मायावती ने BSP में ईशान आनंद को आगे किया, आकाश आनंद को पार्टी से हटाया
23 सितंबर को BSP की ऑल इंडिया बैठक में देश और जनहित के मुद्दों पर चर्चा होगी
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आनंद कुमार के परिवार में से केवल ईशान आनंद को पार्टी में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है और आकाश आनंद को पार्टी से हटा दिया गया है। 23 सितंबर को BSP की ऑल इंडिया बैठक बुलाई गई है जिसमें देश और जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।
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बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार के परिवार की भूमिका को लेकर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा है कि अब परिवार में से केवल ईशान आनंद को पार्टी में आगे किया जाएगा और आकाश आनंद को पार्टी से अलग कर दिया गया है। 23 सितंबर को BSP की ऑल इंडिया बैठक बुलाई गई है जिसमें देश और जनहित से जुड़े जरूरी विषयों पर चर्चा होगी।
उन्होंने कहा, "अब इस फैसले में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।"
उन्होंने यह भी कहा कि आकाश आनंद की बहन को भी पार्टी की कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके बजाय, उन्होंने काफी विचार-विमर्श के बाद तय किया है कि आनंद कुमार के परिवार में से ऐसा सदस्य आगे किया जाएगा जो आकाश के रास्ते पर न चले। यदि ईशान आनंद भी पार्टी विरोधी गंभीर कृत्य करते हैं तो उन्हें भी पार्टी से बाहर किया जाएगा और उसके बाद परिवार के किसी अन्य सदस्य को पार्टी में जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
मायावती ने कहा कि उन्होंने भी कांशीराम के पदचिह्नों पर चलते हुए अपना जीवन बहुजन समाज के लिए समर्पित किया है। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के 23 फरवरी 1956 के एक पत्र का जिक्र किया, जिसमें परिवार और संगठन के हितों को अलग रखने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा, "बहुजन समाज ही मेरा असली परिवार है।"
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन के काम में पूरी ताकत से जुटने की अपील की है। 23 सितंबर को बुलाई गई BSP की ऑल इंडिया बैठक में देश और जनहित से जुड़े जरूरी विषयों पर चर्चा होगी।
उनके छोटे भाई आनंद कुमार के आग्रह पर उन्होंने उनके बड़े बेटे आकाश आनंद को राजनीति में आगे किया था
मायावती, BSP राष्ट्रीय अध्यक्ष
उन्हें कुछ दिन पहले पार्टी से अलग करना पड़ा
मायावती, BSP राष्ट्रीय अध्यक्ष
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- ईशान आनंद के लिए क्या शर्तें रखी गई हैं?
- यदि ईशान आनंद भी पार्टी के खिलाफ गंभीर कृत्य करते हैं तो उन्हें भी पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा।
- मायावती ने अपने फैसले को कैसे सही ठहराया?
- मायावती ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के 23 फरवरी 1956 के पत्र का जिक्र करते हुए परिवार और संगठन के हितों को अलग रखने की प्रेरणा बताई।
- 23 सितंबर की BSP मीटिंग में क्या चर्चा होगी?
- देश और जनहित से जुड़े जरूरी विषयों पर बैठकों में चर्चा होगी।
- मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से क्या अपील की है?
- उन्होंने संगठन के काम में पूरी ताकत से जुटने की अपील की है।
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