जेडीयू ने जताई एनडीए के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात
आरजेडी के ऑफर के बीच जेडीयू ने गठबंधन में बदलाव से इनकार किया
जदयू ने स्पष्ट किया है कि वह वर्तमान में एनडीए के साथ मजबूती से खड़ी है और भाजपा से अलग होने का कोई निर्णय नहीं लिया है। आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने नीतीश कुमार से भाजपा छोड़ कर उनके साथ आने की अपील की थी, लेकिन जदयू ने इसे सत्ता में वापसी की कोशिश बताया है। पार्टी के अंदर मुख्यमंत्री पद के उत्तराधिकारी और विधान परिषद सभापति पद को लेकर भी चर्चा जारी है।
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बिहार की राजनीति में फिर से गठबंधन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने नीतीश कुमार से भाजपा का साथ छोड़कर उनके साथ आने की अपील की है। जेडीयू ने इस बयान के बाद स्पष्ट किया है कि वह पूरी मजबूती के साथ एनडीए के साथ खड़ी है।
नीतीश कुमार की राजनीति में गठबंधन बदलने का इतिहास पुराना है। 2013 में उन्होंने भाजपा से करीब 17 साल पुराना गठबंधन तोड़ दिया था। इसके बाद 2017 में आरजेडी के साथ बने महागठबंधन से अलग होकर एनडीए में लौटे। 2022 में भाजपा से रिश्तों में दूरी आई और उन्होंने आरजेडी के साथ सरकार बनाई, लेकिन जनवरी 2024 में फिर एनडीए का रुख कर लिया।
आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने हाल ही में नीतीश कुमार से भाजपा का साथ छोड़कर उनके साथ आने की अपील की और आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ लोग नीतीश को नुकसान पहुंचाने में लगे हैं। इस बयान के बाद जेडीयू ने इसे आरजेडी की सत्ता में वापसी की बेचैनी बताया। पार्टी ने कहा है कि फिलहाल एनडीए से अलग होने का कोई ऐलान नहीं हुआ है।
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी जेडीयू की राजनीति में हलचल जारी है। सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद पार्टी के कुछ नेताओं ने उन्हें नीतीश का उत्तराधिकारी बताया था। अब पार्टी के भीतर निशांत को राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर पेश करने की चर्चा है। विधान परिषद के सभापति पद को लेकर भी जेडीयू की दावेदारी की बात सामने आई है, जबकि फिलहाल यह पद भाजपा के अवधेश नारायण सिंह के पास है।
गंगा जल बंटवारे से जुड़े फरक्का समझौते को लेकर जेडीयू केंद्र पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष रंजन झा इस मुद्दे को उठा रहे हैं और बिहार के गंगा किनारे वाले जिलों का दौरा कर राज्य के हितों से समझौता न करने की बात कह रहे हैं।
भाई वीरेंद्र के बयान ने बिहार की सियासत में पुरानी बहस फिर शुरू कर दी है कि क्या यह केवल आरजेडी की राजनीतिक कोशिश है या आने वाले समय में भाजपा-जेडीयू के रिश्तों में कोई नई तस्वीर बन सकती है। फिलहाल जेडीयू ने एनडीए के साथ मजबूती से खड़े रहने का भरोसा दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भाई वीरेंद्र ने नीतीश कुमार से क्या कहा?
- उन्होंने भाजपा का साथ छोड़कर नीतीश के साथ आने की अपील की और भाजपा के खिलाफ आरोप लगाए।
- जेडीयू के भीतर वर्तमान उत्तराधिकारी को लेकर क्या स्थिति है?
- सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री के बाद उत्तराधिकारी माना गया, लेकिन अब निशांत को उत्तराधिकारी के रूप में पेश करने की चर्चा है।
- गंगा जल बंटवारे को लेकर जेडीयू क्या कर रही है?
- जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष रंजन झा इस मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने उठा रहे हैं और बिहार के गंगा किनारे जिलों का दौरा कर रहे हैं।
- जेडीयू ने आरजेडी के बयान को कैसे देखा?
- पार्टी ने भाई वीरेंद्र के बयान को आरजेडी की सत्ता में वापसी की बेचैनी बताया है।
- वर्तमान में विधान परिषद के सभापति पद पर कौन विराजमान है?
- यह पद फिलहाल भाजपा के अवधेश नारायण सिंह के पास है, जबकि जेडीयू भी इस पद के लिए दावेदारी कर रही है।
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