जोधपुर में लॉरेंस-आरजू गैंग के दो शार्प शूटर पकड़े गए
पंजाब में हत्या के मामलों में वांछित दोनों बदमाशों के पास से 88,100 रुपए नकद बरामद
जोधपुर पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने लॉरेंस-आरजू बिश्नोई गैंग के दो शार्प शूटरों जसकरण सिंह और राजिंदर को गिरफ्तार किया है, जो पंजाब में कई अपराधों के मामले में वांछित थे। इनके कब्जे से नकद, अफीम का दूध, फर्जी पहचान पत्र और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच कर रही है कि वे जोधपुर में किस वारदात की योजना बना रहे थे।
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जोधपुर। जोधपुर में पुलिस ने लॉरेंस-आरजू बिश्नोई गैंग के दो शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है। दोनों पंजाब में हत्या के मामलों में वांछित थे और उनके पास से 88,100 रुपए नकद बरामद हुए। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता मिली।
गिरफ्तारी और कार्रवाई
एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और जोधपुर कमिश्नरेट पुलिस ने संयुक्त रूप से लॉरेंस-आरजू बिश्नोई गैंग के दो शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई एडीजी एटीएस, एजीटीएफ एवं एएनटीएफ दिनेश एमएन के निर्देशन में हुई।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पंजाब में कुल 12 मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी, लूट, चोरी, सामूहिक हिंसा और आर्म्स एक्ट से जुड़े अपराध शामिल हैं। दोनों अबोहर के कपड़ा व्यापारी संजय वर्मा और फाजिल्का में साहिल सेन की हत्या समेत कई मामलों में वांछित थे।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास से कथित फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जसकरण के बैग से 58 ग्राम और राजिंदर के बैग से 25 ग्राम, कुल 83 ग्राम अफीम का दूध भी बरामद हुआ। राजिंदर के कब्जे से एक अवैध रिवॉल्वर भी मिला।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास से कुल 88,100 रुपए नकद बरामद हुए, जिसमें जसकरण के पास 43 हजार रुपए और राजिंदर के पास 45,100 रुपए थे।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने होटल सनसिटी इन के कमरे नंबर 204 में फर्जी पहचान से ठहराव किया था। उन्होंने अपनी पहचान नवीन जाखड़ और आशू चाबड़ा के रूप में बताई थी, लेकिन पूछताछ में असली पहचान सामने आई।
तलाशी और निगरानी
पुलिस ने बताया कि करीब डेढ़ साल से एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स दोनों आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। नेपाल से भारत लौटने के बाद दोनों के राजस्थान में प्रवेश की सूचना पहले ही मिल गई थी।
टीम ने सिरोही से दोनों का पीछा किया और जोधपुर पहुंचने के बाद उनकी लोकेशन की पुष्टि कर कमिश्नरेट पुलिस के सहयोग से होटल में दबिश दी।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पंजाब पुलिस ने 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। दोनों जोधपुर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
पुलिस पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे जोधपुर क्यों आए थे, किस वारदात की तैयारी में थे और गैंग से जुड़े उनके अन्य संपर्क कौन-कौन हैं।
एजीटीएफ की टीमों ने राजस्थान में व्यापारियों को धमकी देने और फिरौती की वारदातों को देखते हुए सक्रिय गिरोहों पर निगरानी बढ़ाई थी। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी इसी निगरानी का परिणाम है।
गिरफ्तार बदमाशों की पहचान जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा (23) निवासी हरसिंह रायनगर, फाजिल्का और राजिंदर उर्फ बिल्ला (23) निवासी बलुआना थाना सदर अबोहर, फाजिल्का के रूप में की गई।
दिनेश एमएन, एडीजी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- गिरफ्तार आरोपियों की असली पहचान क्या है?
- असली पहचान जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा और राजिंदर उर्फ बिल्ला है।
- पकड़ने के लिए पुलिस ने क्या रणनीति अपनाई?
- पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों पर डेढ़ साल नजर रखी और नेपाल से भारत लौटने के बाद उनका पीछा कर जोधपुर में होटल में दबिश दी।
- दोनों आरोपियों के खिलाफ क्या गंभीर मामले दर्ज हैं?
- दोनों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी, लूट, चोरी, सामूहिक हिंसा और आर्म्स एक्ट से जुड़े अपराध दर्ज हैं।
- क्या पुलिस ने आरोपियों के साथ कोई हथियार बरामद किए?
- हां, राजिंदर के कब्जे से एक अवैध रिवॉल्वर भी बरामद हुआ।
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