नागौर में पांच साल से अटकी पदोन्नति पर शिक्षकों ने जताई नाराजगी
शिक्षकों ने तबादला नीति, ग्रामीण भत्ता समेत 11 सूत्रीय मांग पत्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया
नागौर में शिक्षक सम्मेलनों में पांच साल से लंबित पदोन्नति का मुद्दा प्रमुख रहा और शिक्षकों ने पदोन्नति समेत 11 सूत्रीय मांग पत्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया। विभिन्न शिक्षक संघों ने तृतीय वेतन, स्थानांतरण सूची और टीईटी अनिवार्यता जैसे विषयों पर चर्चा की।
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नागौर। नागौर में शनिवार को संपन्न जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलनों में पांच साल से लंबित पदोन्नति का मुद्दा प्रमुख रहा। शिक्षकों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल पदोन्नतियां करने और मांगों के समाधान के लिए सरकार को 11 सूत्रीय मांग पत्र भेजने का निर्णय लिया।
राजधानी में दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलनों का समापन शनिवार को हुआ। अंतिम दिन सभी सम्मेलनों में शिक्षकों की लंबित पदोन्नति (डीपीसी) पर गंभीर चर्चा हुई। राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (रेसा-पी) का सम्मेलन राबाउमा विद्यालय मालवीय नगर में संपन्न हुआ। वहीं, अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ का सम्मेलन गोपालपुरा देवरी स्कूल में प्रदेश अध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुआ।
राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के सम्मेलन में तृतीय वेतन श्रृंखला शिक्षकों की पांच साल से लंबित डीपीसी, टेट अनिवार्यता और स्टाफिंग पैटर्न पर मंथन हुआ। संगठन ने पंचायत चुनाव के बाद स्थानांतरण सूची जारी करने की भी मांग रखी। राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के संरक्षक गिरिश कुमार शर्मा ने सरकार से सभी लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की अपील की।
शेखावत डीडवाना-कुचामन के जिला स्तरीय सम्मेलन का आयोजन शहीद जगदीश सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चावंडिया, मकराना में हुआ, जहां इंकलाब जिंदाबाद के नारों के बीच शिक्षक संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। समारोह की मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य संध्या कुमारी थीं।
प्रवक्ता देवकरण गुर्जर ने बताया कि तबादला नीति, पदोन्नति, ग्रामीण भत्ता और पे-प्रोटेक्शन सहित 11 सूत्रीय मांग पत्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया है। सभाध्यक्ष शशिभूषण शर्मा ने कहा कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों की डीपीसी, टेट अनिवार्यता और स्टाफिंग पैटर्न पर गंभीर चर्चा हुई। शिक्षक नेता गुप्ता ने कहा, "उनका संघर्ष किसी व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि नियमों की स्पष्टता, शिक्षकों के सम्मान और पारदर्शी प्रशासन के लिए है।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- शिक्षकों ने किन अन्य मांगों को शामिल किया है?
- शिक्षकों ने तबादला नीति, ग्रामीण भत्ता और पे-प्रोटेक्शन सहित कई मुद्दों को भी उठाया है।
- शिक्षक संगठनों का आम उद्देश्य क्या है?
- उनका उद्देश्य नियमों की स्पष्टता, शिक्षकों के सम्मान और पारदर्शी प्रशासन स्थापित करना है।
- समारोह की मुख्य अतिथि कौन थीं?
- शहीद जगदीश सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित सम्मेलन की मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य संध्या कुमारी थीं।
- शिक्षक संघों ने स्थानांतरण सूची को लेकर क्या मांग की है?
- राजस्थान शिक्षक संघ ने पंचायत चुनाव के बाद स्थानांतरण सूची जारी करने की मांग की है।
- शिक्षकों ने पदोन्नतियों का समाधान कब करने की मांग की है?
- शिक्षकों ने तत्काल पदोन्नतियां करने और लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है।
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