नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 22,561 करोड़ रुपये का आईपीओ शुरू
17 सितंबर से खुला आईपीओ, 21 सितंबर तक सब्सक्रिप्शन, निवेशकों के लिए 35% आरक्षण
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 22,561 करोड़ रुपये का आईपीओ 17 सितंबर से शुरू हुआ है जो पूरी तरह ऑफर फॉर सेल है, इसलिए कंपनी को इससे कोई पैसा नहीं मिलेगा। इस आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण है और सब्सक्रिप्शन 21 सितंबर तक चलेगा।
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 22,561.57 करोड़ रुपये का आईपीओ 17 सितंबर से शुरू हो गया है। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल है, जिससे एक्सचेंज को कोई पैसा नहीं मिलेगा। सब्सक्रिप्शन 21 सितंबर तक चलेगा और रिटेल निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण रखा गया है।
आईपीओ में कुल 6,746.18 करोड़ रुपये एंकर निवेशकों से पहले ही जुटाए गए हैं। एंकर बुक में 98 म्यूचुअल फंड स्कीम्स और 27 लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां शामिल थीं। कंपनी ने एंकर निवेशकों को 1,785 रुपये प्रति शेयर की दर से 3,77,93,739 इक्विटी शेयर आवंटित किए।
इश्यू का प्राइस बैंड ₹1,785 है, जिसके ऊपरी सिरे पर NSE की मार्केट कैप लगभग ₹4.41 लाख करोड़ होगी। रिटेल निवेशकों को एक लॉट के लिए कम से कम ₹14,280 का निवेश करना होगा, जिसके बाद 8 शेयर के गुणकों में बोली लगाई जा सकती है। कुल इश्यू का 35 प्रतिशत रिटेल निवेशकों के लिए, 50 प्रतिशत क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए और बाकी नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए आरक्षित है।
आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल है, इसलिए इसका पैसा विक्रेता शेयरधारकों को जाएगा, एक्सचेंज को नहीं। विक्रेता शेयरधारकों में एसबीआई, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्रा. लि., एमएस स्ट्रैटेजिक मॉरीशस लि., न्यू इंडिया एश्योरेंस, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।
ब्रोकरेज हाउसों ने आईपीओ पर मिश्रित रुख अपनाया है। जियोजीत ने मीडियम-टू-लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए 'सब्सक्राइब' रेटिंग दी है, जबकि रेलीगेयर ने नियमों, ट्रेडिंग एक्टिविटी और वैल्यूएशन से जुड़े जोखिमों के बीच संतुलन का हवाला देते हुए 'न्यूट्रल' रुख अपनाया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, ₹1,785 पर NSE पोस्ट-इश्यू आधार पर लगभग 42 गुना FY26 एडजस्टेड ईपीएस पर वैल्यू है।
वित्तीय वर्ष 2026 का प्रदर्शन नियामकीय बदलावों और ट्रेडिंग एक्टिविटी में नरमी से प्रभावित हुआ, हालांकि ऑपरेशनल मेट्रिक्स मजबूत बने रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, NSE का मौजूदा ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹160 से ₹170 प्रति शेयर के बीच है, जो इश्यू प्राइस के ऊपरी सिरे से लगभग 9 प्रतिशत की लिस्टिंग प्रीमियम का संकेत देता है। हालांकि, GMP दरें सट्टेबाजी की प्रकृति की होती हैं और असली लिस्टिंग प्राइस इससे अलग हो सकती है।
आईपीओ में हिस्सा लेने वाले पात्र कर्मचारियों को ₹170 प्रति शेयर की छूट मिलेगी। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे शेयर मार्केट में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- आईपीओ के प्राइस बैंड और मार्केट कैप क्या है?
- प्राइस बैंड ₹1,785 है, जिससे NSE की मार्केट कैप लगभग ₹4.41 लाख करोड़ होगी।
- एंकर निवेशकों में कौन-कौन शामिल थे?
- एनएसई के एंकर निवेशकों में 98 म्यूचुअल फंड स्कीम्स और 27 लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां शामिल थीं।
- रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश क्या है?
- रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट का निवेश कम से कम ₹14,280 होगा, इसके बाद 8 शेयर के गुणकों में बोली लगाई जा सकती है।
- आईपीओ से मिले पैसों का उपयोग कैसे होगा?
- पैसे विक्रेता शेयरधारकों को जाएंगे, एनएसई को इस ऑफर फॉर सेल से कोई पैसा नहीं मिलेगा।
- क्या आईपीओ पर कोई विशेष छूट है?
- आईपीओ में भाग लेने वाले पात्र कर्मचारियों को ₹170 प्रति शेयर की छूट मिलेगी।
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