जालोर के महाजन से 180 श्रद्धालुओं का बाबा भैरवनाथ धाम के लिए पैदल संघ रवाना
श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की
जालोर जिले के महाजन कस्बे से करीब 180 श्रद्धालुओं का बाबा भैरवनाथ धाम के लिए पैदल संघ रवाना हुआ है, जो गुरुवार सुबह मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेगा। साथ ही पडोसी क्षेत्र से अन्य धार्मिक यात्राएं भी विभिन्न मंदिरों के लिए प्रारंभ हुई हैं। श्रद्धालु यात्रा के दौरान भक्ति एवं सेवा की भावना दिखा रहे हैं।
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जालोर। जालोर जिले के महाजन कस्बे से मंगलवार को करीब 180 श्रद्धालुओं का पैदल संघ तोलियासर स्थित बाबा भैरवनाथ के मुख्य धाम के लिए रवाना हुआ। यात्रा का नेतृत्व तुलसीराम रंगा और फुसराज बोहरा ने किया। श्रद्धालुओं ने बाबा के जयकारों के साथ क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
पैदल यात्रा संघ महाजन कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से बना था। मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ रही और यात्रा के दौरान भक्ति का माहौल बना रहा। संघ गुरुवार सुबह तोलियासर स्थित बाबा भैरवनाथ के मुख्य धाम पहुंचकर विधि-विधान से धोक लगाकर आशीर्वाद लेगा।
इससे पहले चाणोद से कवराड़ा रामदेवरा बाबा रामदेव के दर्शन के लिए पैदल संघ कवराड़ा पहुंचा था, जहां मंदिर परिसर बाबा रामदेव के जयकारों से गूंज उठा।
पालडीजोड़ गांव से सोमवार सुबह 16वां पैदल संघ खंदरा स्थित रामदेवजी मंदिर के लिए रवाना हुआ। इस दौरान खंदरा रामदेव मंदिर के रामनाथ महाराज, श्यामदास महाराज, भक्तराज कैलाश आदिवाल, ग्राम प्रशासक महेंद्रसिंह मेवाड़ा, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष पंकजराज मेवाड़ा समेत प्रबुद्धजन मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं ने खंदरा स्थित रामदेव मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रसादी का आयोजन किया। यात्रा में पंकजराज मेवाड़ा, उमाराम, भगवानाराम, राधेश्याम, मनोज, सन्नू कुमार, कांतिलाल, सुनील, विशाल, गिरधारीलाल कुमावत, जयेश भाटी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे।
महाजन कस्बे के बाबा भैरवनाथ मंदिर से रवाना हुए पैदल संघ में दो समूह थे, एक में 25 और दूसरे में 150 यात्री शामिल थे।
धमाणा गोलियां से भी श्रद्धालुओं का पैदल संघ 21 सितंबर को अंबाजी धाम के दर्शन के लिए रवाना हुआ। मां अम्बे के जयकारों के साथ शुरू हुई यह यात्रा भादवा पूर्णिमा के महामेले के दौरान हो रही है, जिसमें देशभर से श्रद्धालु शामिल होते हैं।
श्रद्धालुओं ने यात्रा में सहयोग और सेवा की भावना भी दिखाई। अंबाजी को मां अम्बे के प्रमुख शक्तिधामों में से एक माना जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- पैदल यात्रा संघ में कौन-कौन शामिल हुए?
- महाजन कस्बे और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु शामिल थे, जिन्होंने खंदरा रामदेव मंदिर और अन्य मंदिरों में पूजा-अर्चना की।
- अंबाजी धाम की यात्रा कब हुई और इसका महत्व क्या है?
- अंबाजी धाम के लिए यात्रा 21 सितंबर को हुई, जो भादवा पूर्णिमा के महामेले के दौरान शुरू हुई, यह तीर्थस्थल मां अम्बे के प्रमुख शक्तिधामों में से एक है।
- रामदेव मंदिरों की यात्राओं के दौरान कौन-कौन उपस्थित थे?
- खंदरा रामदेव मंदिर में रामनाथ महाराज, श्यामदास महाराज, भक्तराज कैलाश आदिवाल, ग्राम प्रशासक महेंद्रसिंह मेवाड़ा और भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष पंकजराज मेवाड़ा समेत प्रबुद्धजन उपस्थित थे।
- भक्ति और पूजा कार्यक्रमों का क्या स्वरूप रहा?
- यात्रा के दौरान भक्तों ने जयकारे लगाए, मंदिर परिसर भक्तों से भरा रहा, और पूजा-अर्चना व प्रसादी आयोजन किया गया।
- यात्रा में सेवा और सहयोग की क्या भूमिका थी?
- श्रद्धालुओं ने यात्रा में सहयोग और सेवा की भावना दिखाई, जिससे यात्रा सफल और सामूहिक शुरू हुई।
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