एनएसई आईपीओ में 22,569 करोड़ का ऑफर, निवेशकों के लिए मौका और जोखिम
22 सितंबर को अलॉटमेंट, 24 सितंबर को लिस्टिंग प्रस्तावित, ब्रोकरेज ने दी सलाह
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) का आईपीओ 22,569 करोड़ रुपये के मूल्य पर खुला है, जिसमें मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ शेयर बेच रहे हैं और कंपनी को नई पूंजी नहीं मिलेगी। निवेशक 22 सितंबर को अलॉटमेंट जांच सकते हैं और 24 सितंबर को शेयरों की लिस्टिंग प्रस्तावित है। इस IPO का वैल्यूएशन वित्त वर्ष 2027-28 की अनुमानित कमाई के लगभग 35-38 गुना पर है, जबकि निवेशकों को बाजार जोखिम और कंपनी की कमाई तथा रेगुलेटरी स्थितियों को ध्यान में रखना चाहिए।
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया का सार्वजनिक निर्गम 22,569 करोड़ रुपये के मूल्य पर खुल गया है। निवेशक 22 सितंबर को अलॉटमेंट की स्थिति देख सकेंगे और 24 सितंबर को शेयरों की लिस्टिंग प्रस्तावित है। यह आईपीओ वित्त वर्ष 2027-28 की अनुमानित कमाई के करीब 35 से 38 गुना के मूल्यांकन पर है।
यह आईपीओ ऐसे समय आ रहा है जब डेरिवेटिव ट्रेडिंग वॉल्यूम में गिरावट के कारण निवेशकों में सतर्कता है, जिसका असर पहले ही ऑफर प्राइस पर पड़ा है। मौजूदा शेयरधारक कुल 12.64 करोड़ शेयर बिक्री के लिए पेश कर रहे हैं, जिससे कंपनी को नई पूंजी नहीं मिलेगी। एनएसई आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए 8 शेयरों का एक लॉट तय किया गया है, जिसकी कीमत अपर प्राइस बैंड ₹1,785 के हिसाब से कम से कम ₹14,280 होगी।
ग्रे मार्केट में एनएसई के शेयर लगभग ₹1,945 पर कारोबार कर रहे हैं, जो अपर प्राइस बैंड से लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम में तेजी से बदलाव हो सकता है और यह लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं है।
ब्रोकरेज के अनुसार, एनएसई की कमाई ट्रेडिंग एक्टिविटी, रेगुलेटरी माहौल और निवेशकों की भागीदारी पर निर्भर करेगी। वित्त वर्ष 2024 से एनएसई का कैश मार्केट टर्नओवर में हिस्सा 90 प्रतिशत से अधिक रहा है, जबकि इक्विटी फ्यूचर्स में भी इसकी हिस्सेदारी लगभग पूरी रही है।
एनएसई ने केवल ट्रेडिंग कारोबार तक खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि क्लियरिंग, इंडेक्स, मार्केट डेटा और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां भी इसके कारोबार का हिस्सा हैं। वित्तीय बाजार के विस्तार से एनएसई को लंबी अवधि में फायदा मिल सकता है, लेकिन सरकारी नीतियों और कारोबार के जोखिम भी मौजूद हैं।
ब्रोकरेज ने एनएसई की बाजार में मजबूत स्थिति और बीएसई की तुलना में अपेक्षाकृत कम वैल्यूएशन को इसके प्रमुख पहलुओं में शामिल किया है। एनएसई का वैल्यूएशन वित्त वर्ष 2026 के डायल्यूटेड ईपीएस के आधार पर करीब 40.9 से 42.9 गुना है, जबकि बीएसई का संबंधित पी/ई लगभग 54.28 गुना है।
निवेशकों को कंपनी की कमाई, कारोबार की संरचना, रेगुलेटरी जोखिम और भविष्य की ग्रोथ को भी ध्यान में रखना चाहिए। वित्त वर्ष 2026 में कुछ रेगुलेटरी बदलावों और ट्रेडिंग एक्टिविटी में नरमी का असर पड़ा, लेकिन निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और बाजार में मजबूत उपस्थिति के कारण ऑपरेशनल प्रदर्शन में मजबूती बनी रही।
निवेशक अलॉटमेंट स्टेटस आईपीओ के रजिस्ट्रार और बीएसई की वेबसाइट पर देख सकेंगे। अगर शेयर अलॉट होते हैं तो उन्हें 23 सितंबर को डीमैट अकाउंट में क्रेडिट किए जाने की उम्मीद है। एनएसई के शेयरों की लिस्टिंग 24 सितंबर को प्रस्तावित है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- एनएसई आईपीओ में किसने कुल शेयर बिक्री के लिए पेश किए?
- मौजूदा शेयरधारक कुल 12.64 करोड़ शेयर बिक्री के लिए पेश कर रहे हैं, जिससे कंपनी को नई पूंजी नहीं मिलेगी।
- ग्रे मार्केट में एनएसई के शेयरों की कीमत क्या है?
- ग्रे मार्केट में एनएसई के शेयर लगभग ₹1,945 पर कारोबार कर रहे हैं, जो अपर प्राइस बैंड से लगभग 9 प्रतिशत अधिक है।
- एनएसई की आय किस पर निर्भर करती है?
- एनएसई की कमाई ट्रेडिंग एक्टिविटी, रेगुलेटरी माहौल और निवेशकों की भागीदारी पर निर्भर करती है।
- एनएसई का कारोबार केवल ट्रेडिंग तक ही सीमित है?
- एनएसई ने क्लियरिंग, इंडेक्स, मार्केट डेटा और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां भी अपने कारोबार में शामिल की हैं।
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