ममता बनर्जी कांग्रेस के बिना तीसरे मोर्चे की तलाश में
2029 लोकसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी और डीएमके के बीच गठबंधन की संभावनाएं
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस को शामिल किए बिना भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ तीसरे मोर्चे की संभावनाओं पर द्रविड़ मुनेत्र कझगम के सांसद कनिमोई से कोलकाता में चर्चा की। वे अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन बनाकर 2029 के लोकसभा चुनाव की रणनीति विकसित कर रही हैं। अभी तक इस गठबंधन की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
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दरअसल। 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले भारत की राजनीति में नए गठबंधन की चर्चा तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम के सांसद कनिमोई से कोलकाता में मुलाकात की, जिसमें कांग्रेस के बिना तीसरे मोर्चे की संभावनाओं पर बात हुई।
ममता बनर्जी और डीएमके सांसद कनिमोई के बीच हुई यह मुलाकात गुरुवार को कोलकाता में हुई। दोनों नेताओं ने कांग्रेस को शामिल न करते हुए भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ क्षेत्रीय दलों के गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा की। हालांकि, इस बैठक में किन मुद्दों पर बात हुई, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।
इससे पहले डीएमके नेता शिवसेना के उद्धव ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले से भी मुलाकात कर चुके हैं। खबर है कि ममता बनर्जी जल्द ही आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल से भी मिल सकती हैं। वे गैर एनडीए पार्टियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखती हैं और कांग्रेस समर्थक नहीं होने वाले इंडिया ब्लॉक के सदस्यों के करीब हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में कांग्रेस और डीएमके लंबे समय तक साथ रहे, लेकिन 2026 के चुनाव के बाद कांग्रेस ने तमिलागा वेत्री कझगम के साथ गठबंधन कर डीएमके से दूरी बना ली। इसके बाद डीएमके ने कांग्रेस पर निशाना साधा और इंडिया गठबंधन से दूरी बनाई।
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की नाराजगी की एक वजह आगामी उपचुनाव में कांग्रेस से सीट शेयरिंग को लेकर असहमति भी बताई जा रही है। ममता ने रेजिनगर सीट पर कांग्रेस से समर्थन मांगा था, जबकि नंदीग्राम सीट छोड़ने की पेशकश की थी, जिसे कांग्रेस ने ठुकरा दिया। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व का मानना था कि यह सही समय नहीं है, इसलिए इस प्रस्ताव पर अभी विचार नहीं किया गया।
साल 2013 में ममता बनर्जी ने कांग्रेस और भाजपा के बिना गठबंधन बनाने की कोशिश की थी। इसके बाद 2018 में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और 2024 से पहले अरविंद केजरीवाल भी ऐसे गठबंधन की कोशिश कर रहे थे।
ममता बनर्जी की यह पहल 2029 लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की ओर इशारा करती है। अभी तक इस गठबंधन की कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ममता बनर्जी ने कांग्रेस को क्यों.exclude किया?
- पश्चिम बंगाल में उपचुनाव के दौरान सीट शेयरिंग को लेकर असहमति एक वजह है।
- डीएमके ने कांग्रेस से दूरी क्यों बनाई?
- 2026 के चुनाव के बाद कांग्रेस ने तमिलागा वेत्री कझगम से गठबंधन कर डीएमके से अलगाव किया।
- मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
- मुलाकात में कांग्रेस को शामिल न करते हुए बीजेपी के खिलाफ गठबंधन की संभावनाएं चर्चा का मुख्य विषय था।
- ममता बनर्जी के अन्य गठबंधन प्रयास कौन से हैं?
- उन्होंने उद्धव ठाकरे, सुप्रिया सुले से मुलाकात की और केजरीवाल से मिलने की योजना है।
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