अलीगढ़ में करणी सेना नेता के साथ सड़क पर मारपीट
दो पक्षों के बीच हुई झड़प में नेता को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया
अलीगढ़ के सिविल लाइन में करणी सेना के जिलाध्यक्ष सचिन राघव के साथ सड़क पर मारपीट हुई, जिसके बाद पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना उस समय हुई जब यूजीसी के विरोध में सवर्ण महापंचायत में जाटव और वाल्मीकि समाज को लेकर विवादित टिप्पणी के कारण माहौल गर्म था। पुलिस आरोपितों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है।
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अलीगढ़ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में करणी सेना के जिलाध्यक्ष सचिन राघव के साथ सड़क पर मारपीट की घटना हुई। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है।
थाना सिविल लाइन के सीओ सर्वम सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र से सूचना मिली कि दो व्यक्तियों के साथ मारपीट की घटना हुई है। स्टेट बैंक के पास दो पक्षों में झड़प हुई, जिसमें करणी सेना के नेता सचिन राघव को भीड़ ने पकड़कर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
पीड़ित सचिन राघव महाराणा प्रताप एन्क्लेव के निवासी हैं और करणी सेना के जिलाध्यक्ष हैं। बुधवार शाम वे अपने छोटे भाई और दोस्त के साथ चाट खा रहे थे, तभी अंबेडकर पार्क की ओर से नारेबाजी करते हुए एक भीड़ वहां पहुंची और सचिन को घेरकर मारपीट शुरू कर दी।
मारपीट करने वाले लोगों ने सचिन को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर थप्पड़ और बेल्ट से मारा। कुछ लोग मारपीट न करने की हिदायत भी देते नजर आए। हमलावरों ने सचिन को खींचकर अंबेडकर पार्क के अंदर ले जाकर उनसे वाल्मीकि समाज और बाबा साहेब आंबेडकर के सम्मान में नारे लगवाए।
सचिन के भाई और दोस्त भी बचाने पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई। पुलिस ने सचिन की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है।
पुलिस ने कहा कि शीघ्र ही उपद्रवी तत्वों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और किसी को भी शांति-व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।
यह घटना उस समय हुई जब यूजीसी के विरोध में आयोजित सवर्ण महापंचायत में जाटव और वाल्मीकि समाज पर विवादित टिप्पणी के बाद माहौल गरम था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मारपीट की घटना कब और कहाँ हुई?
- घटना बुधवार शाम सिविल लाइन थाना क्षेत्र के स्टेट बैंक के पास हुई।
- मारपीट करने वाले लोगों ने किस कारण नारे लगवाए?
- उन्होंने सचिन राघव से वाल्मीकि समाज और बाबा साहेब आंबेडकर के सम्मान में नारे लगवाए।
- क्या सचिन राघव के साथ अन्य लोग भी घायल हुए?
- सचिन के भाई और दोस्त ने उनका बचाव किया, पर उनके साथ भी मारपीट हुई।
- क्या इस घटना का कोई सामाजिक या राजनीतिक संदर्भ है?
- यह घटना यूजीसी विरोधी सवर्ण महापंचायत के बाद जाटव और वाल्मीकि समाज पर विवादित टिप्पणियों के कारण माहौल गर्म होने के बीच हुई।
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