिक्षक संघों के अन्य सम्मेलनों में भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों से शिक्षक शामिल हुए। पदाधिकारियों और शिक्षकों ने समस्याओं को प्रशासनिक स्तर पर उठाने, संगठन के विस्तार और आगामी कार्ययोजना पर सुझाव रखे। प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व सीबीईओ डॉ. श्यामलाल वर्मा ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और जिले स्तर पर समन्वित प्रयासों पर चर्चा की।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का दो दिवसीय जिला शिक्षक सम्मेलन जवाहर राजपूत छात्रावास में शुरू हुआ, जिसमें मुख्य वक्ता बृजमोहन रामदेव ने संत रविदास के जीवन मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया। जिला मंत्री मांगीलाल व प्रदेश प्रतिनिधि राणीदानसिंह भुट्टो ने संगठन की नीतियों पर विचार रखा।
राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद प्रधानाचार्य जिला शाखा जैसलमेर का जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन पीएम श्री अशसागो राउमावि में आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि नाथूराम गर्ग ने अनुशासन, योग व संगठन की एकता पर बल दिया।
शिक्षक संघ अंबेडकर जिला शाखा का दो दिवसीय जिला स्तरीय सम्मेलन मेघवाल समाज भवन डेडानसर रोड पर शुरू हुआ। मुख्य अतिथि सीबीईओ सम रामलाल परिहार ने शिक्षकों से शिक्षण कार्य पूर्ण मनोयोग से करने का आह्वान किया।
जिलाध्यक्ष केसुराम पंवार ने शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले व पदोन्नति का मुद्दा उठाया। जिला मंत्री शिवलाल इणखिया ने मांग पत्र प्रस्तुत किया।
सम्मेलन के अंत में पदाधिकारियों ने भाग लेने वाले शिक्षकों का धन्यवाद किया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- शिक्षकों ने सम्मेलन में किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा की?
- स्थानांतरण, पदोन्नति और गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की मांग प्रमुख थी।
- सम्मेलन में कौन-कौन प्रमुख अतिथि शामिल हुए?
- पं. गिरिराज शर्मा, तेजकरण मुंडोतिया, डॉ. श्यामलाल वर्मा, तथा कई अन्य जिला और प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित थे।
- शिक्षकों की भूमिका के बारे में वक्ताओं का क्या कहना था?
- वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि व्यापक है।
- अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के सम्मेलन में क्या चर्चा हुई?
- मुख्य वक्ता बृजमोहन रामदेव ने संत रविदास के जीवन मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया।
- सम्मेलन में संगठन को लेकर क्या सुझाव दिए गए?
- संगठन के विस्तार, मजबूत बनाने और शिक्षक हितों को प्रभावी ढंग से उठाने पर जोर दिया गया।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद



Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.