राजस्थान में ऑनलाइन खाद बिक्री पर रोक, हनुमानगढ़ में ऑफलाइन जारी
सरकार ने 18 जिलों में डिजिटल खाद बिक्री को तकनीकी खामियों के कारण स्थगित किया
राजस्थान सरकार ने हनुमानगढ़ समेत 18 जिलों में तकनीकी खामियों के कारण ऑनलाइन खाद बिक्री पर रोक लगा दी है और अब खाद की बिक्री ऑफलाइन आधार कार्ड से की जाएगी। सरकार एफएफएस ऐप को अन्य डिजिटल पोर्टलों से जोड़कर सुधार करने की योजना बना रही है, तब तक किसानों को लंबी कतारों में खाद खरीदनी होगी।
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हनुमानगढ़। राजस्थान सरकार ने हनुमानगढ़ सहित 18 जिलों में ऑनलाइन खाद बिक्री व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। तकनीकी खामियों और किसानों की शिकायतों के बाद खाद की बिक्री अब पारंपरिक ऑफलाइन तरीके से आधार कार्ड पर ही होगी।
राज्य में 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक एग्रीस्टेक फार्मर आईडी बनाने और भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल करने का अभियान चलाया जा रहा था। इसी के तहत एफएफएस ऐप के जरिए ऑनलाइन खाद बिक्री शुरू की गई थी। शुरुआत में किसानों की प्रतिक्रिया सकारात्मक थी, लेकिन जल्द ही तकनीकी और व्यावहारिक कमियां सामने आईं।
कृषि विभाग की फीडबैक रिपोर्ट में पाया गया कि एग्रीस्टेक पोर्टल पर सभी भूमि खंड मैप नहीं हैं। इससे किसान फार्मर आईडी की बजाय आधार कार्ड से खाद खरीद रहे थे, जिससे एक आधार कार्ड पर अधिकतम चार बैग खाद ही दी जा रही है। ऐप में बिना जमीन वाले लोग काल्पनिक खसरा नंबर डालकर सब्सिडी वाली खाद खरीद सकते थे, जिससे गांवों में विवाद की स्थिति बनी।
एफएफएस ऐप में यह भी रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा था कि किसान ने कुल कितनी खाद खरीदी है। इस पारदर्शिता की कमी के कारण कुछ लोग दोबारा खाद बुकिंग कर रहे थे, जिससे यूरिया और डीएपी की बड़ी मात्रा में खरीदारी हो गई। विभाग को डर है कि रबी सीजन में खाद की भारी किल्लत हो सकती है।
डीलरों को भी शिकायतें मिलीं कि स्टॉक न होने पर टोकन कट रहे हैं और टोकन की मात्रा में मनमाने बदलाव हो रहे हैं। ऐप में स्क्रीनशॉट लेने का विकल्प बंद होने से किसान अपनी समस्याएं अधिकारियों को नहीं बता पा रहे थे।
सरकार ने इस व्यवस्था पर रोक लगाकर एफएफएस ऐप को ई-धरती, ई-गिरदावरी और जनाधार पोर्टल से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही ई-मित्र को भी इस सिस्टम में शामिल किया जाएगा। जब तक तकनीकी सुधार पूरे नहीं होते, तब तक हनुमानगढ़ सहित 18 जिलों में खाद की बिक्री ऑफलाइन जारी रहेगी।
किसान आधार कार्ड से यूरिया और डीएपी खाद खरीद सकेंगे, लेकिन ऑफलाइन बिक्री के कारण उन्हें लंबी लाइनों में सुबह से शाम तक खड़ा रहना पड़ रहा है। कई बार भूखे रहने के बावजूद खाद नहीं मिल पाती है। कृषि विभाग ने रबी फसलों की बिजाई के दौरान किसानों की दिक्कतें कम करने के लिए मॉनिटरिंग बढ़ा दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ऑनलाइन खाद बिक्री रोकने का मुख्य कारण क्या था?
- तकनीकी खामियों के साथ-साथ किसानों की शिकायतें रोक के प्रमुख कारण थे।
- एफएफएस ऐप में कौन-कौन सी समस्याएं आईं?
- भूमि खंड मैप न होने, काल्पनिक खसरा नंबर और खाद खरीद की रिकॉर्डिंग में कमी जैसी समस्याएं आईं।
- किसानों को ऑफलाइन बिक्री में क्या दिक्कतें हो रही हैं?
- लंबी कतारों में सुबह से शाम तक खड़ा रहना पड़ता है, और कई बार खाद नहीं मिल पाती।
- कृषि विभाग ने किसानों की समस्या कम करने के लिए क्या किया है?
- रबी फसलों की बिजाई के दौरान मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है।
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